दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया 187/6, रेनशॉ-कमिंस ने संभाली पारी
ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका डरबन टेस्ट के कम समय वाले पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 187 रन बना लिए थे। मैट रेनशॉ और पैट कमिंस नाबाद थे।
डरबन टेस्ट के कम समय वाले पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 187 रन बना लिए थे। मैट रेनशॉ और पैट कमिंस नाबाद थे। खराब रोशनी के कारण खेल समय से पहले रोकना पड़ा। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों ने बदले हुए बल्लेबाजी क्रम में ऑस्ट्रेलिया की पुरानी असमंजस वाली स्थिति को फिर सामने ला दिया था।
लंच से पहले मेहमान टीम का स्कोर 2 विकेट पर 84 रन था, लेकिन ब्रेक के बाद सिर्फ तीन गेंदों के अंदर ऑस्ट्रेलिया 4 विकेट पर 84 रन पर पहुंच गया। इसके बाद दो और विकेट गिरे। इससे दक्षिण अफ्रीका के पास यह मौका बन गया कि वह दो सेशन के अंदर ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह हिला दे।
रेनशॉ और कमिंस ने ऐसा नहीं होने दिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को समय से पहले हुए खेल के अंत तक पहुंचाया। पिच से दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजी आक्रमण, सीम गेंदबाजी और स्पिन को मदद मिल रही थी। खराब रोशनी के कारण खेल जल्दी खत्म होने पर रेनशॉ 46 रन और कमिंस 33 रन बनाकर नाबाद थे।
दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के पहले बल्लेबाजी चुनने के बाद पकड़ बनाई
पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया का बदला हुआ बल्लेबाजी क्रम अनुशासित दक्षिण अफ्रीकी सीम आक्रमण के सामने संघर्ष करता रहा। निक मैडिनसन को मार्को जानसन ने बोल्ड कर दिया और ऑस्ट्रेलिया पर शुरुआती दबाव बन गया।
मैडिनसन 33 गेंदों तक खाता नहीं खोल सके। इसे किसी ऑस्ट्रेलियाई ओपनर की ओर से खेली गई सबसे लंबी ऐसी पारी बताया गया, जिसमें वह बिना रन बनाए आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया के किसी भी बल्लेबाज के लिए यह दूसरी सबसे लंबी ऐसी पारी थी। इसलिए मैडिनसन की वापसी पर सिर्फ उनकी पहली पारी में नाकाम रहने को लेकर सवाल नहीं उठे, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को लेकर बनी अनिश्चितता भी दिन की बड़ी तस्वीर का हिस्सा बनी रही।
दूसरे ओपनर ट्रेविस हेड भी आउट हो गए, जब दक्षिण अफ्रीका ने फैसले की सफल समीक्षा कराई। शुरुआती विकेट गिरने के बाद 11वें ओवर में मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ क्रीज पर साथ थे।
कुछ समय तक इन दोनों ने ऑस्ट्रेलिया को फिर से नियंत्रण हासिल करने का मौका दिया। स्मिथ ने केशव महाराज पर हमला किया और शुरुआती सोच-समझकर किए गए आक्रमण के दौरान इस स्पिनर की गेंदों पर दो छक्के लगाए। लाबुशेन ने 37 रन बनाए, लेकिन लंच से ठीक पहले आखिरी गेंद पर वियान मुल्डर ने उन्हें पगबाधा आउट कर दिया।
लंच से एक गेंद पहले ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 2 विकेट पर 84 रन था। दोनों ओपनरों के आउट होने के बाद सुबह का खेल ऑस्ट्रेलिया की मजबूत वापसी जैसा दिखाई दे रहा था। लेकिन ब्रेक के तुरंत बाद स्थिति बदल गई। ऑस्ट्रेलिया ने तीन गेंदों के अंदर दो विकेट गंवाए और उसका स्कोर 4 विकेट पर 84 रन हो गया।
लाबुशेन का मुश्किल दौर जारी
लाबुशेन इस मैच में टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय से चल रही खराब फॉर्म के साथ उतरे थे। उन्हें टेस्ट शतक बनाए हुए तीन साल से ज्यादा समय हो चुका था और उस दौरान उनका औसत 26 से कम रहा था।
