सड़क हादसे में गंभीर चोट खाए युवक की जान बचाई एएलएस एंबुलेंस ने
उत्तर प्रदेश सरकार की एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा श्रावस्ती जिले में एक गंभीर दुर्घटना पीड़ित की जान बचाने में कामयाब रही।
उत्तर प्रदेश सरकार की एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा श्रावस्ती जिले में एक गंभीर दुर्घटना पीड़ित की जान बचाने में कामयाब रही। सड़क हादसे में सिर और पैर में खतरनाक चोट खाने वाले माधव राम पाठक को समय पर मिली इस सेवा ने उन्हें दूसरा जीवन दिया।
माधव राम पाठक, जो ग्राम सोनवा पोस्ट सोनवा निवासी हैं, सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। उनके सिर में जानलेवा चोट लगी थी। पहले उन्हें जिला अस्पताल श्रावस्ती लाया गया, जहां डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज के बाद गंभीर हालत देखते हुए उन्हें बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मरीज के परिजन निर्मल पाठक और अयोध्या प्रसाद पाठक ने तुरंत एएलएस एंबुलेंस को फोन किया।
जेन प्लस मेड केयर 365 की एंबुलेंस संख्या यूपी 32एफजी 1856 तुरंत पहुंची। ईएमटी बृजेश शर्मा ने मरीज को सावधानी से एंबुलेंस में शिफ्ट किया और पूरे रास्ते लगातार उनके वाइटल साइन्स की निगरानी करते रहे। पायलट नीरज यादव ने सुरक्षित और तेज ड्राइविंग से मरीज को समय पर बहराइच मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचा दिया।
परिजनों ने इस सेवा की जमकर तारीफ की और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की यह एंबुलेंस सेवा सचमुच लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। मेडिकल टीम की त्वरित कार्रवाई और पेशेवर रवैये ने एक जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। यह घटना दिखाती है कि आपात स्थिति में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं किस तरह जिंदगी और मौत के बीच फर्क कर सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह घटना कहां हुई और किसके साथ?
यह घटना उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में हुई। माधव राम पाठक नाम का एक युवक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे सिर और पैर में खतरनाक चोटें आई थीं।
एएलएस एंबुलेंस क्या है और इसने क्या किया?
एएलएस एंबुलेंस का मतलब है एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस। यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक आपातकालीन सेवा है। इसकी टीम घायल को अस्पताल तक सुरक्षित ढंग से पहुंचाती है और रास्ते भर उसके वाइटल साइन्स की निगरानी करती है।
माधव राम पाठक को कहां-कहां ले जाया गया?
पहले माधव को श्रावस्ती जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां के डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज के बाद देखा कि उसकी हालत गंभीर है, तो उसे बहराइच मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
एंबुलेंस टीम में कौन-कौन थे?
एंबुलेंस में ईएमटी बृजेश शर्मा और पायलट नीरज यादव थे। बृजेश शर्मा ने घायल को एंबुलेंस में शिफ्ट किया और पूरे रास्ते उसके वाइटल साइन्स की निगरानी की। नीरज यादव ने सुरक्षित और तेज ड्राइविंग की।
एंबुलेंस किस कंपनी की थी?
यह एंबुलेंस जेन प्लस मेड केयर 365 की थी। इसका नंबर यूपी 32एफजी 1856 था और यह उत्तर प्रदेश सरकार की एडवांस लाइफ सपोर्ट सेवा के तहत काम करती है।
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