ग्रेटर नोएडा में कंपनी से 363 टी-शर्ट चुराने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 थाना पुलिस ने एक कंपनी में चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 24 अगस्त 2026 को की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 363 HRX लाइफस्टाइल टी-शर्ट बरामद की हैं।
ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 थाना पुलिस ने एक कंपनी में चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 24 अगस्त 2026 को की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 363 HRX लाइफस्टाइल टी-शर्ट बरामद की हैं। लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने यह सफलता हासिल की।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो सिक्योरिटी गार्ड शामिल हैं जिन्होंने कंपनी में चोरी को अंजाम दिया था। पहला आरोपी आलोक कुमार पुत्र सतीश चंद्र है जो फर्रूखाबाद का रहने वाला है और फिलहाल गौतमबुद्धनगर के सुत्याना गांव में रहता है। दूसरा आरोपी सारिक अहमद पुत्र कलीम अहमद बिजनौर का मूल निवासी है और अभी सेक्टर-9 के जेजे कॉलोनी में रहता है। तीसरे आरोपी केशव प्रसाद पुत्र स्वर्गीय नत्थी सिंह को चोरी का माल खरीदने के आरोप में पकड़ा गया है। केशव प्रसाद नई दिल्ली के अली विलेज का रहने वाला है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को देबू कंपनी के पास से दबोचा। आलोक और सारिक दोनों सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करते थे और इसी सुविधा का फायदा उठाकर उन्होंने चोरी को अंजाम दिया। इसके बाद चोरी का सामान केशव प्रसाद को बेचा गया जो इस तरह के चोरी के माल को खरीदने का काम करता था।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने इस मामले में मुकदमा संख्या 350/2026 धारा 306/317(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह और भी जगहों पर इस तरह की चोरी में शामिल रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्रेटर नोएडा में कितने लोग गिरफ्तार किए गए और उन्होंने क्या चोरी की?
ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने 363 HRX लाइफस्टाइल टी-शर्ट की चोरी की थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम और उनका काम क्या था?
आलोक कुमार और सारिक अहमद दोनों कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करते थे। तीसरा आरोपी केशव प्रसाद चोरी का सामान खरीदने का काम करता था।
यह चोरी कहां से की गई थी?
यह चोरी देबू कंपनी से की गई थी जहां आलोक कुमार और सारिक अहमद सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहे थे।
पुलिस को इस मामले की जानकारी कैसे मिली?
पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर इस मामले को अंजाम तक पहुंचाया।
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