इस मैच का उनके लिए निजी महत्व भी था, क्योंकि वह अपने जन्म के देश में अपनी जगह बचाने की कोशिश कर रहे थे। पारी की शुरुआत में जानसन ने एक गेंद उनके पैड पर अंदर की ओर लाई और दक्षिण अफ्रीका ने पगबाधा की अपील की।
टेम्बा बावुमा ने समीक्षा लेने का फैसला किया, लेकिन गेंद लेग स्टंप से काफी बाहर जा रही थी। इसके बाद लाबुशेन ने मिडविकेट के बीच से गेंद को मजबूती से खेलकर अपनी पारी की शुरुआती बाउंड्री हासिल की।
ड्रिंक्स के बाद उन्होंने जानसन की गेंद को सीधे मैदान के नीचे की ओर ड्राइव किया। उसी ओवर में बाद में गेंद उनके बल्ले का मोटा किनारा लेकर स्लिप के पीछे से निकल गई। फिर भी कुल मिलाकर लाबुशेन क्रीज पर सहज दिखाई दे रहे थे और अच्छी गति से रन बना रहे थे।
मैच से पहले कमिंस ने उनसे कहा था कि वह चीजों को आसान रखें और एकदम सही पारी खेलने की कोशिश न करें। लाबुशेन ने मुल्डर के सेशन के आखिरी ओवर में पांच गेंदों का सामना कर लिया था, लेकिन छठी गेंद बहुत अच्छी तरह डाली गई ऐसी गेंद थी, जिसमें सीम की दिशा बदल रही थी। बाहर की ओर स्विंग होती गेंदों की श्रृंखला के बाद यह गेंद पिच से टकराकर वापस अंदर आई।
गेंद लाबुशेन के आगे की ओर खेले गए डिफेंसिव शॉट के अंदरूनी किनारे को पार करती हुई उनके आगे वाले पैड के घुटने के आसपास लगी। रिचर्ड केटलबरो ने उंगली उठा दी और लाबुशेन ने फैसले की समीक्षा कराई।
समीक्षा में फैसला बरकरार रहा। गेंद के पैड से टकराने के मामले में अंपायर का फैसला कायम रहा और गेंद स्टंप्स पर लगती हुई दिखाई दी। लाबुशेन बड़ी स्क्रीन पर समीक्षा देख रहे थे, जबकि स्मिथ पहले ही ड्रेसिंग रूम की ओर बढ़ चुके थे। ब्रेक के समय ऑस्ट्रेलिया 4 विकेट गंवा चुका था।
स्मिथ की छोटी वापसी भी जल्दी खत्म
स्मिथ 2018 के उस दौरे के बाद पहली बार दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट खेल रहे थे, जिसने उनके करियर को एक साल के लिए पटरी से उतार दिया था। उनके क्रीज पर आने पर छोटे दर्शक समूह की ओर से ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं हुई। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में उनकी जगह उस समय साफ हुई, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में स्टीव वॉ को पीछे छोड़ दिया।
स्मिथ के 25 रन तक पहुंचने और महाराज की गेंद पर अपने दो छक्कों में से पहला लगाने के बाद उस सूची में सिर्फ एलन बॉर्डर और रिकी पोंटिंग उनसे आगे रह गए थे। स्मिथ रेनशॉ के साथ ड्रेसिंग रूम से लौटे, लेकिन दोनों की साझेदारी ज्यादा देर नहीं चल सकी।
सेशन की पहली गेंद जानसन ने विकेट के आसपास से ऑफ स्टंप के काफी बाहर डाली। स्मिथ ने उसे आसानी से छोड़ दिया। अगली गेंद शॉर्ट ऑफ गुड लेंथ थी, जो तेजी से ऊपर उठी और स्मिथ के निचले दस्ताने पर जा लगी।
स्मिथ पिच से दूर हटे, अपना बल्ला नीचे रखा और दस्ताना उतार दिया। कुछ पल के लिए यह घटना गंभीर लग रही थी, लेकिन उन्होंने जल्दी ही खुद को संभाल लिया। ऑस्ट्रेलिया के फिजियो को मैदान पर आने की जरूरत नहीं पड़ी।
स्मिथ ने फिर से जानसन का सामना करने की तैयारी की, लेकिन तेज गेंदबाज ने उस चोट के बाद उन्हें शॉट खेलने पर मजबूर किया। जानसन ने अच्छी लेंथ की गेंद स्मिथ की ओर कोण बनाकर डाली। स्मिथ ने क्रीज से आगे बढ़कर गेंद को धक्का दिया और उसका मोटा किनारा गली में चला गया।
