यूपी में बारिश से 13 मौतें, कई राज्यों में अलर्ट
यूपी में बारिश से मौतों का आंकड़ा 13 हुआ, बाढ़ जैसे हालात के बीच कई राज्य अलर्ट पर भारत के कई हिस्सों में बारिश ने बाढ़ जैसे हालात को और गंभीर कर दिया है।
भारत के कई हिस्सों में बारिश ने बाढ़ जैसे हालात को और गंभीर कर दिया है। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, तेज हवाओं और उफनती नदियों की वजह से घरों, फसलों और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है। राज्य में बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत और 17 लोगों के घायल होने की रिपोर्ट है।
लगातार बारिश से कई राज्य अलर्ट पर
देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है, और इसका असर कई राज्यों में काफी गंभीर दिख रहा है।
उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं।
इन राज्यों से सामने आई स्थिति के मुताबिक, बारिश की वजह से जान-माल का भी काफी नुकसान हुआ है।
राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को हल्की बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे चला गया, जिसके बाद भारत मौसम विज्ञान विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया था।
आईएमडी ने अनुमान जताया कि रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने की संभावना थी।
27 सितंबर के लिए मौसम विभाग ने कहा कि देश के कई हिस्सों में बारिश और तूफानी हालात जारी रह सकते हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 8 घंटों के दौरान करीब 15 राज्यों में बारिश की गतिविधि देखी जा सकती है।
कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी हो सकती है।
पूर्वानुमान में उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्से शामिल थे, जिनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान हैं, जहां मौसम में बदलाव की उम्मीद थी।
मौसम विभाग ने कहा कि रविवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का असर ज्यादा मजबूत हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया था।
दिल्ली में भी बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में मौतें, घायल और बड़ा नुकसान
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ा।
इस सिस्टम की वजह से रविवार को भी बारिश जारी रहने की उम्मीद थी।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 13 मौतों की रिपोर्ट है, जबकि 17 लोगों के घायल होने की बात कही गई।
कई इलाकों में बाढ़ और अचानक जलभराव का खतरा भी बना।
पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना ज्यादा बारिश हुई।
तेज बारिश ने खड़ी फसलों को बर्बाद कर दिया और 117 कच्चे मकानों को पूरी तरह नुकसान पहुंचाया।
कच्ची दीवारें और घर गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई।
तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच पेड़ उखड़ने से हुए हादसों में 5 और लोगों की जान चली गई।
लखीमपुर खीरी, अमेठी, बाराबंकी और गोरखपुर जिलों से जान जाने की रिपोर्ट आई।
लखनऊ के चाइना गांव में मिट्टी के घर की दीवार गिरने से एक ही परिवार के 3 सदस्य घायल हो गए।
उन्हें सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कन्नौज में लगातार बारिश से 20 कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा।
बांदा, वाराणसी, उन्नाव, प्रयागराज, श्रावस्ती, एटा, बदायूं, गोरखपुर, बरेली, बलरामपुर और पीलीभीत समेत कई जिलों में नदियां उफान पर थीं।
कई प्रभावित जिलों में अस्पताल और पब्लिक जगहें पानी में डूब गईं।
इन इलाकों में फसलें भी बर्बाद हो गईं।
चक्रवाती मौसम और आंधी से कई जगह पेड़ और बिजली के पोल गिर गए।
पेड़ और बिजली के पोल गिरने से बिजली सप्लाई पर भी असर पड़ा।
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए और बारिश का अनुमान
27 सितंबर को उत्तर प्रदेश पर बारिश का असर जारी रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर बारिश हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ जगहों पर बारिश देखने को मिल सकती है।
इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया गया।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर को हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने 27 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दोनों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया।
यह पूर्वानुमान इसलिए अहम है क्योंकि राज्य पहले से ही मौजूदा बारिश से जुड़ी मौतों, घायलों, क्षतिग्रस्त घरों, बर्बाद खड़ी फसलों, उफनती नदियों, पानी में डूबी पब्लिक जगहों और बिजली सप्लाई में बाधा से जूझ रहा है।
