बिहार के साइबर क्राइम गिरोह ने 3.5 करोड़ की ठगी की फर्जी खाद फ्रेंचाइजी से
अडिलाबाद पुलिस ने बिहार के 5 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जो फर्जी खाद फ्रेंचाइजी वेबसाइट से देशभर के 498 लोगों को ठग रहे थे।
अडिलाबाद जिले की जयनाथ पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय साइबर क्राइम गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कथित तौर पर एक खाद कंपनी के फ्रेंचाइजर होने का नाटक करके पीड़ितों से करीब 3.5 करोड़ रुपये की ठगी की। जांचकर्ताओं ने इन्हें देशभर की 498 शिकायतों से जोड़ा है।
गिरफ्तार लोगों में अभिषेक कुमार उर्फ सौरव, अभिनाश कुमार, रितेश कुमार (तीनों 24 साल), आशुतोष कुमार उर्फ बब्लू (33 साल) और निशु कुमार (25 साल) शामिल हैं—सभी बिहार के रहने वाले हैं। पुलिस ने शुक्रवार को की गई कार्रवाई में 10 मोबाइल फोन और 70,000 रुपये नकद बरामद किए।
फर्जी फ्रेंचाइजी पोर्टल में फंसाए सैकड़ों लोग
गिरोह ने एक नकली वेबसाइट बनाई थी जो खाद कंपनी की फ्रेंचाइजी देने की पेशकश करती थी और आवेदकों से आधार और पैन की जानकारी, फोटो और बैंक खाते की डिटेल जैसी निजी जानकारी जुटाई। इसके बाद उन्होंने सर्विस चार्ज, लाइसेंस फीस और ट्रेड ट्रांसफर फीस के नाम पर किस्तों में पैसे वसूले, अडिलाबाद के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अखिल महाजन ने बताया।
तेलंगाना में आरोपियों के खिलाफ करीब 90 शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि बाकी दूसरे राज्यों से आईं। ग्रुप ने कथित तौर पर एक समानांतर लोन स्कीम भी चलाई थी जिसमें सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये की ठगी की।
अडिलाबाद के पीड़ित से शुरू हुई तफ्तीश
गिरफ्तारी जयनाथ पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की विस्तृत जांच के बाद हुई। अडिलाबाद जिले के मंडागाडा गांव के रहने वाले गणेश ने 3,85,725 रुपये गंवाए जब आरोपियों ने उन्हें खाद कंपनी की फ्रेंचाइजी देने का वादा किया। पैसे मिलने के बाद जब उन्होंने उसके कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया, तो उसने पुलिस से संपर्क किया।
आगे की जांच में पता चला कि गिरोह ने कथित धोखाधड़ी से कमाए गए पैसों में से करीब 8 लाख रुपये बैंक खातों और स्टॉक मार्केट के शेयरों में लगाए थे, जिन्हें अब प्रक्रिया के मुताबिक फ्रीज कर दिया गया है, श्री महाजन ने कहा।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिहार के साइबर क्राइम गिरोह ने कितने लोगों को ठगा?
बिहार बेस्ड इस गिरोह ने देशभर में 498 शिकायतें दर्ज करवाई हैं। तेलंगाना में अकेले करीब 90 शिकायतें हुई हैं। गिरोह ने लगभग 3.5 करोड़ रुपये की कुल ठगी की है।
यह गिरोह लोगों को कैसे ठगता था?
गिरोह ने एक नकली वेबसाइट बनाई जो खाद कंपनी की फ्रेंचाइजी देने की पेशकश करती थी। उन्होंने लोगों से आधार, पैन, फोटो और बैंक डिटेल मांगे, फिर सर्विस चार्ज, लाइसेंस फीस और ट्रेड ट्रांसफर फीस के नाम पर किस्तों में पैसे वसूले।
कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
अडिलाबाद पुलिस ने इस गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया। ये सभी बिहार के रहने वाले थे—अभिषेक कुमार, अभिनाश कुमार, रितेश कुमार, आशुतोष कुमार और निशु कुमार।
पुलिस को इस गिरोह का पता कैसे चला?
मंडागाडा गांव के गणेश ने 3,85,725 रुपये गंवाने के बाद पुलिस से शिकायत की। उन्हें खाद कंपनी की फ्रेंचाइजी का वादा दिया गया था, लेकिन पैसे मिलने के बाद अपराधी उनका कॉल और व्हाट्सऐप नहीं उठाते थे।
गिरोह ने ठगी के पैसों का क्या किया?
जांच में पता चला कि गिरोह ने ठगी से कमाए गए करीब 8 लाख रुपये बैंक खातों और स्टॉक मार्केट के शेयरों में लगाए थे। पुलिस ने इन सभी को फ्रीज कर दिया है।
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