सितंबर से शुरू होगी 24 पखवाड़ों की नशा विरोधी मुहिम
एनसीबी नशा अपराधियों के खिलाफ 24 पखवाड़ों का समन्वित अभियान चलाएगी। विदेशी तस्करों, फरार अपराधियों और अवैध दवा सप्लाई को निशाना बनाया जाएगा।
नशा विरोधी एजेंसियां सितंबर से 24 अलग-अलग पाक्षिक अभियान चलाएंगी, जिनमें विदेशी नशा अपराधियों, फरार तस्करों और दवाओं की अवैध सप्लाई को निशाना बनाया जाएगा। यह एक साल की कार्रवाई का हिस्सा है जिसका मकसद तस्करी के गिरोहों को खत्म करना है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने सभी राज्यों और नशे के अपराधों से लड़ने वाली केंद्रीय एजेंसियों को इन समन्वित अभियानों को चलाने का निर्देश दिया है। हर अभियान 15 दिन का होगा और अगस्त 2027 तक चलेगा। स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को जागरूक करने का प्रोग्राम 16 अगस्त से चल रहा है, लेकिन कार्रवाई का चरण अगले महीने शुरू होगा।
पहले चरण में विदेशी अपराधी और फरार लोग
सितंबर के पहले पखवाड़े में देशभर में नशे के अपराधों में शामिल विदेशी नागरिकों की पहचान की जाएगी और उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा। इसके तुरंत बाद 15 दिन की मुहिम में फरार नशा अपराधियों को निशाना बनाया जाएगा।
अक्टूबर से एनसीबी और राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेशों की नशा विरोधी टास्क फोर्स, दवा नियंत्रकों के साथ मिलकर मेडिकल स्टोर्स और फार्मेसियों का निरीक्षण करेंगी ताकि दवाओं की अवैध तस्करी का पता लगाया जा सके।
तटीय इलाकों में जागरूकता और परिवहन की जांच
आगे के पखवाड़ों में नशा अपराध के फरार लोगों के खिलाफ फाइलें तैयार की जाएंगी, तटीय इलाकों के लोगों को समुद्री नशा व्यापार के बारे में जागरूक किया जाएगा और दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में सभी जमीनी, समुद्री और हवाई बंदरगाहों पर समन्वित जांच की जाएगी।
जनवरी 2027 के दूसरे पखवाड़े में अवैध खेती का पता लगाकर उसे नष्ट किया जाएगा, फिर फरवरी की शुरुआत में केमिकल इंडस्ट्री में प्रीकर्सर केमिकल्स की अवैध सप्लाई के खिलाफ जागरूकता अभियान चलेगा और उस महीने के दूसरे पखवाड़े में जेलों का संयुक्त निरीक्षण होगा।
डार्क वेब ट्रेनिंग और कैंपस वेरिफिकेशन
इस एक्शन प्लान में विशेष पखवाड़े शामिल हैं जिनमें युवाओं को खेलों में शामिल किया जाएगा, शिक्षण संस्थानों को नशा मुक्त घोषित करने की पुष्टि की जाएगी और सरकारी नशा विरोधी कर्मचारियों को डार्कनेट, क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन, सिंथेटिक ड्रग्स और गुप्त मैन्युफैक्चरिंग लैब की निगरानी के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
ये अभियान एजेंसियों को पहले से दिए गए नियमित कामों और समयबद्ध लक्ष्यों के अलावा होंगे, जो हाल ही में जारी राष्ट्रीय नशा नियंत्रण विजन डॉक्युमेंट 2026-29 के तहत हैं। एनसीबी ने कहा कि देशभर में समन्वित पाक्षिक अभियानों से एजेंसियों के बीच सहयोग मजबूत होगा, जनता में जागरूकता बढ़ेगी और नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह नशा विरोधी मुहिम कब से शुरू हो रही है और कितने समय तक चलेगी?
यह मुहिम सितंबर से शुरू होगी और 24 अलग-अलग पाक्षिक अभियान चलाए जाएंगे जो अगस्त 2027 तक चलेंगे। हर अभियान 15 दिन का होगा।
पहले चरण में क्या निशाना बनाया जाएगा?
सितंबर के पहले पखवाड़े में विदेशी नागरिकों की पहचान की जाएगी जो नशे के अपराधों में शामिल हैं और उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा। इसके बाद फरार नशा अपराधियों को निशाना बनाया जाएगा।
अक्टूबर से क्या जांच की जाएगी?
एनसीबी और राज्य की नशा विरोधी टास्क फोर्स, दवा नियंत्रकों के साथ मिलकर मेडिकल स्टोर्स और फार्मेसियों का निरीक्षण करेंगी ताकि दवाओं की अवैध तस्करी का पता लगाया जा सके।
नशा विरोधी कर्मचारियों को किन चीजों की ट्रेनिंग दी जाएगी?
सरकारी नशा विरोधी कर्मचारियों को डार्कनेट, क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन, सिंथेटिक ड्रग्स और गुप्त मैन्युफैक्चरिंग लैब की निगरानी के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
दिसंबर में क्या समन्वित जांच की जाएगी?
दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में सभी जमीनी, समुद्री और हवाई बंदरगाहों पर समन्वित जांच की जाएगी।
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