82 साल के बुजुर्ग ने 60 लाख दान कर समाज को किया समर्पित
82 साल के मदुरै के बुजुर्ग ने अपनी जिंदगी की बचत ₹60 लाख दान की, शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए देने का वादा 82 साल के पी.
82 साल के मदुरै के बुजुर्ग ने अपनी जिंदगी की बचत ₹60 लाख दान की, शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए देने का वादा
82 साल के पी. सुब्बैया ने मदुरै में अपनी जिंदगी की पूरी बचत ₹60 लाख दान कर दी और मरने के बाद अपना शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए देने का फैसला किया। इस बात का ऐलान सोमवार, 10 अगस्त 2026 को मदुरै में एक पब्लिक शिकायत निवारण मीटिंग के दौरान किया गया।
आर्मी फंड के लिए बचत समर्पित
तिरुपरनकुंद्रम के हार्वे नगर के रहने वाले सुब्बैया ने मदुरै के जिला कलेक्टर निशांत कृष्णा को आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे फंड के लिए ₹10,000 का चेक सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने अपनी वसीयत का दस्तावेज भी दिया, जिसमें उन्होंने अपने बैंक बैलेंस ₹30 लाख (ब्याज समेत) और बैंक लॉकर में रखे ₹30 लाख के कीमती सामान को इसी फंड के लिए दान करने की बात कही।
मेडिकल एजुकेशन के लिए शरीर दान का वादा
सुब्बैया ने एक घोषणा पत्र भी जमा किया, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के बाद अपना शरीर एक सरकारी अस्पताल को मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च के लिए दान करने की इच्छा जताई। उनका ये कदम समाज के प्रति उनके समर्पण को दिखाता है।
क्यों है ये खास
सुब्बैया का ये कदम दिखाता है कि व्यक्तिगत योगदान से पब्लिक वेलफेयर और मेडिकल रिसर्च में कितना बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उनके दान से आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे फंड को फायदा होगा, जो सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई के लिए काम करता है। वहीं, उनके शरीर का दान भविष्य के मेडिकल प्रोफेशनल्स की ट्रेनिंग में मदद करेगा।
ऐसे दुर्लभ और निस्वार्थ काम दूसरों को भी प्रेरणा देते हैं कि वे अपनी संपत्ति और विरासत को समाज के हित में इस्तेमाल करने पर विचार करें।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
82 साल के बुजुर्ग ने कितनी रकम दान की?
बुजुर्ग ने ₹60 लाख दान किए।
उन्होंने अपना शरीर किसके लिए दान करने का वादा किया?
उन्होंने अपना शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान करने का वादा किया।
सुब्बैया ने किस फंड के लिए चेक सौंपा?
उन्होंने आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे फंड के लिए ₹10,000 का चेक सौंपा।
उनकी दान की गई संपत्ति का क्या उपयोग होगा?
उनकी दान की गई संपत्ति से सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई में मदद मिलेगी।
सुब्बैया का कदम समाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उनका कदम समाज के प्रति समर्पण और व्यक्तिगत योगदान से पब्लिक वेलफेयर में बदलाव लाने का उदाहरण है।
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