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ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता को "बेमिसाल" बताया

चुनाव आयोग की पारदर्शिता बेमिसाल: ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग की पारदर्शिता "बेमिसाल": ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता को लेकर कहा कि मतदाता सूची तैयार करने

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चुनाव आयोग की पारदर्शिता "बेमिसाल": ज्ञानेश कुमार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता को लेकर कहा कि मतदाता सूची तैयार करने में आयोग की प्रक्रिया "बेमिसाल" है। बुधवार को वॉटर वर्क्स क्रॉसिंग के पास अग्रवन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये बात कही। उन्होंने चुनाव के दौरान आयोग के कामकाज के पैमाने पर जोर दिया और लोगों से आयोग की डिजिटल पहल का हिस्सा बनने की अपील की।

दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र चुनाव आयोग की निगरानी में
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि भारत, जहां 95 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग हर कदम पर पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, खासकर मतदाता सूची तैयार करने में, जो देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।

700 मिलियन मतदाताओं की विशेष गहन समीक्षा पूरी
विशेष गहन समीक्षा (SIR) को लेकर जानकारी देते हुए कुमार ने बताया कि अब तक करीब 70 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच पूरी हो चुकी है। बाकी 35 करोड़ मतदाताओं की जांच चल रही है। मतदाता सूची को अंतिम रूप देने से पहले सरकारी अधिकारी रिकॉर्ड की पुष्टि करते हैं और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची की जांच के लिए बुलाया जाता है, ताकि सटीकता और निष्पक्षता बनी रहे।

1951 से डिजिटल डेटा उपलब्ध
कुमार ने लोगों से ECI Net मोबाइल ऐप डाउनलोड करने की अपील की। इस ऐप के जरिए चुनाव आयोग की जानकारी और 1951 से अब तक का चुनावी डेटा देखा जा सकता है। इस पहल का मकसद चुनावी डेटा को ज्यादा सुलभ बनाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता की भागीदारी बढ़ाना है।

इसकी अहमियत
चुनाव आयोग की पारदर्शिता और मतदाता सूची तैयार करने की सटीक प्रक्रिया भारत की चुनावी प्रणाली में भरोसा बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। लोकसभा चुनावों में करीब 18 लाख कर्मचारी शामिल होते हैं, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभियानों में से एक है। कुमार के बयान इस बात पर जोर देते हैं कि जनता की भागीदारी और तकनीकी का इस्तेमाल भारत के लोकतंत्र को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

स्रोत: The Hindu

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