विजयनगर साम्राज्य का कनेक्शन: नल्लमाला में प्राचीन शिलालेख मिला
नल्लमाला के दूरदराज गांव से विजयनगर साम्राज्य का कनेक्शन सामने आया गुंटूर: नल्लमाला के घने जंगलों में छिपा एक दूरदराज का आदिवासी गांव अब ऐतिहासिक रूप से अहम जगह के तौर पर सामने आया है।
नल्लमाला जंगलों के बीच छिपे एक छोटे से गांव पालुतला में विजयनगर साम्राज्य का अहम कनेक्शन सामने आया है। यहां के पोलेरम्मा मंदिर के पास हाल ही में एक प्राचीन शिलालेख मिला है, जो 15वीं सदी के विजयनगर शासक देव राय द्वितीय के शासनकाल का है। यह खोज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने नल्लमाला क्षेत्र में किए गए एक एपिग्राफिकल सर्वे के दौरान की।
इस शिलालेख को नंदी स्तंभ पर उकेरा गया है और यह पालुतला गांव के प्रशासनिक, आर्थिक और धार्मिक महत्व को उजागर करता है। ASI के एपिग्राफी डायरेक्टर के मुनिरत्नम रेड्डी ने बताया कि यह गांव केवल एक आदिवासी बस्ती नहीं था, बल्कि विजयनगर साम्राज्य के तहत एक प्रमुख केंद्र था। उन्होंने कहा, "पालुतला व्यापार का बड़ा केंद्र था और यहां से शिव भक्तों को श्रीशैलम जाने के लिए आश्रय मिलता था। यह शिलालेख बताता है कि इन जंगलों में सदियों पहले भी कितनी जीवंत गतिविधियां होती थीं।"
शिलालेख तेलुगु लिपि में लिखा गया है और इसे शक संवत 1358 यानी 18 अक्टूबर 1436 ईस्वी में उकेरा गया था। यह खोज न केवल विजयनगर साम्राज्य के इतिहास को और गहराई से समझने में मदद करती है, बल्कि इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत पर भी रोशनी डालती है।
पुरातत्वविदों का मानना है कि पालुतला जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में ऐसे और भी ऐतिहासिक प्रमाण मिल सकते हैं। यह खोज नल्लमाला क्षेत्र को इतिहास और पुरातत्व के लिहाज से और भी महत्वपूर्ण बना देती है।
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