दिल्ली पुलिस ने दंगा केस में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत का किया विरोध
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली दंगा साजिश मामले के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं का जोरदार विरोध किया है।
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली दंगा साजिश मामले के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं का जोरदार विरोध किया है। 27 अगस्त को अदालत में दाखिल अपने जवाब में पुलिस ने दोनों आरोपियों को मामले में अहम किरदार बताते हुए कहा है कि उनकी रिहाई से चल रही सुनवाई और गवाहों पर असर पड़ सकता है।
पुलिस ने अदालत को बताया कि उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ दंगा भड़काने की कथित साजिश से जुड़े पर्याप्त सबूत हैं। दोनों के खिलाफ यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, ट्रायल के दौरान अभी कई गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं और ऐसे में आरोपियों की रिहाई से गवाहों पर दबाव बनने का खतरा है।
अपने जवाब में दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि मामले में साक्ष्य और गवाहों की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। उमर खालिद और शरजील इमाम दोनों ही मामले में अहम गवाहों के बयान और अन्य सबूतों से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी हवाला दिया जिसमें जमानत के लिए कानूनी कसौटियों का जिक्र किया गया था। पुलिस का कहना है कि यूएपीए के मामलों में जमानत देते समय अदालत को यह देखना जरूरी होता है कि पहली नजर में आरोप सही लगते हैं या नहीं।
पुलिस ने हाईकोर्ट से दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज करने का आग्रह किया है। उसका तर्क है कि इस स्तर पर रिहाई से मामले की सुनवाई प्रभावित हो सकती है और जांच प्रक्रिया में दिक्कत आ सकती है। दोनों आरोपी लंबे समय से जेल में हैं और अपनी रिहाई के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के बाद पुलिस ने कथित बड़ी साजिश की जांच के तहत कई लोगों को आरोपी बनाया था। उमर खालिद और शरजील इमाम इसी मामले में गिरफ्तार हैं। मामले में अभी तक अंतिम फैसला नहीं आया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने क्या आरोप लगाए हैं?
दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ दंगा भड़काने की कथित साजिश से जुड़े आरोप लगाए हैं। उनके खिलाफ UAPA और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज है।
पुलिस ने उनकी जमानत के खिलाफ क्या तर्क दिया है?
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी मामले में अहम किरदार हैं और उनकी रिहाई से चल रही सुनवाई और गवाहों पर असर पड़ सकता है। उनका तर्क है कि ट्रायल के दौरान अभी कई गवाहों के बयान बाकी हैं और आरोपियों की रिहाई से गवाहों पर दबाव बनने का खतरा है।
ये दंगे कब हुए थे और कहां?
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे हुए थे। इसके बाद पुलिस ने कथित बड़ी साजिश की जांच के तहत कई लोगों को आरोपी बनाया था।
हाईकोर्ट में पुलिस ने क्या मांग की है?
दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज करने का आग्रह किया है। पुलिस का कहना है कि इस स्तर पर रिहाई से मामले की सुनवाई प्रभावित हो सकती है।
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