खतरा उन इलाकों में खास तौर पर ज्यादा है, जहां बाढ़ जैसे हालात और अचानक जलभराव पहले ही सामने आ चुके हैं।
और बारिश का यह अनुमान ऐसे 24 घंटे के बाद आया है, जिसमें राज्य में सामान्य से 19 गुना ज्यादा बारिश हुई।
बिहार में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं दिख सकती हैं
बिहार में रविवार को खराब मौसम देखने को मिल सकता है।
राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक हो सकती है।
पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधि जारी रहने की वजह से बिहार के कुछ हिस्सों पर इसका असर दिख सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में राज्य में भारी बारिश की संभावना का भी जिक्र था।
बारिश के दौरान तेज हवाएं और तूफानी हालात बन सकते हैं।
मौसम का असर खुले इलाकों में ज्यादा महसूस हो सकता है।
बिहार में बारिश का दौर 26 सितंबर के बाद भी पूरी तरह थमता नहीं दिखा।
पूर्वानुमान में बिहार को उन इलाकों में रखा गया है, जहां बारिश की गतिविधि गरज और हवा के साथ जारी रह सकती है, न कि सिर्फ अलग-थलग बारिश की घटना के तौर पर।
दिल्ली का पूर्वानुमान: सुबह से दोपहर तक बारिश, तेज हवाएं संभव
दिल्ली में 27 सितंबर को तूफानी हालात के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में 26 और 27 सितंबर को बारिश की गतिविधि देखी जा सकती है।
27 सितंबर को सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है।
कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
26-27 सितंबर के दौरान दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश का फैलाव ज्यादा रहने की उम्मीद है।
यह पूर्वानुमान दिल्ली में शनिवार को हुई हल्की बारिश के बाद आया है, जिसके बाद तापमान सामान्य से नीचे चला गया था।
मौसम की स्थिति को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया था।
आईएमडी ने अनुमान जताया कि रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
उसने यह भी अनुमान जताया कि न्यूनतम तापमान करीब 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
दिल्ली के पूर्वानुमान में दो चीजें साथ हैं: बारिश और हवा, जिसमें सुबह से दोपहर तक एक दौर संभव है और झोंके इतने तेज हो सकते हैं कि मौसम विभाग ने उनका खास तौर पर जिक्र किया है।
हिमाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है
हिमाचल प्रदेश में रविवार को मौसम ज्यादा सक्रिय दिख सकता है।
मौसम विभाग ने राज्य में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया।
26 सितंबर से बारिश की गतिविधि बढ़ने के बाद, इसका असर 27 सितंबर को ज्यादा मजबूत दिख सकता है।
कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश संभव है।
इसके बाद 28 सितंबर को भी कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।
यह पूर्वानुमान इसलिए अहम है क्योंकि हिमाचल प्रदेश पहले से उन राज्यों में शामिल है, जहां लगातार मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं।
रिपोर्ट की गई स्थिति के मुताबिक, यह उन इलाकों में भी शामिल है जहां किन्नौर में बर्फबारी के साथ भारी बारिश ने काफी मुश्किलें पैदा की हैं।
भारी बारिश, कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक का मेल राज्य को लगातार पूर्वानुमान वाले दिनों में सक्रिय मौसम के दौर में रखता है।
राजस्थान, जम्मू-कश्मीर में भी बदलते हालात
राजस्थान में 27 सितंबर से मौसम में बदलाव दिख सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर 27 से 29 सितंबर के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधि देखी जा सकती है।
27 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में तेज हवाएं भी संभव हैं।
हालांकि, राज्य के सभी हिस्सों में बारिश के हालात एक जैसे नहीं होंगे।
पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधि सीमित रह सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में अगले कुछ दिनों के लिए पूर्वी राजस्थान को ज्यादा सक्रिय क्षेत्र बताया गया।
जम्मू-कश्मीर में संकेत रविवार को मौसम में बड़े बदलाव के बजाय अगले दो दिनों में गतिविधि बढ़ने की तरफ थे।
मौसम विभाग के मुताबिक, 28 और 29 सितंबर को जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में गरज-चमक और तेज हवा के हालात बन सकते हैं।
इन दिनों हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।
27 सितंबर के लिए राज्य में व्यापक बारिश का कोई संकेत नहीं था, लेकिन मौसम बदलने की स्थिति बनी रह सकती है।
