गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
मुजफ्फरनगर के थाना खतौली क्षेत्र के गांव शेखपुरा निवासी पीड़ित पक्ष ने खेत की मेड़ और जमीन को लेकर चल रहे विवाद में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
मुजफ्फरनगर के थाना खतौली क्षेत्र के गांव शेखपुरा निवासी पीड़ित पक्ष ने खेत की मेड़ और जमीन को लेकर चल रहे विवाद में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कुछ लोगों पर गन्ने की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने, मारपीट करने, उत्पीड़न करने और पीड़ित पक्ष को जबरन खेत से बाहर किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित पक्ष ने कहा है कि इस पूरे मामले में उसके परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, 18 अक्टूबर 2026 को शाम करीब चार बजे पीड़ित पक्ष खेत पर पहुंचा था। वहां उसने कुछ लोगों को ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से गन्ने की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाते हुए देखने का आरोप लगाया है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उसने फसल को नुकसान पहुंचाने का विरोध किया, तो उसके और उसके नाबालिग बच्चों के साथ मारपीट की गई। शिकायत में कहा गया है कि इस मारपीट में उन्हें चोटें आईं। पीड़ित पक्ष ने इस घटना को लेकर भी जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना की सूचना दिए जाने के बाद डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची थी। पीड़ित पक्ष के अनुसार, पुलिस के पहुंचने के बाद भी खेत की मेड़ से जुड़ा विवाद जारी रहा।
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि खेत की मेड़ की नींव में लगी ईंटों को हटाकर निर्माण कार्य करने का प्रयास किया गया। शिकायत के मुताबिक, इस मामले में भी निष्पक्ष जांच की जरूरत है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रार्थना पत्र में पीड़ित पक्ष ने बताया है कि जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। शिकायत के मुताबिक, संबंधित भूमि को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन है। पीड़ित पक्ष ने 25 सितंबर 2026 के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि इस भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक लगी हुई है।
हालांकि, 25 सितंबर 2026 के आदेश की वास्तविक स्थिति और उसके दायरे की पुष्टि संबंधित अभिलेखों से किया जाना आवश्यक है। पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि खेत की मेड़, भूमि विवाद, गन्ने की फसल को हुए कथित नुकसान और मारपीट से जुड़े आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
पीड़ित पक्ष ने कथित निर्माण के प्रयास की भी जांच कराने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उसने कहा है कि भूमि विवाद से जुड़े मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल, यह मामला पीड़ित पक्ष की शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित पुलिस अथवा दूसरे पक्ष का आधिकारिक बयान भी अभी सामने आना बाकी है। संबंधित पक्षों का बयान या अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह मामला किस जगह का है?
यह मामला मुजफ्फरनगर के थाना खतौली क्षेत्र के गांव शेखपुरा का है।
पीड़ित पक्ष ने क्या आरोप लगाए हैं?
पीड़ित पक्ष ने गन्ने की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने, मारपीट करने, उत्पीड़न और जबरन खेत से बाहर किए जाने के आरोप लगाए हैं।
घटना कब हुई बताई गई है?
शिकायत के मुताबिक, घटना 18 अक्टूबर 2026 को शाम करीब चार बजे हुई थी।
पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी से क्या मांग की है?
पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच, नियमानुसार कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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