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मुजफ्फरनगर में आपदा से निपटने की तैयारी का बड़ा अभ्यास

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में भूकंप, अग्निकांड और औद्योगिक रासायनिक घटनाओं जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया।

मुजफ्फरनगर में आपदा से निपटने की तैयारी का बड़ा अभ्यास
Image credit: News Darpan Team

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में भूकंप, अग्निकांड और औद्योगिक रासायनिक घटनाओं जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर शुक्रवार को यह बड़ा अभ्यास आयोजित हुआ, जिसमें पुलिस और प्रशासन ने अपनी तैयारियों का जायजा लिया।

जिले की पांच अलग-अलग जगहों पर यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें पुलिस, फायर, स्वास्थ्य, राजस्व और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया। सभी विभागों ने मिलकर आपदा के समय किए जाने वाले कामों की रिहर्सल की।

सदर तहसील क्षेत्र में दो स्थानों पर मॉक ड्रिल कराई गई। रोहाना कलां स्थित आईपीएल इंडस्ट्रीज में औद्योगिक एवं रासायनिक आपदा का परिदृश्य तैयार किया गया। यहां स्टेजिंग एरिया, मेडिकल पोस्ट, सेनारियो स्थल और राहत शिविर की पूरी व्यवस्था की गई थी। इसी तरह हिमालय पब्लिक स्कूल में भूकंप की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

मॉक एक्सरसाइज के दौरान आपदा की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों के मौके पर पहुंचने, घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने और प्रभावित लोगों को राहत शिविर तक पहुंचाने की व्यवस्थाओं को परखा गया। इस पूरी प्रक्रिया में हर विभाग की भूमिका और उनके बीच तालमेल को जांचा गया।

एसडीएम न्यायिक कृष्णकांत विश्वकर्मा ने बताया कि जिले में पांच स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि भूकंप, अग्निकांड और रासायनिक घटनाओं जैसे संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आपदा कभी भी और कहीं भी आ सकती है, इसलिए मॉक ड्रिल का उद्देश्य लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस, फायर, स्वास्थ्य, राजस्व सहित सभी संबंधित विभाग संयुक्त रूप से तैयारियों को परख रहे हैं, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में तेजी और प्रभावी तरीके से राहत एवं बचाव कार्य किए जा सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुजफ्फरनगर में यह मॉक ड्रिल क्यों आयोजित की गई?

भूकंप, अग्निकांड और औद्योगिक रासायनिक घटनाओं जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए यह अभ्यास किया गया। इसका मकसद विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और लोगों को जागरूक करना है।

इस मॉक एक्सरसाइज में कौन-कौन से विभाग शामिल थे?

पुलिस, फायर, स्वास्थ्य, राजस्व और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग संयुक्त रूप से इस अभ्यास में भाग लिए। सभी विभागों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों की रिहर्सल की।

मॉक ड्रिल कितनी जगहों पर आयोजित की गई?

जिले की पांच अलग-अलग जगहों पर यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इनमें रोहाना कलां स्थित IPL इंडस्ट्रीज में रासायनिक आपदा का परिदृश्य और हिमालय पब्लिक स्कूल में भूकंप की स्थिति शामिल थी।

इस अभ्यास के दौरान क्या-क्या परखा गया?

आपदा की सूचना के बाद विभागों के मौके पर पहुंचना, घायलों को सुरक्षित निकालना, मेडिकल सहायता देना और राहत शिविर तक पहुंचाने की व्यवस्थाओं को परखा गया। साथ ही हर विभाग की भूमिका और उनके बीच तालमेल भी जांचा गया।

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