श्रावस्ती के प्राइवेट स्कूल पर मनमानी फीस और डॉक्यूमेंट रोकने का आरोप
श्रावस्ती के एक प्राइवेट स्कूल के खिलाफ मनमानी फीस वसूली और डॉक्यूमेंट नहीं देने के आरोप लगे हैं। परेशान अभिभावक अपने बच्चों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
श्रावस्ती के एक प्राइवेट स्कूल के खिलाफ मनमानी फीस वसूली और डॉक्यूमेंट नहीं देने के आरोप लगे हैं। परेशान अभिभावक अपने बच्चों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायतकर्ता संचित यादव ने डीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि उनके बच्चे ने दो साल तक इस स्कूल में पढ़ाई की। जब नवोदय विद्यालय में दाखिले के लिए मार्कशीट और शैक्षिक दस्तावेज मांगे गए तो स्कूल प्रबंधन ने देने से साफ इनकार कर दिया। यादव ने आरोप लगाया कि स्कूल ने करीब 36 हजार रुपये फीस के नाम पर और 24 हजार रुपये कॉपी-किताब के नाम पर वसूल किए, लेकिन अब जरूरी कागजात देने से मना कर रहा है।
अभिभावकों ने स्कूल की मान्यता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह स्कूल बिना किसी मान्यता के ही चल रहा है और अवैध तरीके से मोटी रकम वसूल कर रहा है। ऐसे में बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है क्योंकि बिना दस्तावेजों के आगे की पढ़ाई में मुश्किल हो रही है।
संचित यादव ने डीएम से मांग की है कि स्कूल की मान्यता की पूरी जांच हो, फीस वसूली के मामले की निष्पक्ष जांच हो और शैक्षिक अभिलेखों को रोकने के मामले में सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए ताकि दूसरे स्कूल ऐसी हरकत करने से बचें। डीएम कार्यालय ने शिकायत दर्ज कर ली है और जांच के आदेश दिए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावस्ती के इस प्राइवेट स्कूल पर क्या आरोप लगे हैं?
स्कूल पर मनमानी फीस वसूली और बच्चों के शैक्षिक दस्तावेज देने से इनकार करने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता संचित यादव के मुताबिक, स्कूल ने करीब 36 हजार रुपये फीस और 24 हजार रुपये कॉपी-किताब के नाम पर वसूल किए, लेकिन जब बच्चे को नवोदय विद्यालय में दाखिले के लिए मार्कशीट मांगी गई तो स्कूल ने देने से साफ इनकार कर दिया।
अभिभावकों ने स्कूल की मान्यता को लेकर क्या कहा है?
अभिभावकों का दावा है कि यह स्कूल बिना किसी मान्यता के ही चल रहा है और अवैध तरीके से मोटी रकम वसूल कर रहा है।
डॉक्यूमेंट न देने से बच्चों को क्या परेशानी हो रही है?
दस्तावेजों के बिना बच्चों को आगे की पढ़ाई में मुश्किल आ रही है क्योंकि उन्हें नई जगह दाखिले के लिए मार्कशीट और शैक्षिक अभिलेख की जरूरत होती है।
संचित यादव ने डीएम से क्या-क्या मांग की है?
उन्होंने स्कूल की मान्यता की पूरी जांच, फीस वसूली के मामले की निष्पक्ष जांच और शैक्षिक अभिलेखों को रोकने के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, अगर स्कूल दोषी पाया जाए तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है।
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