स्मिथ मैदान से लगभग उसी तेजी से बाहर गए, जिस तेजी से वह लंच के समय मैदान से लौटे थे। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर चार गेंदों के अंदर 2 विकेट पर 84 रन से 4 विकेट पर 84 रन हो गया। एक और बल्लेबाजी संकट सामने दिखाई देने लगा।
रेनशॉ ने नंबर 5 से पारी संभालने की जिम्मेदारी ली
रेनशॉ का टिके रहना इसलिए अहम था, क्योंकि वह पहले ओपनर रह चुके थे और उन्हें मैच से ठीक एक रात पहले ही पता चला था कि वह नंबर 5 पर बल्लेबाजी करेंगे। उनकी भूमिका ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को लेकर चल रही अनिश्चितता को दिखाती थी।
लाबुशेन और स्मिथ के तेजी से आउट होने के बावजूद रेनशॉ ने दक्षिण अफ्रीका को जल्दी से पूरी तरह हावी होने से रोकने में मदद की। उन्होंने कमिंस के साथ मिलकर पारी को दोबारा संभाला और ऑस्ट्रेलिया को चाय तक पहुंचाया। इससे पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें बनी रहीं।
रेनशॉ के नाबाद 46 रन और कमिंस के नाबाद 33 रन की बदौलत समय से पहले खेल रुकने तक ऑस्ट्रेलिया 6 विकेट पर 187 रन तक पहुंच गया। इस साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया की वापसी की शुरुआत कर दी और ऐसी पिच पर सम्मानजनक स्कोर की संभावना बनाए रखी, जहां गेंदबाजों को मदद मिल रही थी।
दक्षिण अफ्रीका के आक्रमण ने दबाव बनाने के कई अलग-अलग तरीके पहले ही दिखा दिए थे। नॉर्ट्जे ने रफ्तार दी, जानसन ने बाएं हाथ के गेंदबाज का कोण इस्तेमाल किया, मुल्डर ने स्विंग और सीम हासिल की, जबकि महाराज और साइमन हार्मर मैच की रिपोर्ट में बताए गए दो स्पिन विकल्प थे।
रेनशॉ ने कहा कि इस आक्रमण में अलग-अलग तरह की गेंदबाजी होने से ऑस्ट्रेलिया के सामने अलग-अलग चुनौतियां बनीं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उन सभी पांचों [दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों] से अलग-अलग तरह की कई चुनौतियां मिलती हैं; [एक] बाएं हाथ का गेंदबाज, नॉर्ट्जे की तेज गेंदबाजी, मुल्डर की अच्छी गेंदबाजी, स्विंग और सीम, और फिर आपके सामने दो स्पिनर भी हैं, इसलिए हमारे लिए कई अलग-अलग चुनौतियां पैदा होती हैं।”
टेस्ट में वापसी करते ही नॉर्ट्जे का असर
अनरिख नॉर्ट्जे ने साढ़े तीन साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की। उनकी वापसी तुरंत महत्वपूर्ण बन गई, जब उन्होंने एक ही ओवर में एलेक्स कैरी और ब्यू वेब्स्टर को आउट कर दिया।
कैरी 14 रन और वेब्स्टर 4 रन बनाकर आउट हुए। एक अन्य विवरण में बताया गया कि नॉर्ट्जे के खिलाफ ये दोनों विकेट तीन गेंदों के अंदर गिरे। इससे यह बात और साफ हुई कि ऑस्ट्रेलिया का निचला मध्य क्रम कितनी तेजी से दबाव में आ गया था।
ये विकेट लंच के आसपास कम समय में ऑस्ट्रेलिया के चार विकेट गंवाने के बाद आए। इससे लगा कि दक्षिण अफ्रीका दो सेशन के अंदर मेहमान टीम की पारी को तेजी से समेट सकता है। हालांकि, रेनशॉ और कमिंस ने पारी को संभाले रखा।
बाद में रेनशॉ ने कहा कि कैरी के आउट होने से पहले ऑस्ट्रेलिया दक्षिण अफ्रीका पर लगातार दबाव बनाने के करीब पहुंच गया था। रेनशॉ ने बाद में पत्रकारों से कहा, “मुझे लगा कि खेल में कुछ ऐसे पल थे, जब हम दक्षिण अफ्रीका पर लगातार दबाव बनाने के बहुत करीब थे, और शायद केज (एलेक्स कैरी) और मैं उस स्थिति के बहुत करीब थे।”
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया लंच के बाद जानसन के अच्छे स्पेल से निकल चुका था और इसके बाद नॉर्ट्जे के एक और अच्छे स्पेल का भी सामना कर चुका था। रेनशॉ ने कहा कि कैरी के आउट होने से पहले ऑस्ट्रेलिया दक्षिण अफ्रीका पर “लगातार दबाव बनाने” के बहुत करीब था।
