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क्या लॉर्ड्स ODI रोहित शर्मा का आखिरी मैच होगा? रिपोर्ट और आधिकारिक स्थिति

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इंग्लैंड सीरीज के बाद चयनकर्ता रोहित शर्मा से आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन BCCI या रोहित ने वनडे संन्यास का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।

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रोहित शर्मा 19 जुलाई को लॉर्ड्स के मैदान पर उतरेंगे तो यह भारत के लिए उनका आखिरी वनडे हो सकता है। इस संभावना ने भारतीय क्रिकेट में भावुक बहस छेड़ दी है, लेकिन सबसे जरूरी बात साफ है: अभी तक न तो BCCI ने कोई आधिकारिक ऐलान किया है और न ही रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है।

चर्चा तब तेज हुई जब द इंडियन एक्सप्रेस ने 16 जुलाई को रिपोर्ट किया कि सीनियर चयन समिति इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के बाद रोहित से आगे बढ़ना चाहती है। रिपोर्ट में बोर्ड के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि चयनकर्ता 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी शुरू करना चाहते हैं और यशस्वी जायसवाल जैसे युवा ओपनर को लगातार मौके देने के पक्ष में हैं। इसके बाद कई दूसरे राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी इसी संभावना पर खबरें प्रकाशित कीं।

इसलिए लॉर्ड्स का मुकाबला बड़ा और भावुक मौका बन सकता है, लेकिन इसे अभी पक्की विदाई कहना सही नहीं होगा। जब तक रोहित खुद कुछ नहीं कहते या BCCI आधिकारिक बयान जारी नहीं करता, तब तक इसे मीडिया रिपोर्ट ही माना जाना चाहिए।

रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है?

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चयन समिति ने इंग्लैंड दौरे के आखिरी दौर से पहले रोहित और हेड कोच गौतम गंभीर से बात की। दावा है कि समिति 2027 विश्व कप की योजना में रोहित की जगह युवा टॉप ऑर्डर तैयार करना चाहती है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि संन्यास का ऐलान करने या नहीं करने का फैसला रोहित पर छोड़ा गया है।

इस खबर का संदर्भ समझना जरूरी है। रोहित अब भारत के वनडे कप्तान नहीं हैं और शुभमन गिल टीम की कमान संभाल रहे हैं। रोहित दो अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट पहले ही छोड़ चुके हैं। उन्होंने 2024 टी20 विश्व कप में भारत को चैंपियन बनाने के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था और मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कहा था। अब वे केवल वनडे फॉर्मेट में भारत के लिए खेल रहे हैं।

यानी चयन का सवाल केवल एक सीरीज या कुछ कम स्कोर का नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि क्या 39 साल के रोहित 2027 विश्व कप की योजना में मुख्य भूमिका निभा सकते हैं, जब टूर्नामेंट के समय उनकी उम्र 40 साल होगी।

क्या पक्का है और क्या अभी साफ नहीं?

तीन बातें पक्की हैं। पहली, रोहित इंग्लैंड में खेल रही मौजूदा भारतीय वनडे टीम का हिस्सा हैं। दूसरी, सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 19 जुलाई को लॉर्ड्स में होना है। तीसरी, उनके संन्यास को लेकर अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।

जो बातें अभी साफ नहीं हैं, उनमें चयनकर्ताओं के साथ हुई बताई जा रही निजी बातचीत, 2027 विश्व कप के लिए टीम की आखिरी योजना और रोहित का अपना फैसला शामिल है। चयन की योजना फॉर्म, फिटनेस, टीम बैलेंस और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन के हिसाब से बदल सकती है।

इसलिए सबसे सही बात यही है कि रोहित के वनडे भविष्य पर गंभीर चर्चा चल रही है। लॉर्ड्स को उनका पक्का आखिरी मैच बताना अभी उपलब्ध जानकारी से आगे निकल जाना होगा।

2027 विश्व कप के कारण क्यों बढ़ा दबाव?

विश्व कप की टीम आखिरी महीनों में तैयार नहीं होती। भारत को अभी से तय करना होगा कि ओपनिंग कौन करेगा, कप्तानी किसके पास रहेगी और दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की परिस्थितियों में बल्लेबाजी का तरीका क्या होगा। युवा ओपनिंग जोड़ी को साथ खेलने और अलग-अलग हालात समझने के लिए काफी मुकाबले चाहिए।

यशस्वी जायसवाल लंबे समय के लिए बड़े दावेदार हैं। शुभमन गिल कप्तान होने के साथ खुद भी स्थापित ओपनर हैं। दूसरी ओर रोहित के पास बड़े टूर्नामेंट का ऐसा अनुभव है, जिसकी जगह भरना आसान नहीं। चयनकर्ताओं को अनुभव और भविष्य के बीच संतुलन बनाना होगा।

रोहित को बनाए रखने की सबसे बड़ी वजह उनका वनडे खेल पढ़ना है। वे नई गेंद के सामने समय ले सकते हैं और सेट होने के बाद कुछ ही ओवरों में मैच का रुख बदल देते हैं। बदलाव के पक्ष में दलील यह है कि युवा खिलाड़ियों को लगातार मौके दिए बिना विश्व कप के लिए मजबूत टीम तैयार नहीं हो सकती।

