मुख्य सामग्री पर जाएं
News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
कानपुर में जमीन विवाद को लेकर फायरिंग, चार लोगों को लगी गोलीहमीरपुर में पीएम आवास योजना की गड़बड़ी रोकने को घर-घर जांचअमेठी में दो बाइकों की टक्कर, एक युवक की मौत; दूसरा रेफरहमीरपुर में युवक की हत्या के आरोप में पति-पत्नी गिरफ्तार, कुल्हाड़ी बरामदगोहद में स्कूल बस की टक्कर से 11 साल की छात्रा की मौतरायबरेली में ट्रक और टेलर की टक्कर, चालक की मौत; दूसरा गंभीरआगा सैयद रूहुल्लाह नेशनल कॉन्फ्रेंस से अलग, श्रीनगर सीट से इस्तीफादेवास में टीआई दिलीप पुरी को कुचलने का आरोपी शॉर्ट एनकाउंटर में घायल
National Official source उत्तर प्रदेश

यूपी की 58 हजार ग्राम पंचायतों में डिजिटल होंगी विकास योजनाएं

उत्तर प्रदेश की 58 हजार ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएं अब डिजिटल तरीके से बनेंगी लखनऊ।

यूपी की 58 हजार ग्राम पंचायतों में डिजिटल होंगी विकास योजनाएं
Image credit: News Darpan Team

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की करीब 58 हजार ग्राम पंचायतों में विकास योजनाएं तैयार करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। योगी सरकार गांवों के विकास की योजना बनाने में कागज-कलम की जगह तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने जा रही है। अब गांव की जरूरत, आबादी और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर विकास का पूरा खाका डिजिटल तरीके से तैयार किया जाएगा।

इस व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों की योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से तैयार करने पर जोर रहेगा। गांवों में किन कामों की जरूरत है, वहां कितनी आबादी है, कौन से संसाधन उपलब्ध हैं और सरकारी आंकड़े क्या बताते हैं, इन सभी जानकारियों को योजना बनाने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

ग्राम्य विकास आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) के तहत उपलब्ध सॉफ्टवेयर और विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपी) पोर्टल का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने तकनीक आधारित नियोजन को हर ग्राम पंचायत तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय से लेकर विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाई जाएगी।

वीजीपी पोर्टल से तैयार होगा गांवों का रोडमैप

ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की योजना व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से तैयार करने के लिए विकसित ग्राम पंचायत प्लान यानी वीजीपी पोर्टल तैयार किया गया है। इसी पोर्टल के जरिए गांवों की वास्तविक जरूरतों, जनसंख्या, संसाधनों और उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाएं बनाने पर जोर दिया जाएगा।

नई व्यवस्था में गांवों के विकास का रोडमैप उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार होगा। योजना बनाने की प्रक्रिया में स्थानीय जरूरतों और सरकारी आंकड़ों को एक साथ देखा जाएगा। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों का चयन अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विकास कार्यों का चयन मनमाने तरीके से नहीं, बल्कि जरूरत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर किया जाएगा। इससे बजट का सही इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी। गांवों में वही काम चुने जाएंगे, जिनकी सबसे ज्यादा जरूरत होगी।

पोर्टल के इस्तेमाल के साथ विकास योजनाएं तैयार करने की पूरी प्रक्रिया को भी अधिकारियों और कर्मचारियों को समझाया जाएगा। तकनीक के जरिए योजना बनाने से ग्राम पंचायतों के स्तर पर उपलब्ध जानकारी को विकास कार्यों से जोड़ने पर जोर रहेगा।

अधिकारियों और कर्मचारियों को दो चरणों में प्रशिक्षण

सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था दो चरणों में तय की है। पहले चरण में प्रदेश मुख्यालय के अधिकारियों और संबंधित तकनीकी कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस चरण में मास्टर ट्रेनर के तौर पर तैयार किए जाने वाले अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों को पोर्टल के इस्तेमाल और योजना बनाने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। उन्हें आगे विकासखंडों और ग्राम पंचायतों के स्तर पर अधिकारियों, सचिवों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

दूसरे चरण में अगले एक सप्ताह के भीतर सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों के अधिकारियों, सचिवों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस तरह प्रशिक्षण को प्रदेश मुख्यालय से नीचे विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान वीजीपी पोर्टल का इस्तेमाल, उसकी साइबर सुरक्षा और विकास योजनाएं तैयार करने की पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल कैसे करना है और गांवों की जरूरतों के आधार पर योजना कैसे तैयार करनी है, इस पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सभी जिलों की ग्राम पंचायतें अपने-अपने विकासखंडों से वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में जुड़ेंगी। इससे प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलों की ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें डिजिटल तरीके से योजना बनाने की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।

स्वामित्व योजना और फार्मर रजिस्ट्री पर भी काम

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ाने के साथ सरकार स्वामित्व योजना और फार्मर रजिस्ट्री पर भी तेजी से काम कर रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक 1.05 करोड़ से अधिक घरौनियों का निर्माण और वितरण किया जा चुका है।

घरौनियों के निर्माण और वितरण से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार मिला है। यह काम ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करने की दिशा में किया जा रहा है।

वहीं फार्मर रजिस्ट्री में 1.44 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। इस व्यवस्था के तहत किसानों से जुड़ी सभी जानकारियों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसानों की जानकारी उपलब्ध होने से कृषि योजनाओं, पीएम किसान सम्मान निधि और फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ लेने वाले किसानों की पहचान और पात्रता की जांच में पारदर्शिता और तेजी आएगी। ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को डिजिटल तरीके से तैयार करने की व्यवस्था के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन प्रक्रिया को भी बढ़ाया जा रहा है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएं किस पोर्टल से तैयार की जाएंगी?

योजनाएं विकसित ग्राम पंचायत प्लान यानी वीजीपी पोर्टल से तैयार की जाएंगी। इसमें गांव की जरूरत, आबादी, संसाधनों और सरकारी आंकड़ों को शामिल किया जाएगा।

अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल का प्रशिक्षण कैसे मिलेगा?

प्रशिक्षण दो चरणों में होगा। पहले प्रदेश मुख्यालय के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी मास्टर ट्रेनर बनेंगे। इसके बाद वे विकासखंडों और ग्राम पंचायतों के अधिकारियों, सचिवों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    हाथरस में किन्नर गुरु मनीषा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, जांच की मांग

  2. 2

    मार्विन अची का आरोप, शिवानी कुमारी ने मुंह पर कालिख लगाई

  3. 3

    सीएम योगी ने श्रावस्ती के डॉक्टर एनएन पांडेय को भेजा प्रशंसा पत्र

  4. 4

    शामली में पिकअप-ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत, एक युवक की मौत; चार घायल

  5. 5

    श्रावस्ती में सुहागिनों ने रखा करवा चौथ व्रत, चांद का इंतजार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।