बिहार में चार नए अल्पसंख्यक आवासीय स्कूल अगस्त से शुरू होंगे
बिहार में चार नए अल्पसंख्यक आवासीय स्कूल अगस्त से शुरू होंगे बिहार सरकार ने घोषणा की है कि राज्य में चार नए अल्पसंख्यक आवासीय स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां 17 अगस्त 2026 से शुरू होंगी।
बिहार सरकार ने घोषणा की है कि राज्य में चार नए अल्पसंख्यक आवासीय स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां 17 अगस्त 2026 से शुरू होंगी। इसके साथ ही राज्य में ऐसे स्कूलों की कुल संख्या बढ़कर छह हो जाएगी। यह जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री मोहम्मद जामा खान ने शुक्रवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
अल्पसंख्यक शिक्षा के ढांचे का विस्तार
नए स्कूल जमुई, नालंदा, कैमूर और मुजफ्फरपुर जिलों में बनाए गए हैं। ये दरभंगा और किशनगंज में पहले से चल रहे दो अल्पसंख्यक आवासीय स्कूलों में शामिल होंगे। यह पहल 2018-19 में शुरू की गई “बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय स्कूल योजना” का हिस्सा है। इस योजना के तहत सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के हर जिले में कम से कम एक अल्पसंख्यक आवासीय स्कूल स्थापित किया जाए।
इन स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के मेधावी अल्पसंख्यक छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली आवासीय शिक्षा दी जाती है। यहां मुफ्त रहने-खाने की सुविधा और किताबें भी दी जाती हैं। इन स्कूलों का मकसद अल्पसंख्यक समुदायों को बेहतर शैक्षिक अवसर प्रदान करना है।
शिक्षकों की भर्ती और स्टाफ का विस्तार
इन स्कूलों के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से TRE 4.0 पहल के तहत 288 शिक्षकों की भर्ती का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, राज्य में कुल 13 अल्पसंख्यक आवासीय स्कूलों को चलाने के लिए 481 शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ के पदों को मंजूरी दी गई है।
शिक्षा में व्यापक सुधार
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सीमावर्ती जिलों में मदरसों की शिक्षा को आधुनिक बनाने पर भी काम कर रहा है। मौलाना मजहरुल हक अरबी और फारसी विश्वविद्यालय और बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के साथ साझेदारी के जरिए ऑनलाइन और स्मार्ट क्लासेस शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा, नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (NSIC) के साथ मिलकर कौशल विकास प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं। अब मदरसा छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और गणित जैसे मुख्यधारा के विषय पढ़ाए जा रहे हैं ताकि वे नौकरी के बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकें।
इसकी अहमियत
अल्पसंख्यक आवासीय स्कूलों का विस्तार बिहार में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा तक पहुंच और गुणवत्ता सुधारने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है। आधुनिक पाठ्यक्रम और कौशल विकास कार्यक्रमों को शामिल कर, राज्य छात्रों को शैक्षणिक और व्यावसायिक सफलता के लिए तैयार करना चाहता है। सभी जिलों में ऐसे स्कूल खोलने की योजना के साथ, यह पहल समावेशी विकास की एक दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाती है।
यह कदम बिहार में शैक्षिक असमानताओं को दूर करने और अल्पसंख्यक युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
स्रोत: The Hindu
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