वॉल स्ट्रीट का जश्न, बीजिंग की वित्तीय सतर्कता की कहानी
दो बाजारों की कहानी: वॉल स्ट्रीट में जश्न, बीजिंग में सतर्कता वॉल स्ट्रीट नई ऊंचाइयों पर, बीजिंग ने कसे वित्तीय नियम जहां वॉल स्ट्रीट रिकॉर्ड तोड़ ऊंचाइयों का जश्न मना रहा है, वहीं बीजिंग वित्तीय
वॉल स्ट्रीट नई ऊंचाइयों पर, बीजिंग ने कसे वित्तीय नियम
जहां वॉल स्ट्रीट रिकॉर्ड तोड़ ऊंचाइयों का जश्न मना रहा है, वहीं बीजिंग वित्तीय सतर्कता के साथ जूझ रहा है। यह दोनों देशों की आर्थिक रणनीतियों में बड़ा अंतर दिखाता है। जुलाई की शुरुआत में S&P 500, नैस्डैक और डॉ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने नए रिकॉर्ड बनाए। इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिका की आर्थिक वापसी का सबूत बताया। 4 जुलाई को, जो अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ थी, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "यह जीत है। अमेरिका का स्वर्ण युग शुरू हो रहा है – और यह तो बस शुरुआत है।"
बीजिंग की सतर्क नीति
चीन में माहौल इससे बिल्कुल अलग है। चीनी सरकार ने अपने वित्तीय बाजारों को लेकर सतर्क रुख अपनाया हुआ है। वहां अमेरिका की तरह जोशभरे बाजार नहीं देखे जा रहे। बीजिंग की यह सतर्कता वित्तीय अस्थिरता के डर के चलते बाजार-आधारित विकास को अपनाने में हिचकिचाहट दिखाती है।
चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग, शेनझेन के एसोसिएट डीन शियाओ गेंग का मानना है कि चीन को अपनी इस नीति में बदलाव की जरूरत है। उनका कहना है कि चीनी नियामकों को "अच्छे बुलबुले" बनाने पर ध्यान देना चाहिए – ऐसी रणनीति जो सिर्फ जोखिम कम करने के बजाय संपत्ति बनाने और उसे बचाने पर केंद्रित हो। शियाओ ने कहा, "हमें केवल जोखिम रोकने से आगे बढ़कर संपत्ति बनाने, उसे जमा करने और बचाने की दिशा में काम करना होगा।"
वैश्विक पूंजी का खींचतान
इन दोनों देशों की अलग-अलग रणनीतियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी असर डाल रही हैं। वाशिंगटन अपने शेयर बाजार की तेजी का फायदा उठाकर वैश्विक पूंजी को आकर्षित कर रहा है, जबकि बीजिंग एक चौराहे पर खड़ा है। चीनी नीति-निर्माताओं को यह तय करना होगा कि वे अपनी सतर्क नीति पर टिके रहें या घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश बनाए रखने के लिए बाजार में तेजी लाने की कोशिश करें।
यह अंतर दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापक आर्थिक प्रतिस्पर्धा को उजागर करता है। जहां अमेरिका बाजार के उत्साह का फायदा उठाकर विकास को रफ्तार दे रहा है, वहीं चीन की सतर्क नीति वित्तीय बुलबुले के खतरे से बचने पर केंद्रित है। बीजिंग वॉल स्ट्रीट की चमक से मुकाबला करने के लिए अपनी रणनीति बदलेगा या नहीं, यह अभी भी एक बड़ा सवाल है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वॉल स्ट्रीट में क्या हो रहा है?
वॉल स्ट्रीट रिकॉर्ड तोड़ ऊंचाइयों का जश्न मना रहा है।
बीजिंग की वित्तीय नीति कैसी है?
बीजिंग ने वित्तीय सतर्कता का रुख अपनाया हुआ है और वहां बाजार में जोशभरे हालात नहीं हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट की ऊंचाइयों के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने इसे अमेरिका की आर्थिक वापसी का सबूत बताया और कहा कि अमेरिका का स्वर्ण युग शुरू हो रहा है।
चीन को अपनी वित्तीय नीति में क्या बदलाव करना चाहिए?
शियाओ गेंग का मानना है कि चीन को 'अच्छे बुलबुले' बनाने पर ध्यान देना चाहिए, जो संपत्ति बनाने और उसे बचाने पर केंद्रित हो।
अमेरिका और चीन की आर्थिक रणनीतियों में क्या अंतर है?
अमेरिका बाजार के उत्साह का फायदा उठाकर विकास कर रहा है, जबकि चीन सतर्क नीति के तहत वित्तीय बुलबुले के खतरे से बचने पर ध्यान दे रहा है।
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