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आंध्र प्रदेश सरकार ने मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए टेलीकॉम कंपनियों को मदद दी

आंध्र प्रदेश सरकार का बड़ा कदम, 100% मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए टेलीकॉम कंपनियों को मदद दूरदराज़ इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी की कमी दूर करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स

आंध्र प्रदेश सरकार ने मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए टेलीकॉम कंपनियों को मदद दी
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दूरदराज़ इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी की कमी दूर करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) के लिए खास मदद पैकेज का ऐलान किया है। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशंस विभाग की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक, इस पहल के तहत मुफ्त जमीन, सस्ती बिजली और मोबाइल टावर लगाने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी। ये सुविधाएं उन गांवों और इलाकों में दी जाएंगी जहां अभी तक नेटवर्क की पहुंच नहीं है।

ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी की समस्या पर फोकस

यह फैसला उन इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की कमी को देखते हुए लिया गया है, जहां कम आबादी के चलते टेलीकॉम कंपनियों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना फायदेमंद नहीं रहा। BSNL, एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियों ने सरकार से जमीन और बिजली की लागत से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए मदद मांगी थी। इसके जवाब में सरकार ने नेटवर्क विस्तार के लिए जरूरी सहयोग देने का भरोसा दिया है।

तीन साल में होगा रिव्यू

सरकार ने तय किया है कि हर तीन साल में इस योजना की समीक्षा की जाएगी। अगर किसी इलाके में सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ जाती है और इंफ्रास्ट्रक्चर खुद से टिकाऊ हो जाता है, तो वहां दी जा रही मदद को बंद करने पर विचार किया जाएगा। इस योजना में शामिल कंपनियों को तय समय सीमा के अंदर मोबाइल टावर और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना होगा।

बेहतर कनेक्टिविटी के लिए इंट्रा-सर्कल रोमिंग

टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए इस योजना में इंट्रा-सर्कल रोमिंग का भी प्रावधान है। इससे अलग-अलग नेटवर्क के बीच बिना किसी रुकावट के कनेक्टिविटी मिल सकेगी। यह खासतौर पर उन इलाकों के लिए अहम है, जहां अकेले किसी एक नेटवर्क का संचालन मुनाफे वाला नहीं है।

100% मोबाइल कनेक्टिविटी का लक्ष्य

सरकार इस मॉडल को कनेक्टिविटी गैप को खत्म करने का एक बड़ा समाधान मान रही है। इसका मकसद पूरे आंध्र प्रदेश में 100% मोबाइल नेटवर्क कवरेज हासिल करना है। इस पहल से उन इलाकों में मोबाइल सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, जहां अब तक नेटवर्क नहीं था। साथ ही, यह योजना नागरिक सेवाओं की पहुंच को आसान बनाएगी और दूरदराज़ के समुदायों को डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ने में मदद करेगी।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश सरकार टेलीकॉम कंपनियों को क्या मदद दे रही है?

सरकार दूरदराज़ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क बढ़ाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को मुफ्त जमीन, सस्ती बिजली और मोबाइल टावर लगाने के लिए वित्तीय मदद दे रही है।

यह योजना किन कंपनियों के लिए है?

यह योजना BSNL, एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया जैसी टेलीकॉम कंपनियों के लिए है।

सरकार कितने समय बाद इस योजना की समीक्षा करेगी?

सरकार हर तीन साल में इस योजना की समीक्षा करेगी। अगर किसी इलाके में ग्राहकों की संख्या बढ़ जाती है, तो वहां दी जा रही मदद बंद करने पर विचार किया जाएगा।

इंट्रा-सर्कल रोमिंग क्या है?

यह एक ऐसी सुविधा है जिससे अलग-अलग नेटवर्क के बीच बिना किसी रुकावट के कनेक्टिविटी मिल सकती है। यह खासतौर पर उन इलाकों के लिए अहम है जहां एक ही नेटवर्क को चलाना मुनाफे वाला नहीं है।

इस योजना का मुख्य लक्ष्य क्या है?

इस योजना का मुख्य लक्ष्य पूरे आंध्र प्रदेश में 100% मोबाइल नेटवर्क कवरेज हासिल करना है और दूरदराज़ के समुदायों को डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ना है।

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