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Agriculture Press note नोएडा

किसानों और मजदूरों का ग्रेटर नोएडा में 'जेल भरो आंदोलन'

ग्रेटर नोएडा में किसानों और मजदूरों ने आज जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए ‘जेल भरो आंदोलन’ का आयोजन किया।

किसानों और मजदूरों का ग्रेटर नोएडा में 'जेल भरो आंदोलन'
Image credit: News Darpan Team

ग्रेटर नोएडा में किसानों और मजदूरों ने आज जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए ‘जेल भरो आंदोलन’ का आयोजन किया। यह आंदोलन केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त आह्वान पर किया गया, जिसमें किसानों और मजदूरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी देने की पेशकश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद एक 9 सूत्रीय मांग पत्र प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सौंपा गया।

सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से मजदूर, कर्मचारी, स्कीम वर्कर और किसान बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रमुख मांगों में चारों लेबर कोड निरस्त करना, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार MSP की कानूनी गारंटी, स्कीम वर्कर्स को नियमित कर्मचारी का दर्जा, निजीकरण पर रोक और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली शामिल हैं।

गौतमबुद्ध नगर के किसानों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया गया। किसान नेताओं ने बताया कि अधिग्रहण प्रभावित किसानों के लिए 10% आबादी प्लॉट का प्रस्ताव 2023 में भेजा गया था, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिली। करीब 6000 प्लॉट का बैकलॉग भी लंबित है। पिछले तीन वर्षों में एक भी किसान प्रकरण का समाधान नहीं हुआ है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है। उन्होंने मांग की कि नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत सर्किल रेट का पुनरीक्षण और 20% विकसित भूखंड की व्यवस्था लागू की जाए।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और महिलाएं शामिल हुईं। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि अगर किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो आने वाले समय में और बड़े आंदोलन किए जाएंगे। किसानों ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी आवाज़ को अनदेखा करना अब संभव नहीं होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में किसानों और मजदूरों ने कौन सा आंदोलन किया?

किसानों और मजदूरों ने 'जेल भरो आंदोलन' किया।

इस आंदोलन का मुख्य कारण क्या था?

इस आंदोलन का मुख्य कारण किसानों और मजदूरों की लंबित मांगें थीं।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार को क्या चेतावनी दी?

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या कैसी थी?

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और महिलाएं शामिल हुईं।

किसानों की प्रमुख मांगें क्या थीं?

प्रमुख मांगों में लेबर कोड निरस्त करना, MSP की कानूनी गारंटी और पुरानी पेंशन योजना की बहाली शामिल थीं।

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