कैंसर की दवाओं की कमी से इलाज पर असर, कीमतें बढ़ने की संभावना
भारत में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन जैसी जरूरी दवाओं की भारी कमी हो गई है। इससे मरीजों के इलाज में रुकावट आ रही है। सरकार ने इन दवाओं की कीमत 10% से 50% तक बढ़ाने की मंजूरी दी है।
भारत में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन जैसी जरूरी दवाओं की भारी कमी हो गई है। यह कमी पिछले 2-3 हफ्तों से बनी हुई है और इसका असर फेफड़ों, मुंह, सर्वाइकल, गर्भाशय, ओवरी और टेस्टिकुलर कैंसर के मरीजों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि दवाओं की कमी के कारण कई मरीजों का इलाज अधूरा रहा है या उन्हें बिना इलाज लौटाया जा रहा है।
भोपाल के जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. हरदीप कौर ने बताया कि हर दूसरा मरीज इस कमी से प्रभावित हो रहा है। वहीं, मुंबई के कामा और एल्ब्लेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तुषार पाल्वे ने कहा कि डॉक्टरों को इलाज के स्टैंडर्ड तरीकों में बदलाव करना पड़ रहा है।
सरकार ने इन दवाओं की कीमत बढ़ाने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की कीमतों में 10% से 50% तक वृद्धि हो सकती है। यह फैसला दवाओं की कमी और बढ़ती उत्पादन लागत को देखते हुए लिया गया है।
भोपाल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. टी.पी. साहू ने बताया कि सिस्प्लैटिन पिछले 20-30 साल से कैंसर के इलाज में सबसे भरोसेमंद दवा रही है। यह दवा सस्ती होने के कारण मध्यम और निम्न आय वर्ग के मरीजों के लिए बेहद अहम है।
मुख्य बातें
- कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की भारी कमी।
- दवाओं की कमी के कारण कई मरीजों का इलाज अधूरा रहा है।
- सरकार ने इन दवाओं की कीमत 10% से 50% तक बढ़ाने की मंजूरी दी।
- सिस्प्लैटिन का उपयोग 70% कीमोथेरेपी रेजिमेंस में होता है।
- डॉक्टरों को इलाज के तरीकों में बदलाव करना पड़ रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कैंसर की कौन सी दवाओं की कमी हो रही है?
सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन जैसी दवाओं की कमी हो रही है।
दवाओं की कमी का मरीजों पर क्या असर हो रहा है?
दवाओं की कमी के कारण कई मरीजों का इलाज अधूरा रह रहा है या उन्हें बिना इलाज लौटाया जा रहा है।
सरकार ने दवाओं की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी की मंजूरी दी है?
सरकार ने दवाओं की कीमतों में 10% से 50% तक बढ़ोतरी की मंजूरी दी है।
सिस्प्लैटिन का उपयोग किस प्रकार की चिकित्सा में होता है?
सिस्प्लैटिन का उपयोग 70% कीमोथेरेपी रेजिमेंस में होता है।
दवाओं की कमी के कारण डॉक्टरों को क्या करना पड़ रहा है?
डॉक्टरों को इलाज के स्टैंडर्ड तरीकों में बदलाव करना पड़ रहा है।
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