आंध्र लोयोला कॉलेज ने कम दृष्टि वाले लोगों के लिए वर्कशॉप आयोजित की
लोयोला कॉलेज में कम दृष्टि वाले लोगों के लिए डिजिटल एक्सेसिबिलिटी पर वर्कशॉप कम दृष्टि वाले लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए विजयवाड़ा के आंध्र लोयोला कॉलेज (ALC) ने बेंगलुरु की
कम दृष्टि वाले लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए विजयवाड़ा के आंध्र लोयोला कॉलेज (ALC) ने बेंगलुरु की एनएबल इंडिया के साथ मिलकर एक दिन की डिजिटल एक्सेसिबिलिटी वर्कशॉप आयोजित की। कॉलेज के हायर एजुकेशन फॉर पर्सन्स विद स्पेशल नीड्स (HEPSN) विंग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 20 प्रतिभागियों को ट्रेनिंग दी गई। इनमें सरकारी कर्मचारी, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स, नौकरी ढूंढ रहे लोग और छात्र शामिल थे।
सहायक तकनीकों पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
वर्कशॉप का नेतृत्व एनएबल इंडिया के सीनियर एग्जीक्यूटिव राजेश और ट्रेनर्स कीर्तन कुमार, भुवनेश्वरी और नागबाबू ने किया। इसमें प्रतिभागियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने के लिए जरूरी स्किल्स सिखाई गईं। एंड्रॉयड और विंडोज की एक्सेसिबिलिटी फीचर्स जैसे स्क्रीन मैग्निफिकेशन, फॉन्ट बड़ा करना, हाई-कॉन्ट्रास्ट डिस्प्ले, डार्क मोड, स्क्रीन रीडर्स और कर्सर एन्हांसमेंट का इस्तेमाल करना सिखाया गया। ये टूल्स शिक्षा, रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी में कम दृष्टि वाले लोगों की मदद के लिए डिजाइन किए गए हैं।
काम और पढ़ाई के लिए सशक्त बनाना
वर्कशॉप का असर प्रतिभागियों की बातों में साफ झलका। बी.टेक ग्रेजुएट मोहम्मद अब्बास, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, ने कहा कि इस ट्रेनिंग से उनकी एक्सेसिबिलिटी टूल्स इस्तेमाल करने की आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्हें भरोसा है कि इससे उनकी परीक्षा और काम में परफॉर्मेंस बेहतर होगी। भीमावरम कलेक्टरेट में काम करने वाले राम सत्यनारायण ने बताया कि प्रैक्टिकल सेशन्स ने उन्हें ऐसे फीचर्स सिखाए जो उनके ऑफिस के कामों में उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने और आंखों पर तनाव कम करने में मदद करेंगे।
इसी तरह, दूरसंचार विभाग में सीनियर अकाउंटेंट जी.वी. लक्ष्मी प्रिया ने कहा कि इस ट्रेनिंग ने उन्हें डिजिटल डिवाइस को अपनी सुविधा के अनुसार कस्टमाइज करना सिखाया, जिससे उनके ऑफिस के काम में आराम और उत्पादकता बढ़ी। श्रीकाकुलम के कृषि विभाग के येरा नायडू ने बताया कि वर्कशॉप ने यह दिखाया कि सहायक तकनीकें कम दृष्टि वाले लोगों को अधिक आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाकर काम करने में कैसे मदद कर सकती हैं।
समावेशिता की ओर एक कदम
प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के प्रैक्टिकल अप्रोच की सराहना करते हुए कहा कि नई स्किल्स उनके शैक्षणिक, पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाएंगी। वर्कशॉप ने यह साबित किया कि डिजिटल एक्सेसिबिलिटी कम दृष्टि वाले लोगों के लिए समावेशिता और स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में कितनी अहम है।
प्रकाशित: 19 जुलाई 2026, 01:04 am IST
स्रोत: The Hindu
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