रायबरेली जेल में कैदियों की बहनों ने सलाखों के पीछे राखी बांधी
रायबरेली के जिला कारागार में रक्षाबंधन के मौके पर एक खास नजारा देखने को मिला जब सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं।
रायबरेली के जिला कारागार में रक्षाबंधन के मौके पर एक खास नजारा देखने को मिला जब सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। जेल परिसर में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावनात्मक झलक देखते ही बनती थी। सलाखों के पीछे जब बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा तो कई बहनों की आंखें नम हो गईं।
जेल प्रशासन ने दूर-दराज से आने वाली बहनों के लिए खास इंतजाम किए थे ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो। पुख्ता सुरक्षा के बीच बहनों ने अपने भाइयों का तिलक लगाया और उनकी लंबी उम्र के साथ-साथ जल्द रिहाई की कामना की। इस भावुक पल में भाइयों ने भी अपनी बहनों को हमेशा सुरक्षा और प्यार देने का वादा किया।
पूरा जेल परिसर इस भाई-बहन के अटूट रिश्ते का गवाह बना। हालांकि सलाखों ने भाई-बहनों को अलग जरूर कर रखा था, लेकिन रक्षाबंधन का ये त्योहार उनके बीच प्यार और विश्वास की डोर को और मजबूत करने का जरिया बन गया। जेल में बंद कैदियों के लिए भी ये पल किसी राहत से कम नहीं था जब उनकी बहनों ने उन्हें याद दिलाया कि बाहर की दुनिया में उनका परिवार उनका इंतजार कर रहा है।
इस मौके पर जेल अधिकारियों ने भी पूरे प्रबंध को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाई। रक्षाबंधन जैसे खास त्योहार पर जेल प्रशासन की ये कोशिश कैदियों और उनके परिवारों दोनों के लिए सुकून भरी साबित हुई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रायबरेली जेल में राखी बांधने का आयोजन कब हुआ?
रक्षाबंधन के मौके पर रायबरेली के जिला कारागार में बहनों ने अपने कैदी भाइयों को राखी बांधने के लिए जेल में आए। जेल प्रशासन ने दूर-दराज से आने वाली बहनों के लिए खास इंतजाम किए थे।
इस आयोजन के दौरान बहनों और भाइयों ने क्या किया?
बहनों ने सलाखों के पीछे अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, तिलक लगाया और उनकी लंबी उम्र के साथ-साथ जल्द रिहाई की कामना की। भाइयों ने भी अपनी बहनों को हमेशा सुरक्षा और प्यार देने का वादा किया।
जेल प्रशासन ने इस त्योहार के लिए क्या व्यवस्था की?
जेल प्रशासन ने दूर-दराज से आने वाली बहनों के लिए खास इंतजाम किए ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो। पूरे प्रबंध को सुचारू रूप से चलाने में जेल अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई और पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की।
इस राखी के आयोजन का कैदियों के लिए क्या मायने था?
जेल में बंद कैदियों के लिए ये पल किसी राहत से कम नहीं था। इस मौके पर बहनों ने उन्हें याद दिलाया कि बाहर की दुनिया में उनका परिवार उनका इंतजार कर रहा है और रक्षाबंधन उनके बीच प्यार और विश्वास की डोर को मजबूत करने का जरिया बन गया।
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