इसलिए पूर्वानुमान जम्मू-कश्मीर को उन इलाकों से अलग रखता है, जहां तुरंत व्यापक बारिश की उम्मीद है, लेकिन साथ ही 28 और 29 सितंबर को ज्यादा मजबूत गतिविधि की संभावना की तरफ भी इशारा करता है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से नुकसान
उत्तर प्रदेश के अलावा, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश ने तबाही मचाई है।
छत्तीसगढ़ में प्रभावित इलाकों के तौर पर गरियाबंद, राजनांदगांव, बलौदा बाजार और बस्तर के नाम हैं।
राजनांदगांव में शिवनाथ नदी में बाढ़ थी।
बस्तर और जगदलपुर में पिछले 5 दिनों की मूसलाधार बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
प्रशासन ने इन इलाकों में सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया।
छत्तीसगढ़ की स्थिति दिखाती है कि मौजूदा मौसम का असर सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बाढ़, रिकॉर्ड बारिश और रेस्क्यू ऑपरेशन की रिपोर्ट है।
नेपाल में बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ा, आसपास के इलाके प्रभावित
नेपाल में भारी बारिश की वजह से कोसी और गंडक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।
नदियों का जलस्तर बढ़ने की वजह से तटीय इलाकों में लोग फंस गए।
यह घटनाक्रम पूरे क्षेत्र में बाढ़ की चिंता को और बढ़ाता है, जहां भारी बारिश ने पहले ही उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नदियों को उफान पर ला दिया है।
स्रोत में कोसी और गंडक के बढ़ने को नेपाल में भारी बारिश से जोड़ा गया था, जबकि उत्तर प्रदेश की नदियों की स्थिति को कई जिलों में भारी बारिश से जोड़ा गया था।
मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और बॉर्डर इलाकों में परेशानी की रिपोर्ट
मध्य प्रदेश में मंडला और पन्ना में केन और मडासन नदियां उफान पर थीं।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और उत्तराखंड के चमोली, टिहरी और बॉर्डर इलाकों में बर्फबारी के साथ भारी बारिश ने काफी मुश्किलें पैदा कीं।
उत्तराखंड को भी उन राज्यों में शामिल किया गया, जहां लगातार मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं।
ये रिपोर्ट बताती हैं कि सक्रिय मौसम सिस्टम ने नदियों की स्थिति और ऊंचाई वाले इलाकों, दोनों को प्रभावित किया है, जहां बारिश और बर्फबारी, दोनों एक ही व्यापक मौसम की परेशानी में दिख रहे हैं।
मौजूदा दौर अहम क्यों है
मौसम की यह स्थिति इसलिए अहम है क्योंकि बारिश एक राज्य या एक तरह के असर तक सीमित नहीं है।
उत्तर प्रदेश में इसी दौर को मौतों, घायलों, क्षतिग्रस्त कच्चे घरों, बर्बाद खड़ी फसलों, पानी में डूबी पब्लिक जगहों, उफनती नदियों और प्रभावित बिजली सप्लाई से जोड़ा गया है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश को शिवनाथ नदी में बाढ़, बस्तर और जगदलपुर में 15 साल का बारिश रिकॉर्ड टूटने, और प्रशासन की तरफ से सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किए जाने से जोड़ा गया है।
दिल्ली में असर हल्की बारिश के बाद सामान्य से नीचे तापमान और भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से जारी येलो अलर्ट के जरिए दिखा है।
बिहार में मौसम विभाग ने बारिश, गरज-चमक, भारी बारिश की संभावना, तेज हवाओं और तूफानी हालात का अनुमान जताया है।
हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान था, और किन्नौर में बर्फबारी के साथ भारी बारिश पहले ही परेशानी पैदा कर चुकी थी।
राजस्थान में पूर्वानुमान ने पूर्वी राजस्थान, जहां 27 से 29 सितंबर के बीच बारिश और गरज-चमक हो सकती है, और पश्चिमी राजस्थान, जहां बारिश की गतिविधि सीमित रह सकती है, के बीच फर्क बताया।
जम्मू-कश्मीर में पूर्वानुमान ने 28 और 29 सितंबर को ज्यादा मजबूत गतिविधि की तरफ इशारा किया, जिसमें हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती हैं।
इसलिए बदलता मौसम देश के उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में फैला है, जहां अलग-अलग राज्य बारिश, हवाओं, बाढ़, बर्फबारी, जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर का सामना अलग-अलग मेल में कर रहे हैं।
राज्यवार पूर्वानुमान और रिपोर्ट किया गया असर
उत्तर प्रदेश बड़ी चिंता बना हुआ है क्योंकि मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ने के बाद बारिश जारी रह सकती है।
राज्य में भारी बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में पहले ही 13 मौतें और 17 लोग घायल दर्ज किए जा चुके हैं।
पिछले 24 घंटों में बारिश सामान्य स्तर से 19 गुना पहुंचने के बाद खड़ी फसलें और 117 कच्चे मकान पूरी तरह बर्बाद हो गए।
