News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
मुरैना में खेत की मेड़ विवाद के बाद युवक की मौत, चार घायलमधुबनी में गड्ढे में जाने के बाद बोलेरो पलटी, पुलिस चालक की मौतसीवान में चाय विवाद में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या की खबरबच्चों के विवाद में युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; कुल्हाड़ी बरामदशामली में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पलटी, चालक समेत दो युवकों की मौतशामली में विवाद सुलझाने पहुंची डायल 112 गाड़ी पर पथराव, चालक घायलग्वालियर GRMC में कथित मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़तालबेटी के इलाज को तीन दिन भटके पिता, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
Technology Official source

भारत में एंट्री-लेवल नौकरियों में 37% AI का असर: रिपोर्ट

AI भारत में 37% एंट्री-लेवल काम कर रहा है, Cognizant-Pearson की रिपोर्ट में खुलासा भारत में एंट्री-लेवल नौकरियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असर तेजी से बढ़ रहा है।

भारत में एंट्री-लेवल नौकरियों में 37% AI का असर: रिपोर्ट
News Darpan AI image

भारत में एंट्री-लेवल नौकरियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असर तेजी से बढ़ रहा है। Cognizant और Pearson की गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 37% एंट्री-लेवल काम अब AI संभाल रहा है। यह आंकड़ा ग्लोबल औसत 33% से ज्यादा है, जिससे भारत इस बदलाव में सबसे आगे है।

The AI Workforce Pulse: The Adaptability Imperative नाम की इस स्टडी में अमेरिका, ब्रिटेन और भारत के 750 HR लीडर्स से सर्वे किया गया। ये सभी डायरेक्टर लेवल या उससे ऊपर के पदों पर हैं और 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों में काम करते हैं। खास बात यह है कि 18% लोगों ने बताया कि AI अब आधे या उससे ज्यादा एंट्री-लेवल काम संभाल रहा है। भारत में, जहां एंट्री-लेवल नौकरियां बड़ी संख्या में हैं, यह बदलाव मामूली नहीं बल्कि बड़ा है।

रिपोर्ट बताती है कि एंट्री-लेवल नौकरियों का स्वरूप पूरी तरह बदल रहा है। भविष्य में इन पदों पर काम करने वाले कर्मचारी डेटा-एंट्री क्लर्क के बजाय एयर ट्रैफिक कंट्रोलर जैसे होंगे। वे रूटीन काम करने के बजाय AI सिस्टम की निगरानी करेंगे, उनके आउटपुट को चेक करेंगे, रिजल्ट को समझेंगे और उन मामलों को संभालेंगे जहां मानवीय निर्णय की जरूरत होगी।

यह बदलाव और तेज होने की उम्मीद है। 96% HR लीडर्स का मानना है कि अगले पांच सालों में एंट्री-लेवल नौकरियां सुपरवाइजरी रोल्स में बदल जाएंगी। साथ ही, 94% का कहना है कि AI पूरी तरह नई जूनियर भूमिकाएं भी बनाएगा, जो अभी तक मौजूद नहीं हैं। दिलचस्प बात यह है कि HR प्रोफेशनल्स अब लिबरल आर्ट्स डिग्री और इंटरडिसिप्लिनरी एजुकेशन बैकग्राउंड को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। दो-तिहाई ने इन्हें पहले से बेहतर रेटिंग दी है।

जैसे-जैसे AI तकनीकी काम संभाल रहा है, मानवीय स्किल्स जैसे निर्णय लेने की क्षमता, प्रभावी कम्युनिकेशन और यह समझने की योग्यता कि कब तकनीकी रूप से सही हल भी गलत हो सकता है, ज्यादा अहम हो रही हैं। हालांकि, कंपनियों को इस बदलाव के लिए कर्मचारियों को तैयार करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। 91% HR लीडर्स ने बताया कि AI से जुड़ी ट्रेनिंग की मांग बढ़ रही है, लेकिन 60% ने माना कि उनके ट्रेनिंग प्रोग्राम AI के तेजी से बदलते प्रभाव के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं।

भारत में भी यह ट्रेंड दिख रहा है। 63% कंपनियों ने माना कि AI ट्रेनिंग की मांग पूरी करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। हालांकि, इस मामले में भारतीय कंपनियां अमेरिकी कंपनियों से आगे हैं। भारत में 63% कंपनियां AI ट्रेनिंग के लिए समय दे रही हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 49% है। मिडिल मैनेजर्स इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 95% HR लीडर्स ने कहा कि मिडिल मैनेजर्स कर्मचारियों को AI के साथ बेहतर तालमेल बिठाने में मदद कर सकते हैं।

रिपोर्ट का मुख्य संदेश साफ है: AI-ड्रिवन वर्कप्लेस में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां कितनी तेजी से काम ऑटोमेशन से बदलती हैं, बल्कि इस पर कि वे इंसानों और AI के बीच सहयोग को कितनी कुशलता से बढ़ावा देती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में AI ने कितना एंट्री-लेवल काम संभाल लिया है?

Cognizant और Pearson की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 37% एंट्री-लेवल काम अब AI संभाल रहा है, जो ग्लोबल औसत 33% से ज्यादा है।

भविष्य में एंट्री-लेवल नौकरियों की भूमिका कैसे बदलेगी?

HR लीडर्स के अनुसार, अगले पांच सालों में एंट्री-लेवल काम बदल जाएंगे। कर्मचारी डेटा-एंट्री क्लर्क की जगह AI सिस्टम की निगरानी करेंगे, उनके आउटपुट को चेक करेंगे और मानवीय निर्णय की जरूरत वाले मामलों को संभालेंगे।

कंपनियों को AI ट्रेनिंग देने में क्या परेशानी आ रही है?

91% HR लीडर्स ने कहा कि AI ट्रेनिंग की मांग बढ़ रही है, लेकिन 60% ने माना कि उनके ट्रेनिंग प्रोग्राम AI के तेजी से बदलते प्रभाव के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं। भारत में 63% कंपनियां इस चुनौती का सामना कर रही हैं।

AI युग में किन स्किल्स को ज्यादा अहम माना जा रहा है?

जैसे-जैसे AI तकनीकी काम संभाल रहा है, मानवीय स्किल्स जैसे निर्णय लेने की क्षमता, प्रभावी कम्युनिकेशन और यह समझना कि कब तकनीकी हल गलत हो सकता है, ज्यादा अहम हो रही हैं। साथ ही, लिबरल आर्ट्स डिग्री और इंटरडिसिप्लिनरी एजुकेशन को भी ज्यादा महत्व दिया जा रहा है।

भारतीय कंपनियां अमेरिकी कंपनियों से AI ट्रेनिंग में आगे हैं क्या?

हां, भारत में 63% कंपनियां AI ट्रेनिंग के लिए समय दे रही हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 49% है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप

  2. 2

    शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान

  3. 3

    शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप

  4. 4

    हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …

  5. 5

    गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।