सुमन का दावा, सपा की ओर बढ़ रहा दलित समाज का रुझान
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा है कि दलित समाज का रुझान तेजी से समाजवादी पार्टी की ओर बढ़ रहा है।
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा है कि दलित समाज का रुझान तेजी से समाजवादी पार्टी की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि 15 नवंबर को आगरा में होने वाला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का विशाल दलित महासम्मेलन दलित समाज को नई राजनीतिक दिशा देने का काम करेगा।
रामजीलाल सुमन सोमवार को हाथरस पहुंचे। उन्होंने सपा जिला कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में आगरा के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में 15 नवंबर को होने वाले दलित महासम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में सुमन ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दलित महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए पार्टी स्तर पर तैयारियों पर चर्चा की गई है। बैठक में इस आयोजन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली गई और पार्टी पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ इस पर बातचीत की गई।
सुमन ने कहा कि दलित समाज का रुझान तेजी से समाजवादी पार्टी की ओर बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएस) की विचारधारा को लेकर दलित समाज में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि आगरा में होने वाला महासम्मेलन इस समाज को नई राजनीतिक दिशा देने का काम करेगा।
‘किसी भी राजनीतिक दल की सत्ता स्थायी नहीं’
अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘अंगद का पैर’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रामजीलाल सुमन ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की सत्ता स्थायी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि जब ब्रिटिश साम्राज्य हमेशा नहीं टिक सका, तो किसी भी राजनीतिक दल की सत्ता भी हमेशा नहीं रह सकती।
सपा सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का बने रहना जनता के विश्वास पर निर्भर करता है। उनके बयान में सत्ता और जनता के बीच के संबंध का जिक्र करते हुए कहा गया कि किसी भी सरकार या राजनीतिक दल के लिए जनता का भरोसा जरूरी है।
राम मंदिर और मथुरा के मुद्दों पर सरकार को घेरा
रामजीलाल सुमन ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राम मंदिर और मथुरा जैसे मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान बेरोजगारी, गरीबी और रोजी-रोटी जैसी बुनियादी समस्याओं से भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आम जनता के सामने रोजगार और आर्थिक परेशानियों जैसी चुनौतियां हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को इन बुनियादी समस्याओं पर गंभीरता से काम करना चाहिए। सुमन के मुताबिक, जनता के सामने रोजगार, गरीबी और रोजी-रोटी से जुड़े सवाल हैं, जबकि सरकार का ध्यान दूसरे मुद्दों की ओर जा रहा है।
निजीकरण और आरक्षण को लेकर जताई चिंता
सरकारी उपक्रमों के निजीकरण का विरोध करते हुए सपा सांसद ने कहा कि इससे दलित और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के आधार पर मिलने वाले रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने निजीकरण को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सरकारी उपक्रमों से जुड़े रोजगार के अवसरों पर इसका असर पड़ सकता है।
रामजीलाल सुमन ने एससी-एसटी कल्याण योजनाओं के बजट को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा था कि इन योजनाओं के लिए आवंटित बजट का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खर्च नहीं हो पाता। उन्होंने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए योजनाओं के बजट के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा, हालांकि इस संबंध में उन्होंने कोई अलग आंकड़ा नहीं बताया।
आजम खान के मामलों को बताया राजनीतिक साजिश
आजम खान के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर प्रतिक्रिया देते हुए रामजीलाल सुमन ने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजम खान के खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक साजिश के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, सुमन ने यह भी कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आजम खान को न्याय मिलेगा।
बैठक में पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, सपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाह सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में आगरा में प्रस्तावित दलित महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए तैयारियों पर चर्चा की गई। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आयोजन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा में हिस्सा लिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रामजीलाल सुमन ने दलित समाज को लेकर क्या दावा किया?
उन्होंने दावा किया कि दलित समाज का रुझान तेजी से समाजवादी पार्टी की ओर बढ़ रहा है।
दलित महासम्मेलन कब और कहां होगा?
दलित महासम्मेलन 15 नवंबर को आगरा के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में होगा।
रामजीलाल सुमन के मुताबिक दलित महासम्मेलन का क्या असर होगा?
उनके मुताबिक, यह सम्मेलन दलित समाज को नई राजनीतिक दिशा देने का काम करेगा।
सुमन ने निजीकरण को लेकर क्या चिंता जताई?
उन्होंने कहा कि सरकारी उपक्रमों के निजीकरण से दलित और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के आधार पर मिलने वाले रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
सुमन ने सरकार पर किन मुद्दों को लेकर निशाना साधा?
उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर और मथुरा जैसे मुद्दों के जरिए बेरोजगारी, गरीबी और रोजी-रोटी की समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है।
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