दिव्यांग महिला ने 25 किमी दूर एसपी से मिलकर सुलझाई पानी की समस्या
कानपुर देहात में शुक्रवार को एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींच लिया।
कानपुर देहात में शुक्रवार को एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। आमतौर पर लोग पुलिस और अफसरों के पास शिकायत लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इस बार बरौर थाना इलाके के सिथरा बुजुर्ग गांव की दिव्यांग महिला नीतू द्विवेदी अपनी मासूम बेटी के साथ करीब 25 किलोमीटर का सफर तय करके एसपी कार्यालय पहुंचीं—इस बार उनके हाथों में शिकायत नहीं, बल्कि शुक्रिया और एसपी के लिए तोहफा था। जैसे ही वह एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय से मिलीं, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वह एसपी से लिपटकर रो पड़ीं। एसपी ने भी उन्हें अपने से लगाकर संभाला। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, करीब एक महीने पहले नीतू ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत की थी कि गांव में पानी की सप्लाई तो हो रही है, लेकिन उनके घर समेत आसपास के कुछ घरों में पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है। दिव्यांग होने के कारण दूर से पानी लाना उनके लिए बेहद मुश्किल था। नीतू का आरोप था कि बार-बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही थी और जल विभाग के कर्मचारियों से उन्हें अभद्र बर्ताव और धमकी भी मिली। हर बार करीब 25 किलोमीटर दूर आने-जाने में सैकड़ों रुपये खर्च हो जाते थे। जब उनकी परेशानी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब मामला सामने आया।
एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने मामले को गंभीरता से लिया। हालांकि यह मामला पुलिस विभाग से जुड़ा नहीं था, फिर भी उन्होंने स्थानीय थाना पुलिस को नीतू के घर भेजा और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कराई। इसके बाद फौरन नीतू के घर की पानी की सप्लाई बहाल करा दी गई। पानी मिलने के बाद नीतू ने पुलिस का शुक्रिया तो अदा किया था, लेकिन उनके मन में एसपी के लिए कृतज्ञता इतनी गहरी थी कि वह एक बार फिर मिलने पहुंचीं—इस बार शिकायतकर्ता नहीं, बल्कि आभार जताने वाली एक मां बनकर।
नीतू ने एसपी को उपहार के रूप में एक पेन दिया और कहा कि मैडम बेहद सरल हैं। एसपी ने उनसे कहा कि भविष्य में कभी कोई परेशानी हो तो सीधे बताएं, हरसंभव मदद की जाएगी। एसपी ने नीतू की बेटी से भी कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करे और आगे उसकी पढ़ाई में भी मदद की जाएगी। एसपी ने मुस्कुराते हुए कहा कि यहां अक्सर लोग नाराज होकर और शिकायत लेकर आते हैं, चलो कोई तो काम से खुश होकर आभार जताने आया। यह कहानी सिर्फ पानी की समस्या के समाधान की नहीं, बल्कि उस भरोसे की है जो तब पैदा होता है जब किसी की आवाज सिर्फ सुनी नहीं जाती, बल्कि उस पर कार्रवाई भी होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीतू को पानी की समस्या क्या थी?
कानपुर देहात के सिथरा बुजुर्ग गांव में गांव में पानी की सप्लाई तो हो रही थी, लेकिन नीतू के घर समेत आसपास के कुछ घरों में पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। दिव्यांग होने के कारण दूर से पानी लाना उनके लिए बहुत मुश्किल था।
नीतू को अपनी शिकायत सुलझवाने के लिए कितनी दूर जाना पड़ा?
नीतू को करीब 25 किलोमीटर दूर एसपी कार्यालय तक जाना पड़ा। हर बार इस आने-जाने में सैकड़ों रुपये खर्च हो जाते थे।
एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने नीतू की समस्या को कैसे सुलझाया?
एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और स्थानीय थाना पुलिस को नीतू के घर भेजा। संबंधित अधिकारियों से बातचीत करवाई और फौरन नीतू के घर की पानी की सप्लाई बहाल करवा दी गई।
नीतू एसपी से मिलने दोबारा क्यों गईं?
नीतू की समस्या हल हो गई थी, इसलिए वह एसपी को धन्यवाद देने और उपहार देने के लिए दोबारा 25 किलोमीटर दूर एसपी कार्यालय गईं। इस बार वह शिकायतकर्ता नहीं, बल्कि आभार जताने वाली एक मां बनकर पहुंचीं।
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