मणिपुर के कामजोंग में गोलीबारी, 2 की मौत; कई घर जलाए गए
मणिपुर के कामजोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने कुलतूह कूकी गांव में गोलीबारी कर 2 लोगों की हत्या की और कई घरों को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
मणिपुर के कामजोंग जिले के कुलतूह कूकी गांव में गुरुवार सुबह संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया। पुलिस के अनुसार, सुबह लगभग 4:55 बजे अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही गांव के कई घरों को आग लगा दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है।
यह घटना कांगपोकपी जिले में 6 नागा समुदाय के नागरिकों के शव मिलने के एक दिन बाद हुई है। इन शवों के बारे में आशंका है कि ये वही लोग हैं जिन्हें 13 मई को लीलोन वैफेई गांव से अपहरण किया गया था। 29 दिन बाद शव मिलने से तनाव और बढ़ गया है। प्रशासन ने अभी तक इनकी पहचान की पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई है।
गुरुवार सुबह इन शवों को इम्फाल स्थित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जेएनआईएमएस) में लाया गया। शवों के पहुंचने पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार, नागा समुदाय के नेता और स्थानीय लोग अस्पताल परिसर में जमा हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
सैनापति जिले में प्रदर्शनकारियों ने नागा पीपल्स फ्रंट (एनपीएफ) के एक कार्यालय में आग लगा दी और कई जगह ट्रकों को निशाना बनाया। यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने नागा बहुल क्षेत्रों में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
मुख्य बातें
- मणिपुर के कामजोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने कुलतूह कूकी गांव में 2 लोगों की हत्या की और कई घरों को आग लगा दिया।
- घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा, सुरक्षा बलों को तैनात किया गया।
- कांगपोकपी जिले में 6 नागा समुदाय के नागरिकों के शव मिलने से तनाव और बढ़ा।
- मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई।
- यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने नागा बहुल क्षेत्रों में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मणिपुर के कामजोंग में क्या हुआ?
गुरुवार सुबह कामजोंग जिले के कुलतूह कूकी गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया। लगभग 4:55 बजे अंधाधुंध गोलीबारी में 2 लोगों की मौत हुई और कई घरों को आग लगा दी गई।
कांगपोकपी में मिले शवों का क्या माना जा रहा है?
कांगपोकपी जिले में मिले 6 नागा समुदाय के नागरिकों के शव उन लोगों हो सकते हैं जिन्हें 13 मई को लीलोन वैफेई गांव से अपहरण किया गया था। 29 दिन बाद शव मिलने से तनाव बढ़ गया है। मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई है।
शवों की पहचान की गई है?
नहीं, अभी तक प्रशासन ने इन शवों की पहचान की पुष्टि नहीं की है। शवों को इम्फाल के जेएनआईएमएस अस्पताल में लाया गया था।
यूनाइटेड नागा काउंसिल ने क्या आह्वान किया है?
यूएनसी ने नागा बहुल क्षेत्रों में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। इसके अलावा सैनापति जिले में प्रदर्शनकारियों ने एनपीएफ के एक कार्यालय में आग लगाई और ट्रकों को निशाना बनाया।
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