कानपुर देहात में देश का पहला डिजिटल मालखाना, QR कोड से मिनटों में मिलेगी सामान की जानकारी
कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने सोमवार 24 अगस्त को थाना रूरा में देश के पहले डिजिटल मालखाने का औचक निरीक्षण किया।
कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने सोमवार 24 अगस्त को थाना रूरा में देश के पहले डिजिटल मालखाने का औचक निरीक्षण किया। इस नई व्यवस्था में QR कोड और सॉफ्टवेयर की मदद से अब किसी भी केस में जब्त सामान की जानकारी सिर्फ एक क्लिक में मिल सकती है। एसपी ने मौके पर मालखाने में रखे सामान के रखरखाव, उनकी व्यवस्था और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम की बारीकी से जांच की।
डिजिटल मालखाने में सभी सामान को साल के हिसाब से रैक और सब-रैक में व्यवस्थित तरीके से रखा गया है। इस सिस्टम में FIR नंबर डालते ही सॉफ्टवेयर तुरंत बता देता है कि संबंधित माल किस रैक और सब-रैक में रखा है। हर बॉक्स पर QR कोड लगा है, जिसे स्कैन करते ही मुकदमे की पूरी डिटेल, सामान का टाइप और इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर की जानकारी स्क्रीन पर आ जाती है।
डैशबोर्ड के जरिए नकदी, सोना-चांदी, हथियार, NDPS, इलेक्ट्रॉनिक्स, दस्तावेज, लावारिस सामान और कुर्की के सामान को अलग-अलग कैटेगरी में डिजिटल रूप से दर्ज किया गया है। इससे किसी भी तरह के सामान को ढूंढना बेहद आसान हो गया है और पूरी जानकारी कुछ ही सेकंड में हासिल की जा सकती है।
एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने इस पारदर्शी व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि इससे मुकदमों का जल्दी निपटारा होगा और सामान की पहचान में भी आसानी रहेगी। उन्होंने तैनात पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी कि डिजिटल रिकॉर्ड को समय-समय पर अपडेट करते रहें और रखरखाव में पूरी पारदर्शिता बरतें। यह सिस्टम जिले की पुलिस व्यवस्था में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर देहात में डिजिटल मालखाना क्या है?
यह देश का पहला डिजिटल मालखाना है जहां QR कोड और सॉफ्टवेयर की मदद से जब्त सामान की जानकारी तुरंत मिल सकती है। सभी सामान को साल के हिसाब से रैक और सब-रैक में व्यवस्थित तरीके से रखा गया है।
डिजिटल मालखाने से सामान की जानकारी कैसे मिलती है?
FIR नंबर डालते ही सॉफ्टवेयर बताता है कि सामान किस रैक में है। हर बॉक्स पर QR कोड लगा है, जिसे स्कैन करते ही मुकदमे की पूरी डिटेल, सामान का टाइप और इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर की जानकारी स्क्रीन पर आ जाती है।
मालखाने में किन-किन चीजों को अलग कैटेगरी में रखा गया है?
डैशबोर्ड के जरिए नकदी, सोना-चांदी, हथियार, NDPS, इलेक्ट्रॉनिक्स, दस्तावेज, लावारिस सामान और कुर्की के सामान को अलग-अलग कैटेगरी में डिजिटल रूप से दर्ज किया गया है।
इस नई व्यवस्था से क्या फायदा होगा?
इससे मुकदमों का जल्दी निपटारा होगा और सामान की पहचान में भी आसानी रहेगी। किसी भी तरह के सामान को ढूंढना बेहद आसान हो गया है और पूरी जानकारी कुछ ही सेकंड में हासिल की जा सकती है।
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