TMC में टूट से NDA को राज्यसभा में फायदा, दो-तिहाई बहुमत से 16
TMC के बागी सांसदों और राज्यसभा चुनाव से NDA राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच सकता है। फिलहाल NDA राज्यसभा में 16 सीट पीछे है। लोकसभा में भी NDA को बागी सांसदों का समर्थन मिला है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अभी काफी दूर है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट से संसद के दोनों सदनों में NDA को फायदा हो सकता है। TMC के बागी सांसदों और राज्यसभा चुनाव से NDA राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच सकता है। अभी NDA राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत से 16 सीट दूर है। वहीं, लोकसभा में 63 सीटें पीछे है। केंद्र सरकार के लिए यह अहम है क्योंकि संविधान संशोधन विधेयकों को पास कराने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। पिछली बार 54 सीटों से बिल गिर गया था।
राज्यसभा में NDA की संख्या 154 तक पहुंच सकती है। अभी NDA के पास 148 सांसद हैं। 18 जून को झारखंड और मिजोरम की राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। इन चुनावों और कुछ निर्दलीय सदस्यों के समर्थन से NDA की संख्या 151 तक पहुंच सकती है। TMC के 3 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे से पश्चिम बंगाल में 3 सीटें खाली होंगी। इन सीटों पर NDA समर्थित उम्मीदवारों की जीत की संभावना है। ऐसा होने पर गठबंधन की संख्या 154 तक पहुंच सकती है। राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं। दो-तिहाई बहुमत के लिए 163 सांसदों की जरूरत होती है। यानी NDA इस संख्या से सिर्फ 9 सीट पीछे रहेगा।
हालांकि NDA के सामने चुनौती भी है। नवंबर में उत्तर प्रदेश से 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। विधानसभा में मजबूत स्थिति के कारण समाजवादी पार्टी अपनी सीटें बढ़ा सकती है, जिससे राज्यसभा का समीकरण बदल सकता है।
लोकसभा में NDA के पास फिलहाल 294 सांसद हैं। TMC के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय कर लिया है और NDA को समर्थन देने की बात कही है। इससे NDA सांसदों की संख्या 314 तक पहुंच जाएगी। इसके बावजूद NDA लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए जरूरी 363 सांसदों के आंकड़े से काफी पीछे रहेगा। फिलहालोकसभा की 543 में से 3 सीटें खाली हैं। ऐसे में सदन की प्रभावी संख्या 540 है और दो-तिहाई बहुमत के लिए 360 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी।
मुख्य बातें
- TMC के बागी सांसदों और राज्यसभा चुनाव से NDA को फायदा हो सकता है।
- NDA राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत से 16 सीट दूर है।
- लोकसभा में NDA को 20 बागी सांसदों का समर्थन मिला, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अभी काफी दूर है।
- राज्यसभा में NDA की संख्या 154 तक पहुंच सकती है।
- नवंबर में उत्तर प्रदेश से 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म होने से समीकरण बदल सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
TMC में टूट से NDA को क्या फायदा हो सकता है?
TMC के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय कर NDA को समर्थन देने की बात कही है। साथ ही TMC के 3 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे से पश्चिम बंगाल में खाली सीटों पर NDA समर्थित उम्मीदवारों की जीत की संभावना है।
राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए NDA को कितनी सीटें चाहिए?
राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं। दो-तिहाई बहुमत के लिए 163 सांसदों की जरूरत है। अभी NDA के पास 148 सांसद हैं, तो उन्हें 15 और सांसद चाहिए। लेकिन अगर TMC की सीटें जीतीं तो 154 तक पहुंच सकते हैं, जिससे सिर्फ 9 सीट की कमी रहेगी।
लोकसभा में NDA की स्थिति कैसी है?
लोकसभा में NDA के पास 294 सांसद हैं। TMC के 20 बागी सांसदों का समर्थन मिलने से यह संख्या 314 हो जाएगी। लेकिन दो-तिहाई बहुमत के लिए 360 सांसदों की जरूरत है, तो NDA अभी काफी पीछे है।
संविधान संशोधन विधेयक क्यों जरूरी है?
संविधान संशोधन विधेयकों को पास कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। पिछली बार 54 सीटों से बिल गिर गया था, इसलिए NDA को दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।
नवंबर में क्या बदलाव हो सकता है?
नवंबर में उत्तर प्रदेश से 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। विधानसभा में समाजवादी पार्टी की मजबूत स्थिति है, इसलिए वह अपनी सीटें बढ़ा सकती है, जिससे राज्यसभा का समीकरण बदल सकता है।
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