रेनशॉ ने कहा, “दुर्भाग्य से केज वहां आउट हो गए। इसके बाद पैटी (पैट कमिंस) के साथ बस पारी को फिर से बनाना और जब मौका मिले तब रन बनाना था। पैटी अपने क्षेत्र में आने वाली कुछ गेंदों पर रन बना रहे थे और मैं शायद डॉट गेंदों के साथ थोड़ा ज्यादा संतुष्ट था।”
गेंदबाजों को मदद देती पिच
पिच से नॉर्ट्जे की तेज गेंदबाजी और जानसन की गेंदबाजी को मदद मिल रही थी। मुल्डर गेंद को हल्का हिला रहे थे और सीम भी हासिल कर रहे थे। रिपोर्ट में हार्मर के लिए खास तौर पर कुछ गेंदों में टर्न मिलने के संकेतों का भी जिक्र किया गया।
इस मेल ने दक्षिण अफ्रीका को पहले दिन ऑस्ट्रेलिया पर हमला करने के कई तरीके दिए। जानसन ने मैडिनसन को आउट किया और बाद में गली में स्मिथ का कैच पकड़ा। मुल्डर ने लाबुशेन को पगबाधा आउट किया, जबकि नॉर्ट्जे ने निचले मध्य क्रम में सेंध लगाई।
इस तरह दक्षिण अफ्रीका के अनुशासित सीम आक्रमण ने ऑस्ट्रेलिया की पारी के अहम हिस्सों पर नियंत्रण बनाए रखा। स्मिथ और लाबुशेन ने 60 रन की साझेदारी कर पारी को कुछ समय के लिए संभाला था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया का शीर्ष क्रम उस छोटी वापसी को लंबे समय तक चलने वाली साझेदारी में नहीं बदल सका।
इस साझेदारी और लंच के तुरंत बाद आए पतन के बीच का अंतर पहले दिन के सबसे बड़े बदलाव को दिखाता है। रेनशॉ और कमिंस की वजह से ऑस्ट्रेलिया के स्कोर में आगे सुधार की संभावना अभी बनी हुई थी, लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक बढ़त दक्षिण अफ्रीका के पास थी।
टेस्ट मुकाबले के लिए इसका बड़ा मतलब
दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया पिछले साल लॉर्ड्स में खेले गए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद पहली बार टेस्ट क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में आमने-सामने थे। दक्षिण अफ्रीका मौजूदा चैंपियन था और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में दूसरे स्थान पर था, जबकि ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर था।
पिछला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल दक्षिण अफ्रीका ने जीता था। उसने ऑस्ट्रेलिया को हराकर अल्टीमेट टेस्ट अपने नाम किया था। उस जीत में एडेन मार्करम और कगिसो रबाडा ने दक्षिण अफ्रीका की अगुआई की थी और टीम ने लॉर्ड्स में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की गदा अपने नाम की थी।
इस पृष्ठभूमि ने डरबन में पहले दिन के खेल को संदर्भ दिया, लेकिन मैदान पर तुरंत मुकाबला ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी की कमजोरियों और दक्षिण अफ्रीका के अलग-अलग तरह के आक्रमण से तय हुआ। दक्षिण अफ्रीका ने पहले दिन दबदबा बनाए रखा। खराब रोशनी के कारण खेल जल्दी खत्म होने पर रेनशॉ और कमिंस नाबाद थे और ऑस्ट्रेलिया 6 विकेट पर 187 रन बना चुका था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर क्या था?
ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 187 रन बना लिए थे।
ऑस्ट्रेलिया की पारी को किसने संभाला?
मैट रेनशॉ और पैट कमिंस ने पारी को संभाला। दोनों नाबाद रहे।
खराब रोशनी के कारण खेल जल्दी क्यों रोकना पड़ा?
खराब रोशनी के कारण खेल समय से पहले रोकना पड़ा।
खेल खत्म होने पर रेनशॉ और कमिंस कितने रन पर नाबाद थे?
रेनशॉ 46 रन और कमिंस 33 रन पर नाबाद थे।
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