बहराइच मेडिकल कॉलेज के तीन छात्रों को आईसीएमआर की प्रतिष्ठित फेलोशिप
बहराइच के महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के तीन मेडिकल छात्रों ने संस्थान का नाम रोशन किया है।
बहराइच के महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के तीन मेडिकल छात्रों ने संस्थान का नाम रोशन किया है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर के शॉर्ट-टर्म स्टूडेंटशिप प्रोग्राम के लिए कॉलेज के तीन होनहार छात्रों को चुना गया है। इस फेलोशिप में चुने जाने वाले छात्रों में एमबीबीएस 2024 बैच के शिवम सिकरवार और एमबीबीएस 2025 बैच के अयान अख्तर और जाह्नवी त्रिवेदी शामिल हैं। देशभर के मेडिकल छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद इन तीनों ने यह मुकाम हासिल किया है।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजय खत्री ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह हमारे छात्रों के लिए बहुत बड़ा गर्व का पल है। उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम के जरिए छात्रों को एमबीबीएस की पढ़ाई के शुरुआती दौर में ही बायोमेडिकल रिसर्च का असली अनुभव मिलेगा। वे देश के टॉप वैज्ञानिकों और सीनियर फैकल्टी की देखरेख में काम करेंगे। प्रोजेक्ट खत्म होने के बाद मिलने वाला राष्ट्रीय सर्टिफिकेट और स्टाइपेंड उनके करियर को मजबूती देगा।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. निपेंद्र सिंह ने बताया कि यह राष्ट्रीय पहल अंडरग्रेजुएट मेडिकल छात्रों में वैज्ञानिक सोच और रिसर्च की संस्कृति बढ़ाने का शानदार जरिया है। चुने गए छात्र संस्थान के सीनियर फैकल्टी मेंबर्स की सीधी निगरानी में अपना रिसर्च काम पूरा करेंगे और आईसीएमआर को रिपोर्ट सौंपेंगे।
डॉ. खत्री ने कहा कि पीजी में दाखिले, मेडिकल जर्नल्स में शोध छपवाने और दुनियाभर में करियर के मौके इस फेलोशिप से खुलेंगे। उनका कहना है कि कॉलेज का मकसद ऐसी क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देना है जिससे जनता की सेहत और समाज को फायदा हो। इस सफलता पर मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन, टीचर्स, सीनियर डॉक्टरों और साथी छात्रों ने तीनों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच के मेडिकल कॉलेज के कौन-कौन से छात्रों को आईसीएमआर की फेलोशिप मिली?
बहराइच के महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के तीन छात्रों को आईसीएमआर के शॉर्ट-टर्म स्टूडेंटशिप प्रोग्राम के लिए चुना गया है। इनमें एमबीबीएस 2024 बैच के शिवम सिकरवार और एमबीबीएस 2025 बैच के अयान अख्तर और जाह्नवी त्रिवेदी शामिल हैं।
इस फेलोशिप प्रोग्राम के जरिए छात्रों को क्या फायदे मिलेंगे?
इस प्रोग्राम के माध्यम से छात्रों को एमबीबीएस की पढ़ाई के शुरुआती दौर में ही बायोमेडिकल रिसर्च का असली अनुभव मिलेगा। वे देश के टॉप वैज्ञानिकों और सीनियर फैकल्टी की देखरेख में काम करेंगे। प्रोजेक्ट खत्म होने के बाद उन्हें राष्ट्रीय सर्टिफिकेट, स्टाइपेंड, पीजी में दाखिले के मौके और मेडिकल जर्नल्स में शोध छपवाने का मौका मिलेगा।
आईसीएमआर के शॉर्ट-टर्म स्टूडेंटशिप प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह राष्ट्रीय पहल अंडरग्रेजुएट मेडिकल छात्रों में वैज्ञानिक सोच और रिसर्च की संस्कृति बढ़ाने का मकसद रखती है। इसका लक्ष्य ऐसी क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देना है जिससे जनता की सेहत और समाज को फायदा हो।
चुने गए छात्रों को अपना रिसर्च काम कैसे पूरा करना होगा?
चुने गए छात्र संस्थान के सीनियर फैकल्टी मेंबर्स की सीधी निगरानी में अपना रिसर्च काम पूरा करेंगे और आईसीएमआर को रिपोर्ट सौंपेंगे।
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