उत्तर प्रदेश में कॉलेज की लड़कियों के लिए फ्री स्कूटी योजना मंजूर
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने कॉलेज की लड़कियों के लिए फ्री स्कूटी योजना को मंजूरी दी उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए गाइडलाइन्स को मंजूरी दे दी है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए गाइडलाइन्स को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत मेधावी ग्रेजुएट छात्राओं को फ्री स्कूटी दी जाएगी, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा पाने में मदद मिल सके। यह फैसला मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को लिया गया। सरकार का मानना है कि इससे लड़कियों का ड्रॉपआउट रेट कम होगा और उनकी आवाजाही आसान होगी।
मेधावी छात्राओं के लिए योजना
यह योजना राज्य की टॉप 5% मेधावी छात्राओं के लिए है। चयन अकादमिक प्रदर्शन के आधार पर होगा। लाभ पाने वाली छात्राएं उत्तर प्रदेश की निवासी होनी चाहिए और राज्य विश्वविद्यालय, प्राइवेट यूनिवर्सिटी या राज्य विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों (सरकारी और सेल्फ-फाइनेंस्ड दोनों) से ग्रेजुएट होनी चाहिए। योजना 2025-26 के शैक्षणिक सत्र से शुरू होगी।
शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश
राज्य सरकार ने कहा है कि इस योजना का मकसद खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में लड़कियों को उच्च शिक्षा तक पहुंचने में आने वाली दिक्कतों को दूर करना है। बेहतर परिवहन सुविधाएं देकर सरकार ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) बढ़ाने और लड़कियों में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यह योजना छात्राओं की उच्च शिक्षा में बने रहने और उनकी आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
स्कूटी के साथ पूरी सुविधा
योजना के तहत दी जाने वाली स्कूटी पेट्रोल से चलने वाली होगी, ताकि ग्रामीण इलाकों में ईंधन और सर्विसिंग आसानी से मिल सके। पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्कूटी की खरीदारी सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए की जाएगी। पैकेज में रजिस्ट्रेशन चार्ज, फुल इंश्योरेंस, ISI मार्क वाला हेलमेट, 4 लीटर पेट्रोल और अन्य जरूरी सामान शामिल होंगे, जिससे छात्राओं पर कोई अतिरिक्त खर्च न पड़े।
महत्वपूर्ण कदम
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना महिलाओं को शिक्षा के जरिए सशक्त बनाने की उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती है। यह योजना लड़कियों की शिक्षा में आने वाली लॉजिस्टिक दिक्कतों को दूर करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। खासकर पिछड़े इलाकों में लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए यह योजना अहम मानी जा रही है। इससे राज्य में जेंडर समानता और महिलाओं के लिए बेहतर अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
स्रोत: The Hindu
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