बिहार में अवैध खनन रोकने के लिए बनेगी खास फोर्स
बिहार में अवैध खनन रोकने के लिए बनेगी खास फोर्स, 1,000 सिपाही होंगे भर्ती बिहार सरकार ने अवैध खनन, खनिजों की ढुलाई और भंडारण पर लगाम लगाने के लिए एक खास फोर्स बनाने का ऐलान किया है।
बिहार सरकार ने अवैध खनन, खनिजों की ढुलाई और भंडारण पर लगाम लगाने के लिए एक खास फोर्स बनाने का ऐलान किया है। खनन और भूविज्ञान मंत्री प्रमोद कुमार ने गुरुवार को बताया कि विभाग 1,000 सिपाहियों की भर्ती करेगा, जिन्हें "खाना सिपाही" कहा जाएगा। इन सिपाहियों की भर्ती के लिए प्रस्ताव तैयार हो चुका है और प्रक्रिया संबंधित आयोग के जरिए होगी।
पारदर्शिता और कुशलता बढ़ाने की कोशिश
मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि इस खास फोर्स के बनने से खनन कार्यों में पारदर्शिता आएगी और छापेमारी के लिए स्थानीय पुलिस पर निर्भरता कम होगी। अभी तक विभाग को छापेमारी के लिए जिला पुलिस पर निर्भर रहना पड़ता है, जो पहले से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के काम में व्यस्त रहती है। नई फोर्स से विभाग स्वतंत्र रूप से छापेमारी कर सकेगा। उन्होंने कहा, "इससे जिला प्रशासन पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जो पहले से ही कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी निभा रहा है।"
राजस्व में बढ़ोतरी और सख्ती
यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब खनन और भूविज्ञान विभाग के राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों में विभाग ने ₹790.23 करोड़ का राजस्व जुटाया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹590.12 करोड़ था। विभाग ने सख्ती बढ़ाते हुए इस साल जुलाई तक 16,861 छापे मारे। इन कार्रवाइयों में 278 गिरफ्तारियां हुईं, 2,497 गाड़ियां जब्त की गईं और ₹32.64 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।
इस कदम की अहमियत
बिहार में अवैध खनन लंबे समय से सरकार और संसाधन प्रबंधन के लिए चुनौती बना हुआ है। खास फोर्स बनाकर राज्य सरकार इन समस्याओं को प्रभावी ढंग से हल करना चाहती है। इससे प्रशासनिक बोझ कम होगा और राजस्व संग्रह में और बढ़ोतरी होगी। यह कदम खनिज क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सक्रिय पहल है।
भर्ती प्रक्रिया, पात्रता और ट्रेनिंग से जुड़ी जानकारी फिलहाल तैयार की जा रही है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिहार सरकार अवैध खनन रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है?
बिहार सरकार 1,000 सिपाहियों की भर्ती करके एक खास फोर्स बनाने जा रही है, जिन्हें 'खाना सिपाही' कहा जाएगा। यह फोर्स अवैध खनन, खनिजों की ढुलाई और भंडारण पर लगाम लगाएगी।
इस खास फोर्स से क्या फायदे होंगे?
इससे खनन कार्यों में पारदर्शिता आएगी। विभाग को अब छापेमारी के लिए जिला पुलिस पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे स्थानीय पुलिस अपने अन्य महत्वपूर्ण काम पर ध्यान दे सकेगी।
पिछले महीनों में खनन विभाग ने क्या कार्रवाई की है?
जुलाई तक विभाग ने 16,861 छापे मारे हैं, जिनमें 278 गिरफ्तारियां हुईं, 2,497 गाड़ियां जब्त की गईं और ₹32.64 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।
खनन विभाग का राजस्व कितना बढ़ा है?
इस साल के पहले चार महीनों में विभाग ने ₹790.23 करोड़ का राजस्व जुटाया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹590.12 करोड़ था। यानी करीब ₹200 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।
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