बिहार-झारखंड में तिरंगा यात्रा में हजारों लोगों की भागीदारी
बिहार और झारखंड में तिरंगा यात्रा में हज़ारों लोग शामिल 2026 के स्वतंत्रता दिवस पर बिहार और झारखंड में तिरंगा यात्रा के ज़रिए देशभक्ति का ज़बरदस्त नज़ारा देखने को मिला।
2026 के स्वतंत्रता दिवस पर बिहार और झारखंड में तिरंगा यात्रा के ज़रिए देशभक्ति का ज़बरदस्त नज़ारा देखने को मिला। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत हुई इस यात्रा में हज़ारों लोग शामिल हुए। छात्रों, राजनीतिक नेताओं और आम जनता ने तिरंगा लेकर "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" जैसे नारे लगाए। इस यात्रा का मकसद राष्ट्रीय एकता और गर्व को बढ़ावा देना था।
मुगेर में बिहार के मुख्यमंत्री ने किया नेतृत्व
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। नंदलाल बोस, बाबा साहेब अंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने तिरंगे को भारत की एकता, अखंडता और गर्व का प्रतीक बताया। चौधरी ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को एक जन आंदोलन बनाने और देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने की अपील की। इस यात्रा में कई मंत्री, विधायक, एमएलसी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया। उन्होंने उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र के मोहीउद्दीननगर से मोरवा तक मोटरसाइकिल रैली का नेतृत्व किया। राय ने इस अभियान की सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का नतीजा बताया, जिसने जनता को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
झारखंड में नेताओं और सीआरपीएफ की रैली ने बढ़ाई रौनक
झारखंड में बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मेदिनीनगर में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। उनके साथ पलामू सांसद बीडी राम, चतरा सांसद कालीचरण सिंह और अन्य नेता शामिल हुए। वहीं, 209 कोबरा बटालियन (सीआरपीएफ) ने खूंटी जिले से मोटरसाइकिल रैली निकाली, जो रांची होते हुए स्थानीय स्कूलों तक पहुंची। हर पड़ाव पर कोबरा जवानों ने छात्रों से बातचीत की, उन्हें राष्ट्रीय ध्वज और चॉकलेट बांटी और नागरिक जिम्मेदारियों व तिरंगे का सम्मान करने की अहमियत बताई।
पुलिस बलों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झारखंड के नौ पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। वहीं, बिहार पुलिस को राष्ट्रपति का प्रतिष्ठित कलर अवॉर्ड मिला। राज्य के 18 पुलिसकर्मियों को वीरता, सराहनीय और विशिष्ट सेवा पदक दिए जाएंगे। सात अधिकारियों को राज्य सरकार की तरफ से ₹51,000 का इनाम भी मिलेगा। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने इस सम्मान को राज्य पुलिसकर्मियों की मेहनत और समर्पण का प्रमाण बताया।
क्यों है ये अहम
तिरंगा यात्रा और इससे जुड़े अभियान देश में राष्ट्रीय एकता और गर्व को बढ़ावा देने की कोशिशों को दिखाते हैं। राजनीतिक नेताओं, सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा बलों की सक्रिय भागीदारी से यह पहल देशभक्ति और नागरिक जिम्मेदारी को मजबूत करने की एक सामूहिक कोशिश को दर्शाती है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तिरंगा यात्रा कब हुई?
तिरंगा यात्रा 2026 के स्वतंत्रता दिवस पर हुई।
इस तिरंगा यात्रा का उद्देश्य क्या था?
इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और गर्व को बढ़ावा देना था।
बिहार के मुख्यमंत्री ने तिरंगा यात्रा का नेतृत्व कहाँ किया?
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया।
झारखंड में तिरंगा यात्रा में कौन-कौन शामिल हुआ?
झारखंड में बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी और अन्य नेता शामिल हुए।
स्वतंत्रता दिवस पर झारखंड में पुलिस अधिकारियों को क्या सम्मान मिला?
झारखंड के नौ पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।
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