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TMC के बागी सांसदों के विलय पर स्पीकर का फैसला जल्द

TMC के बागी सांसदों ने लोकसभा में अलग ग्रुप की मान्यता मांगी है। स्पीकर ओम बिरला ने दोनों पक्षों को बैठक के लिए बुलाया है। यह फैसला संसद के मानसून सत्र से पहले आ सकता है।

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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों ने लोकसभा में अलग ग्रुप के तौर पर मान्यता देने की मांग की है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस मामले में दोनों पक्षों को बैठक के लिए बुलाया है। PTI के मुताबिक, स्पीकर कार्यालय ने ममता बनर्जी खेमे के सांसदों को भी ईमेल भेजकर बैठक के लिए बुलाया है। दोनों पक्षों से बात करने के बाद ही स्पीकर फैसला करेंगे। यह फैसला संसद के मानसून सत्र से पहले आ सकता है।

रविवार को TMC के 20 बागी सांसदों में से 17 ने स्पीकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था और अपने गुट के नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की जानकारी दी थी।

सूत्रों के मुताबिक, स्पीकर इस मामले में कानून मंत्रालय से कानूनी राय भी ले सकते हैं। यह राय इसलिए ली जा रही है ताकि स्पीकर का फैसला अदालत में चुनौती मिलने पर भी कानूनी जांच में टिक सके।

पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य ने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत केवल कोई राजनीतिक दल ही दूसरे दल में विलय कर सकता है। सांसद या विधायक अपने दम पर किसी पार्टी में विलय नहीं कर सकते।

ANI के मुताबिक, TMC सूत्रों का दावा है कि स्पीकर कार्यालय ने 15 जून को अभिषेक बनर्जी को ईमेल भेजा था। इसमें उन्हें उसी दिन शाम 4 बजे दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया गया था। उस समय अभिषेक बनर्जी ED की पूछताछ में व्यस्त थे। TMC ने बैठक के लिए दूसरी तारीख देने का अनुरोध किया।

मुख्य बातें
- TMC के बागी सांसदों ने लोकसभा में अलग ग्रुप की मान्यता मांगी।
- स्पीकर ओम बिरला ने दोनों पक्षों को बैठक के लिए बुलाया।
- स्पीकर कानून मंत्रालय से कानूनी राय ले सकते हैं।
- 17 बागी सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
- TMC ने बैठक के लिए दूसरी तारीख देने का अनुरोध किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TMC के बागी सांसदों ने लोकसभा में क्या मांग की है?

TMC के बागी सांसदों ने लोकसभा में अलग ग्रुप के तौर पर मान्यता देने की मांग की है। उन्होंने अलग बैठने की व्यवस्था और Nationalist Citizens Party of India (NCPI) में विलय की जानकारी भी दी है।

स्पीकर ओम बिरला इस मामले पर कब तक फैसला कर सकते हैं?

स्पीकर ओम बिरला दोनों पक्षों से बात करने के बाद फैसला करेंगे। यह फैसला संसद के मानसून सत्र से पहले आ सकता है।

दसवीं अनुसूची के तहत पार्टी विलय का नियम क्या है?

संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत केवल कोई राजनीतिक दल ही दूसरे दल में विलय कर सकता है। सांसद या विधायक अपने दम पर किसी पार्टी में विलय नहीं कर सकते।

कितने TMC सांसदों ने स्पीकर को ज्ञापन सौंपा?

TMC के 20 बागी सांसदों में से 17 ने रविवार को स्पीकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था।

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