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अमेरिका-चीन की नई जंग: खुद को बेहतर बनाने वाला AI बनाने की होड़

अमेरिका और चीन रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट AI बनाने की होड़ में हैं। OpenAI ने ऑटोमेटेड रिसर्चर बनाने का लक्ष्य बताया।

अमेरिका-चीन की नई जंग: खुद को बेहतर बनाने वाला AI बनाने की होड़
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ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम बनाने की होड़ जो खुद को बना और बेहतर कर सकें, अमेरिका-चीन की टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा में एक अहम मोर्चे के रूप में सामने आई है, और दोनों देश इस क्षमता को संभावित रूप से बदलाव लाने वाला मानते हैं।

ऑटोनॉमस AI डेवलपमेंट बनी नई जंग की जमीन

अमेरिका और चीन दोनों देशों की बड़ी AI कंपनियां तेजी से एडवांस मॉडल लगा रही हैं जो कोड लिखें, एक्सपेरिमेंट डिजाइन करें, और ट्रेनिंग तकनीकें बनाएं ताकि ज्यादा ताकतवर अगली पीढ़ी के सिस्टम तैयार हों। इंडस्ट्री ने इस महत्वाकांक्षा को रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट या RSI का नाम दिया है, यानी ऐसे AI सिस्टम बनाना जो इंसानी दखल के बिना खुद को ट्रेन कर सकें।

यह टेक्नोलॉजी AI के परिदृश्य को बुनियादी तौर पर बदल सकती है। जैसे-जैसे AI सिस्टम ज्यादा सक्षम उत्तराधिकारी बनाने में योगदान देते हैं, जो बदले में अगली पीढ़ी को बेहतर बनाने में ज्यादा अच्छे होते हैं, यह प्रक्रिया एक तेज होता फीडबैक लूप बना सकती है जो AI के विकास को पूरी तरह नई दिशा में ले जाए।

OpenAI ने रिसर्च लक्ष्य बताए

पिछले हफ्ते एक ब्लॉग पोस्ट में OpenAI ने कहा कि उसका मकसद एक ऑटोमेटेड AI रिसर्चर बनाना है जो डीप लर्निंग रिसर्च को आगे बढ़ा सके, हालांकि कंपनी ने माना कि वह अभी अनिश्चित है कि "aligned, full RSI तक सुरक्षित तरीके से पूरा कैसे पहुंचें"। कंपनी ने अपने GPT-6 Astra मॉडल का जिक्र किया, जो सितंबर की शुरुआत में रिलीज हुआ, और उसे "दुनिया का सबसे इंटेलिजेंट और aligned मॉडल" बताया।

अमेरिका और चीन दोनों रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट को AI रेस में गेम-चेंजर मानते हैं। यह प्रतिस्पर्धा इस बात पर सवाल खड़े करती है कि कौन सा पक्ष पहले यह क्षमता हासिल करेगा, और क्या यह टेक्नोलॉजी ज्यादा बड़े खतरे पैदा करेगी।

स्रोत: South China Morning Post

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका और चीन किस तरह के AI को बनाने की होड़ में हैं?

अमेरिका और चीन ऐसे AI सिस्टम बनाने की होड़ में हैं जो खुद को बना और बेहतर कर सकें। इसे रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट (RSI) कहते हैं, यानी ऐसे AI जो इंसानी दखल के बिना खुद को ट्रेन कर सकें।

RSI तकनीक क्या काम करती है?

RSI में AI सिस्टम कोड लिखते हैं, एक्सपेरिमेंट डिजाइन करते हैं और ट्रेनिंग तकनीकें बनाते हैं ताकि अगली पीढ़ी के ज्यादा ताकतवर AI सिस्टम तैयार हो सकें। जैसे-जैसे AI बेहतर होता है, वह और भी बेहतर AI बनाने में माहिर हो जाता है।

OpenAI ने अपने लक्ष्य के बारे में क्या कहा है?

OpenAI ने कहा कि उसका मकसद एक ऑटोमेटेड AI रिसर्चर बनाना है जो डीप लर्निंग रिसर्च को आगे बढ़ा सके। कंपनी ने माना कि उसे अभी यह पता नहीं है कि सुरक्षित तरीके से पूरी RSI क्षमता तक कैसे पहुंचा जाए।

यह तकनीक इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

RSI टेक्नोलॉजी AI के पूरे परिदृश्य को बुनियादी तौर पर बदल सकती है क्योंकि यह एक तेज फीडबैक लूप बना सकती है जो AI के विकास को पूरी तरह नई दिशा में ले जाए। दोनों देश इसे AI रेस में गेम-चेंजर मानते हैं।

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