5 मौतें कच्ची दीवारों और घरों के गिरने से जुड़ी थीं, जबकि 5 मौतें तेज हवाओं और भारी बारिश में पेड़ उखड़ने से हुए हादसों से जुड़ी थीं।
लखीमपुर खीरी, अमेठी, बाराबंकी और गोरखपुर जिलों से जान जाने की रिपोर्ट आई।
कन्नौज में लगातार बारिश की वजह से 20 कच्चे मकानों को नुकसान की रिपोर्ट आई।
बांदा, वाराणसी, उन्नाव, प्रयागराज, श्रावस्ती, एटा, बदायूं, गोरखपुर, बरेली, बलरामपुर और पीलीभीत उन जिलों में शामिल थे, जहां नदियां उफान पर थीं।
दिल्ली में 27 सितंबर को सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है, कुछ जगहों पर गरज-चमक संभव है।
दिल्ली में तेज हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में 26-27 सितंबर के दौरान बारिश का फैलाव ज्यादा दिख सकता है।
बिहार के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक हो सकती है, और पूर्वानुमान में भारी बारिश की संभावना का भी जिक्र था।
बिहार में बारिश के दौरान तेज हवाएं और तूफानी हालात बन सकते हैं, जिसका असर खुले इलाकों में ज्यादा महसूस होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है, और 28 सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश जारी रह सकती है।
पूर्वी राजस्थान में 27 से 29 सितंबर के बीच बारिश और गरज-चमक हो सकती है, 27 सितंबर को तेज हवाएं संभव हैं।
पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधि सीमित दिख सकती है।
जम्मू-कश्मीर में 27 सितंबर के लिए व्यापक बारिश का संकेत नहीं था, लेकिन मौसम में बदलाव जारी रह सकता है।
28 और 29 सितंबर को जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं दिख सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।
छत्तीसगढ़ में गरियाबंद, राजनांदगांव, बलौदा बाजार और बस्तर में भारी बारिश से नुकसान देखा गया है।
बस्तर और जगदलपुर में 5 दिनों की मूसलाधार बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, और प्रशासन ने सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया।
मध्य प्रदेश के मंडला और पन्ना में केन और मडासन नदियां उफान पर दिखीं।
उत्तराखंड के चमोली, टिहरी और बॉर्डर इलाकों में बर्फबारी के साथ भारी बारिश की वजह से मुश्किलें आईं।
नेपाल में भारी बारिश की वजह से कोसी और गंडक नदियां तेजी से बढ़ीं, जिससे तटीय इलाकों में लोग फंस गए।
आगे की स्थिति
तत्काल पूर्वानुमान 27 सितंबर को कई क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं जारी रहने की तरफ इशारा करता है, जिनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान उन इलाकों में शामिल हैं जिनका मौसम विभाग ने खास तौर पर जिक्र किया।
कुछ जगहों के लिए सक्रिय दौर 27 सितंबर के बाद भी जारी है, जिसमें 28 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, 27 से 29 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान में बारिश और गरज-चमक, और 28 और 29 सितंबर को जम्मू-कश्मीर में ज्यादा मजबूत हवा की गतिविधि शामिल है।
अब तक रिपोर्ट किए गए असर में बाढ़ जैसे हालात, मौतें, घायल, क्षतिग्रस्त घर, बर्बाद फसलें, पानी में डूबे अस्पताल और पब्लिक जगहें, बिजली सप्लाई में बाधा, रेस्क्यू ऑपरेशन और नदियों के बढ़ते जलस्तर शामिल हैं।
कई राज्यों में पहले से नुकसान हो चुका है और मौसम विभाग ने और बारिश और हवाओं का अनुमान जताया है, ऐसे में मौजूदा दौर किसी स्थानीय गड़बड़ी के बजाय कई राज्यों में फैली मौसम की घटना बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यूपी में बारिश से कितने लोगों की मौत हुई है?
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत हुई है और 17 लोग घायल हुए हैं।
यूपी में बारिश से किस तरह का नुकसान हुआ है?
भारी बारिश, तेज हवाओं और उफनती नदियों से घरों, फसलों और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है। 117 कच्चे मकान पूरी तरह खराब हुए और खड़ी फसलें बर्बाद हुईं।
किन राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं?
उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार तेज बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं।
दिल्ली के लिए मौसम विभाग ने क्या कहा?
दिल्ली में हल्की बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे गया और IMD ने येलो अलर्ट जारी किया। दिल्ली में बारिश और तेज हवाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए क्या चेतावनी दी है?
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 8 घंटों में करीब 15 राज्यों में बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी हो सकती है।
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