श्रावस्ती के जंगल में ओमनी-ट्रैक्टर भिड़ंत, दो घायल
श्रावस्ती के भिनगा जंगल इलाके में एक भीषण सड़क हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सिरसिया-भिनगा मार्ग पर जंगल के बीच एक ओमनी वैन अनियंत्रित होकर आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से जा घुसी।
श्रावस्ती के भिनगा जंगल इलाके में एक भीषण सड़क हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सिरसिया-भिनगा मार्ग पर जंगल के बीच एक ओमनी वैन अनियंत्रित होकर आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से जा घुसी। हादसे की वजह वैन की लाइट कम होना और ट्रैक्टर की ट्रॉली पर रिफ्लेक्टर न लगा होना बताया जा रहा है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन में सवार दोनों लोग बुरी तरह जख्मी हो गए।
हादसे के बाद सबसे बड़ी दिक्कत यह हुई कि जंगल इलाके में मोबाइल नेटवर्क न होने की वजह से एंबुलेंस को समय पर बुलाया नहीं जा सका। हालांकि, ड्यूटी पर जा रहे पुलिसकर्मियों और कुछ स्थानीय राहगीरों ने फौरन मदद की और दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस जंगल के अंधेरे और खतरनाक रास्ते पर लगातार हादसे हो रहे हैं। इसे देखते हुए स्थानीय लोगों ने कई मांगें उठाई हैं। लोगों का कहना है कि सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाना जरूरी किया जाए और खतरनाक जगहों पर 'एक्सीडेंट जोन' के बोर्ड लगाए जाएं।
इसके अलावा लोगों ने मांग की है कि जंगल इलाके में मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी बेहतर की जाए ताकि किसी इमरजेंसी में मदद बुलाई जा सके। साथ ही इस मार्ग पर पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी होनी चाहिए। लोगों का यह भी कहना है कि अंधेरे की समस्या से निपटने के लिए जंगल में स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं, जिससे लोग सुरक्षित सफर कर सकें और हादसों को रोका जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावस्ती में जंगल के रास्ते पर हादसा कैसे हुआ?
सिरसिया-भिनगा मार्ग पर ओमनी वैन अनियंत्रित होकर आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से जा घुसी। हादसे की वजह वैन की लाइट कम होना और ट्रैक्टर की ट्रॉली पर रिफ्लेक्टर न लगा होना बताया जा रहा है।
हादसे के बाद घायलों को हस्पताल पहुंचाने में क्या दिक्कत आई?
जंगल इलाके में मोबाइल नेटवर्क न होने की वजह से एंबुलेंस को समय पर बुलाया नहीं जा सका। हालांकि, ड्यूटी पर जा रहे पुलिसकर्मियों और स्थानीय राहगीरों ने तुरंत मदद की और दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
स्थानीय लोगों ने इस खतरनाक रास्ते पर सुरक्षा के लिए क्या मांग की है?
लोगों ने कहा है कि सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाना जरूरी किया जाए, खतरनाक जगहों पर 'एक्सीडेंट जोन' के बोर्ड लगाए जाएं, जंगल में स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं और इस मार्ग पर पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग होनी चाहिए।
जंगल इलाके में मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी बेहतर करने की जरूरत क्यों है?
किसी इमरजेंसी या हादसे में लोग तुरंत एंबुलेंस या मदद बुला सकें। मौजूदा समय में नेटवर्क न होने से इमरजेंसी सर्विसेस तक समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
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