कानपुर के मर्दनपुर में भव्य कुश्ती दंगल, अखाड़ा परंपरा जिंदा रखने की कोशिश
कानपुर के मर्दनपुर इलाके में हाल ही में एक भव्य कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया जो पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति को जिंदा रखने की कोशिश का हिस्सा है।
कानपुर के मर्दनपुर इलाके में हाल ही में एक भव्य कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया जो पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति को जिंदा रखने की कोशिश का हिस्सा है। इस दंगल का आयोजन पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गुडडू यादव ने कराया और इसमें इलाके के पहलवानों और बड़ी संख्या में दर्शकों ने हिस्सा लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने इस मुकाबले को काफी रोमांचक बताया।
मर्दनपुर का इतिहास कुश्ती से गहरा जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने भी यहां के अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेंच सीखे थे। कई सालों से यह इलाका अखाड़ों और दंगलों की परंपरा को संभाले हुए है जो समाज में हर वर्ग की एकता की निशानी रही है।
इस आयोजन में चंद्रभान सिंह यादव, गुडडू सैनी, सतीश शर्मा, सुरेश दुवेदी, पूर्व प्रधान शिव नारायन प्रजापति, बब्लू दुबे, जवाहर लाल और बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक ज्ञानेंद्र कुमार समेत इलाके के कई सम्मानित लोग मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
धीरे-धीरे कुश्ती और दंगल सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं बल्कि सेहतमंद रहने का साधन भी बन गए हैं। आज जब पारंपरिक खेल खत्म होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजन लोक संस्कृति को बचाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मर्दनपुर में हुआ यह दंगल इस बात का सबूत है कि आज भी लोगों में इन परंपराओं के प्रति सम्मान और दिलचस्पी बनी हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मर्दनपुर में कुश्ती दंगल का आयोजन किसने कराया?
मर्दनपुर में हुए भव्य कुश्ती दंगल का आयोजन पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गुडडू यादव ने कराया।
मर्दनपुर का कुश्ती से क्या संबंध है?
मर्दनपुर का इतिहास कुश्ती से गहरा जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने भी यहां के अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेंच सीखे थे।
ये दंगल आयोजन क्यों जरूरी है?
आज जब पारंपरिक खेल खत्म होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजन लोक संस्कृति को बचाए रखने और अखाड़ा परंपरा को जिंदा रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
दंगल का समाज में क्या महत्व है?
कुश्ती और दंगल सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं बल्कि सेहतमंद रहने का साधन भी बन गए हैं। ये समाज में हर वर्ग की एकता की निशानी रहे हैं।
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