एलन मस्क की SpaceX ने Anysphere को 60 अरब डॉलर में खरीदा
MIT से 60 अरब डॉलर की डील तक: मिलिए भारतीय मूल के अमन सैंगर से, Cursor के को-फाउंडर एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने AI-पावर्ड कोडिंग असिस्टेंट Cursor बनाने वाली कंपनी Anysphere को खरीदने का ऐलान किया है।
MIT से 60 अरब डॉलर की डील तक: मिलिए भारतीय मूल के अमन सैंगर से, Cursor के को-फाउंडर
एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने AI-पावर्ड कोडिंग असिस्टेंट Cursor बनाने वाली कंपनी Anysphere को खरीदने का ऐलान किया है। ये डील 60 अरब डॉलर की है और इसे AI सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री की सबसे बड़ी डील्स में से एक माना जा रहा है। इस डील के बाद Anysphere के को-फाउंडर अमन सैंगर पर सबकी नजरें हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री में तेजी से उभरते हुए नाम हैं।
Cursor की शुरुआत 2022 में हुई थी और ये AI-असिस्टेड कोडिंग सेक्टर में सबसे तेजी से बढ़ने वाले स्टार्टअप्स में से एक बन गया है। इसके लाखों यूजर्स हैं। 25 साल के अमन सैंगर ने MIT में पढ़ाई के दौरान माइकल ट्रुएल, सुलेह आसिफ और आर्विड लुनेमार्क के साथ मिलकर इस कंपनी की शुरुआत की थी। न्यूयॉर्क में पले-बढ़े अमन का परिवार अकादमिक और एंटरप्रेन्योरियल बैकग्राउंड से आता है।
अमन के पिता अरविंद सैंगर IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं और Geosphere Capital नाम की इन्वेस्टमेंट फर्म के फाउंडर हैं। उनकी मां शिल्पा सैंगर ऑर्थोडॉन्टिस्ट, एंटरप्रेन्योर और एंजल इन्वेस्टर हैं। अमन को प्रोग्रामिंग में दिलचस्पी टीनएज में ही हो गई थी। इसके बाद उन्होंने MIT में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की, जहां उनकी मुलाकात उनके भविष्य के को-फाउंडर्स से हुई।
Anysphere शुरू करने से पहले अमन ने Google और Bridgewater Associates जैसे बड़े ऑर्गेनाइजेशन्स में इंटर्नशिप की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो कंपनी शुरू करने से पहले भी AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके थे। Anysphere की शुरुआत 2022 में प्रैक्टिकल AI टूल्स बनाने के मकसद से हुई थी।
शुरुआत में टीम ने कंप्यूटर-एडेड डिज़ाइन प्रोडक्ट्स पर फोकस किया था, लेकिन बाद में उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग टूल्स पर काम करना शुरू किया, जहां उन्हें बड़ा मार्केट नजर आया। इसी के चलते Cursor का डेवलपमेंट हुआ। Cursor एक AI-पावर्ड कोड एडिटर है, जो डेवलपर्स को कोड लिखने, एडिट करने और समझने में मदद करता है।
Cursor पारंपरिक कोडिंग असिस्टेंट्स से अलग है। ये बड़े कोडबेस को एनालाइज कर सकता है, प्रोजेक्ट-स्पेसिफिक सवालों के जवाब दे सकता है और यूजर्स के प्रॉम्प्ट्स के आधार पर कोड जनरेट कर सकता है। इसकी खूबियों ने इसे इंडिविजुअल डेवलपर्स और बड़ी कंपनियों दोनों के बीच पॉपुलर बना दिया है।
कंपनी को बड़े इन्वेस्टर्स से भारी फंडिंग मिली है और हर फंडिंग राउंड में इसकी वैल्यूएशन अरबों डॉलर तक पहुंच गई। SpaceX द्वारा 60 अरब डॉलर की इस डील से ये साफ है कि AI-पावर्ड कोडिंग प्लेटफॉर्म्स का बिजनेस में कितना महत्व बढ़ रहा है।
ये डील अमन सैंगर को उन भारतीय मूल के उद्यमियों की लिस्ट में शामिल करती है, जो ग्लोबल AI इंडस्ट्री में बड़ा योगदान दे रहे हैं। टीनएज में कोडिंग सीखने से लेकर AI इंडस्ट्री के सबसे चर्चित स्टार्टअप्स में से एक को-फाउंड करने तक, अमन की जर्नी इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप की ताकत को दिखाती है।
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