बनियाखेड़ा में वीपीआरपी-सीएलएफ प्रशिक्षण शुरू, गांव की गरीबी घटाने पर जोर
बनियाखेड़ा में VPRP प्रशिक्षण का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ प्रशिक्षण का उद्घाटन चन्दौसी।
बनियाखेड़ा में VPRP प्रशिक्षण का शुभारंभ
दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ प्रशिक्षण का उद्घाटन
चन्दौसी। दीन दयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत विकास खण्ड बनियाखेड़ा के सभागार में मंगलवार 04 नवंबर 2026 को “VPRP Training, CLF Concept Seeding” विषय पर एक दिवसीय अनावासीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। कार्यक्रम का मकसद VPRP और CLF की अवधारणा को समझाना और ग्राम गरीबी उन्मूलन योजना की तैयारी पर जोर देना है।
प्रशिक्षण का शुभारंभ खण्ड विकास अधिकारी महोदया ने ज्ञान की देवी मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रतिभागियों और अधिकारियों ने मां सरस्वती की वंदना की।
यह प्रशिक्षण क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान (RIRD), आसफपुर के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षण संस्थान के आचार्य सुनील कुमार वर्मा के कुशल निर्देशन और प्रशिक्षण प्रभारी हरीश उपाध्याय के नेतृत्व में किया जा रहा है।
VPRP और CLF की भूमिका समझाई गई
प्रशिक्षण की मुख्य प्रशिक्षक लक्ष्मी जी (DRP) ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और अन्य प्रतिभागियों को VPRP तथा CLF के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि VPRP यानी Village Poverty Reduction Plan (ग्राम गरीबी न्यूनीकरण योजना) क्या है और इसे किस तरह तैयार किया जाता है।
प्रशिक्षण के दौरान CLF यानी Cluster Level Federation (संकुल स्तरीय महासंघ) की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि ग्राम गरीबी न्यूनीकरण योजना तैयार करने में CLF किस तरह काम करता है और गांव की महिलाओं को एकजुट करने में इसकी क्या भूमिका होती है।
मुख्य प्रशिक्षक लक्ष्मी जी ने बताया कि VPRP का मुख्य उद्देश्य गांव के सबसे गरीब परिवारों की जरूरतों को चिन्हित करना और उनके लिए प्रभावी योजना तैयार करना है। इसके जरिए इन परिवारों को आजीविका मिशन की योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने पर जोर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि CLF एक सशक्त माध्यम के रूप में कार्य करता है। यह गांव की महिलाओं को एकजुट कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करता है। इसी वजह से प्रशिक्षण में CLF की भूमिका और उसके काम करने के तरीके को अहम विषय के रूप में शामिल किया गया।
अधिकारी और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं
कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास), बीएम (ब्लॉक मिशन मैनेजर) सहित विकास खण्ड के अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी प्रशिक्षण में शामिल हुईं।
प्रशिक्षण के सफल संचालन में सत्र सहायक साहिल कुमार ने विशेष सहयोग प्रदान किया। अंत में बीडीओ महोदया ने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को अपने-अपने गांवों में लागू करने का आह्वान किया।
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