उज्जैन के होटल में जहरीली गैस से चार सफाईकर्मियों की मौत
उज्जैन में देवास रोड स्थित होटल श्रीगंगा में शनिवार रात चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 4 सफाईकर्मियों की मौत हो गई।
उज्जैन में देवास रोड स्थित होटल श्रीगंगा में शनिवार रात चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 4 सफाईकर्मियों की मौत हो गई। 3 अन्य की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फूड वेस्ट के इस ओवरग्राउंड चैंबर में फंसे कर्मचारियों को निकालने के लिए करीब डेढ़ घंटे तक रेस्क्यू चला। बाहर निकालने के बाद पुलिसकर्मियों ने सीपीआर भी दिया, लेकिन चारों की जान नहीं बच सकी।
मृतकों की पहचान कमलेश पिता सोहनलाल तंबोली उज्जैन, नितिन पिता ताराचंद निवासी वाल्मीकि नगर मछली मार्केट उज्जैन, वाहिद निवासी सोमवारिया और मनोज पिता तेजमल मीणा निवासी झालावाड़ राजस्थान के रूप में हुई है। चारों रात में चैंबर की सफाई करने उतरे थे। इसके बाद वे एक के बाद एक अंदर फंस गए।
हादसे की सूचना मिलने पर माधव नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कर्मचारियों को बाहर निकालने में सबसे बड़ी परेशानी चैंबर के जाम गेट की वजह से आई। गेट खोलने की कोशिश में दिक्कत हुई तो थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने पास में चल रहे निर्माण कार्य से कटर मशीन मंगवाई। इसके बाद मशीन से गेट कटवाया गया, ताकि अंदर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकाला जा सके।
करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों सफाईकर्मियों को चैंबर से बाहर निकाला गया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें दो मिनट से ज्यादा समय तक सीपीआर दिया। इसके बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। चारों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
चार लोगों के अंदर फंसने के बाद पांचवां सफाईकर्मी हेमराज पिता भाऊराव 25 वर्ष निवासी छिंदवाड़ा भी चैंबर में गया था। अंदर जाने पर उसे घबराहट और बेहोशी महसूस होने लगी। तबीयत बिगड़ती देख वह बाहर आ गया।
इन चारों को बचाने के लिए दो अन्य लोग भी चैंबर में उतरे थे। उनकी भी तबीयत बिगड़ गई। हेमराज समेत तबीयत बिगड़ने वाले 3 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेस्क्यू के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर भी घायल हुआ है।
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी प्रदीप शर्मा और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह भी होटल पहुंचे। दोनों अफसरों ने मौके पर रेस्क्यू टीम को निर्देश दिए। होटल प्रबंधन पर कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरणों के चैंबर में उतारने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि कर्मचारी किन परिस्थितियों में चैंबर के अंदर गए थे। यह भी जांचा जा रहा है कि उन्हें अंदर जाने की अनुमति किसने दी थी। एसपी शर्मा का कहना है कि सुरक्षा को लेकर यदि किसी की लापरवाही पाई गई तो दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वेस्टेज चैंबर का काम मिठाई दुकानों की निर्माण इकाई से निकलने वाले कचरे और पानी के साथ चाशनी, घी-तेल इत्यादि के अवशेष को ठीक तरीके से ड्रैनेज तक पहुंचाना होता है। चैंबर के जाम होने पर इन चीजों की निकासी में समस्या आती है। होटल श्रीगंगा के कर्मचारी भी इसी तरह चैंबर की सफाई के लिए अंदर उतरे थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उज्जैन के होटल श्रीगंगा में हादसा कैसे हुआ?
देवास रोड स्थित होटल श्रीगंगा में शनिवार रात फूड वेस्ट के चैंबर की सफाई के दौरान कर्मचारी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। हादसे में चार सफाईकर्मियों की मौत हो गई और तीन अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हादसे में जान गंवाने वाले सफाईकर्मी कौन थे?
मृतकों की पहचान उज्जैन के कमलेश तंबोली, वाल्मीकि नगर मछली मार्केट के नितिन, सोमवारिया के वाहिद और राजस्थान के झालावाड़ के मनोज मीणा के रूप में हुई है।
चैंबर में फंसे कर्मचारियों को निकालने में क्या परेशानी आई?
चैंबर का गेट जाम था, इसलिए उसे कटर मशीन से काटना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे बाद चारों कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। पुलिसकर्मियों ने सीपीआर भी दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
हादसे के बाद होटल प्रबंधन पर क्या कार्रवाई हुई?
होटल प्रबंधन पर कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरणों के चैंबर में उतारने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि कर्मचारी किन हालात में अंदर गए और उन्हें अनुमति किसने दी थी।
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