किसान यूनियन का दबाव, आदित्य बिरला को मानना पड़ा क्लेम पास करना
नोएडा में भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने आदित्य बिरला कैपिटल के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दो पॉलिसीधारकों के लटके हुए बीमा क्लेम तुरंत पास कराने में सफलता हासिल की है।
नोएडा में भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने आदित्य बिरला कैपिटल के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दो पॉलिसीधारकों के लटके हुए बीमा क्लेम तुरंत पास कराने में सफलता हासिल की है। संगठन के दबाव के बाद कंपनी को दोनों क्लेम की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।
दरअसल नोएडा महानगर के युवा उपाध्यक्ष रोहित अवाना का आदित्य बिरला हेल्थ पॉलिसी का क्लेम पिछले 2 महीने से लटका हुआ था, जबकि एक अन्य साथी संदीप नागर का क्लेम 9 महीने से लंबित था। दोनों पीड़ित लगातार ऑफिस के चक्कर काट रहे थे लेकिन कंपनी की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा था।
पीड़ितों की शिकायत मिलने पर राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान के निर्देश पर आज भाकियू लोकशक्ति की एक टीम आदित्य बिरला कैपिटल के नोएडा ऑफिस पहुंची। नोएडा महानगर अध्यक्ष हरेंद्र सिंह और युवा अध्यक्ष राजकुमार मोनू के नेतृत्व में प्रतिनिधि टीम ने कंपनी के अधिकारियों से कड़ी बातचीत की और साफ चेतावनी दी कि अगर फौरन क्लेम पास नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन पर उतरेगा। संगठन की गंभीरता देखते हुए कंपनी ने तुरंत दोनों क्लेम पास करने की प्रक्रिया पूरी कर दी।
राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि निजी कंपनियां लोकलुभावने वादे करके आम आदमी को फंसाती हैं और क्लेम के वक्त बहुत परेशान करती हैं। उन्होंने कहा कि 9 महीने तक क्लेम लटकाना किसी के साथ अन्याय से कम नहीं है और संगठन बेसहारा, किसान, मजदूर और युवा की आवाज बनकर ऐसे ही लड़ता रहेगा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन को चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी पॉलिसीधारक को इस तरह परेशान न किया जाए वरना संगठन को मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ेगा।
इस मौके पर महानगर कोषाध्यक्ष सुनील बैसोया, महानगर सचिव महेश बैसोया, ग्राम अध्यक्ष रामबीर तंवर, अनुज गौतम, विशाल अवाना, केशव, सुमित, मोहित और मोंटी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आदित्य बिरला कैपिटल ने कौन से क्लेम पास किए हैं?
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के दबाव के बाद आदित्य बिरला कैपिटल ने दो पॉलिसीधारकों के क्लेम पास किए। एक क्लेम रोहित अवाना का था जो 2 महीने से लटका हुआ था, और दूसरा क्लेम संदीप नागर का था जो 9 महीने से लंबित था।
किसान यूनियन ने कंपनी के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
भाकियू लोकशक्ति की एक टीम आदित्य बिरला कैपिटल के नोएडा ऑफिस पहुंची और कंपनी के अधिकारियों से कड़ी बातचीत की। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर क्लेम फौरन पास नहीं किए गए तो वह आंदोलन पर उतरेगा, जिसके बाद कंपनी ने दोनों क्लेम पास करने की प्रक्रिया पूरी कर दी।
राष्ट्रीय महासचिव ने निजी बीमा कंपनियों के बारे में क्या कहा?
चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि निजी कंपनियां लोकलुभावने वादे करके आम आदमी को फंसाती हैं और क्लेम के वक्त बहुत परेशान करती हैं। उन्होंने कहा कि 9 महीने तक क्लेम लटकाना किसी के साथ अन्याय है।
संगठन आगे के लिए क्या करने का संकल्प दिखा रहा है?
किसान यूनियन ने कंपनी को चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी पॉलिसीधारक को परेशान न किया जाए, वरना संगठन को सड़क पर उतरना पड़ेगा। संगठन बेसहारा, किसान, मजदूर और युवाओं की आवाज बनकर ऐसी लड़ाई लड़ता रहेगा।
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