मिडिल ऑर्डर की परेशानी से महान ओपनर बनने तक

रोहित ने जून 2007 में आयरलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था। उसी साल वे टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी बने। शुरुआती कई वर्षों तक उन्हें मिडिल ऑर्डर में अलग-अलग नंबरों पर मौका मिला और उनका करियर लगातार ऊपर-नीचे होता रहा। प्रतिभा सबको दिखती थी, लेकिन लगातार बड़े रन नहीं आ रहे थे।

2013 में महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें वनडे में ओपनिंग की जिम्मेदारी दी। यही फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ बना। नई गेंद को समझने के लिए समय, पारी बनाने की आजादी और सेट होने के बाद तेज रन बनाने की क्षमता ने रोहित को पूरी तरह बदल दिया।

वे ऐसे बल्लेबाज बने जो शुरुआत में संभलकर खेलते थे, लेकिन एक बार लय में आने के बाद गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना बेहद मुश्किल हो जाता था। इसी अंदाज ने “हिटमैन” नाम को उनकी बल्लेबाजी की पहचान बना दिया।

264 रन और तीन दोहरे शतक

रोहित का सबसे बड़ा रिकॉर्ड 13 नवंबर 2014 को ईडन गार्डन्स में बना। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 264 रन की पारी खेली, जो आज भी पुरुष वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। उनकी पारी में 33 चौके और नौ छक्के शामिल थे।

वे वनडे में तीन दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209, श्रीलंका के खिलाफ 264 और फिर श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 208 रन बनाए। 50 ओवर के मैच में एक दोहरा शतक भी बहुत मुश्किल माना जाता है; रोहित ने यह कारनामा तीन बार किया।

2019 विश्व कप का ऐतिहासिक प्रदर्शन

2019 वनडे विश्व कप में रोहित ने एक ही टूर्नामेंट में पांच शतक लगाए। यह विश्व कप के एक संस्करण में किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा शतक हैं। वे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे और कई बड़े मुकाबलों में भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई।

2023 विश्व कप में उनकी भूमिका अलग थी। कप्तान और ओपनर के तौर पर उन्होंने पावरप्ले में तेज हमला किया और खुद जल्दी आउट होने का जोखिम लेकर मिडिल ऑर्डर के लिए रास्ता आसान बनाया। भारत लगातार दस मैच जीतकर फाइनल में पहुंचा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार गया। ट्रॉफी नहीं मिली, फिर भी रोहित का आक्रामक तरीका उस टीम की पहचान बन गया।

कप्तानी और ICC ट्रॉफियां

रोहित ने भारत को 2024 टी20 विश्व कप जिताया और इसके बाद 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भी टीम को चैंपियन बनाया। मुंबई इंडियंस के साथ पांच IPL खिताब जीतकर वे पहले ही अपनी कप्तानी साबित कर चुके थे।

उनकी कप्तानी की खासियत खिलाड़ियों को साफ भूमिका देना और दबाव में शांत रहना रही। यही अनुभव चयन के सवाल को मुश्किल बनाता है। युवा खिलाड़ियों के लिए जगह बनाना जरूरी हो सकता है, लेकिन साथ ही टीम एक ऐसे खिलाड़ी को खोएगी जो बड़े नॉकआउट मुकाबलों और भारतीय टीम के भारी दबाव को बहुत करीब से जानता है।

लॉर्ड्स में विदाई हुई तो क्यों होगा खास पल?

लॉर्ड्स को क्रिकेट का सबसे मशहूर मैदान माना जाता है। अगर 19 जुलाई का मैच सचमुच रोहित का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बनता है, तो उनकी विदाई एक ऐतिहासिक जगह पर होगी। जिस खिलाड़ी का करियर लंबे समय तक अनिश्चित रहा, वही आगे चलकर वनडे क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में शामिल हुआ।

लेकिन खेल में हर कहानी तय तरीके से खत्म नहीं होती। चयनकर्ता फैसला बदल सकते हैं, खिलाड़ी आगे खेलना चुन सकता है और एक बड़ी पारी पूरी बहस का रुख बदल सकती है। यही अनिश्चितता लॉर्ड्स के मुकाबले को और बड़ा बना रही है।

निष्कर्ष: अभी संन्यास नहीं, भविष्य पर गंभीर सवाल

भरोसेमंद रिपोर्टिंग में कहा गया है कि चयनकर्ता रोहित शर्मा के बाद की टीम पर विचार कर रहे हैं और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मुकाबला हो सकता है। साथ ही यह भी उतना ही सच है कि संन्यास की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खबर लिखते समय दोनों बातें साथ रखना जरूरी है।

फिलहाल रोहित सक्रिय वनडे खिलाड़ी हैं। वे लॉर्ड्स के बाद संन्यास लेते हैं, अगली सीरीज तक खेलते हैं या 2027 विश्व कप तक पहुंचने की कोशिश करते हैं, इसका जवाब आधिकारिक ऐलान और आगे होने वाले चयन से मिलेगा। नतीजा जो भी हो, तीन दोहरे शतक, 264 रन का रिकॉर्ड, 2019 विश्व कप के पांच शतक और ICC ट्रॉफी जीतने वाली कप्तानी उन्हें भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में हमेशा शामिल रखेगी।

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