ताइवान में मिला पूर्वी एशिया का सबसे ऊंचा पेड़, 84.1 मीटर ऊंचा
ताइवान का 'हेवन स्वॉर्ड': कैसे वैज्ञानिकों ने पूर्वी एशिया का सबसे ऊंचा पेड़ प्राचीन जंगलों में खोजा ताइवान के दूर-दराज पहाड़ों में सदियों से एक विशाल प्राकृतिक चमत्कार छिपा हुआ था।
ताइवान का 'हेवन स्वॉर्ड': कैसे वैज्ञानिकों ने पूर्वी एशिया का सबसे ऊंचा पेड़ प्राचीन जंगलों में खोजा
ताइवान के दूर-दराज पहाड़ों में सदियों से एक विशाल प्राकृतिक चमत्कार छिपा हुआ था। घने जंगलों और मुश्किल रास्तों के बीच छिपा यह विशाल पेड़ अपनी बड़ी ऊंचाई के बावजूद वैज्ञानिकों की नजर से बचा रहा। हाल ही में शोधकर्ताओं ने इसे खोजा और मापा, और अब इसे पूर्वी एशिया का सबसे ऊंचा पेड़ माना जा रहा है।
इस पेड़ को "दान नदी का हेवन स्वॉर्ड" नाम दिया गया है। ताइवानिया क्रिप्टोमेरियोइड्स प्रजाति का यह पेड़ 84.1 मीटर ऊंचा है, जो ज्यादातर शहरी इमारतों से भी ऊंचा है। इसे खोजने में वैज्ञानिकों ने सालों तक मेहनत की, जिसमें एडवांस LiDAR स्कैनिंग टेक्नोलॉजी, ग्राउंड सर्वे, एक्सपर्ट क्लाइंबर्स और इकोलॉजिकल स्टडीज का इस्तेमाल किया गया।
इस खास पेड़ को खोजने का सफर 2014 में शुरू हुआ। ताइवान के फॉरेस्ट्री रिसर्च इंस्टीट्यूट, नेशनल चेंग कुंग यूनिवर्सिटी और ताइवान चैंपियन ट्री प्रोजेक्ट के वैज्ञानिकों ने मिलकर काम किया। उन्होंने एयरबॉर्न लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (LiDAR) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर ताइवान के जंगलों का थ्री-डायमेंशनल नक्शा तैयार किया। इससे 65 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले सैकड़ों पेड़ों का पता चला, जिसमें सबसे ऊंचा पेड़ दान नदी के ऊपरी इलाकों में पाया गया। इसकी पुष्टि के लिए पर्वतारोहियों, इकोलॉजिस्ट्स, जियोलॉजिस्ट्स, रिमोट सेंसिंग एक्सपर्ट्स और आर्बोरिस्ट्स की टीम ने चुनौतीपूर्ण अभियान किया।
टीम जब इस पेड़ तक पहुंची, तो उन्होंने इसे 84.1 मीटर ऊंचा और लगभग 8.5 मीटर के घेरे वाला मापा। शोधकर्ताओं ने अपनी मेहनत को *द जर्नी ऑफ फाइंडिंग द टॉलस्ट ट्री इन फॉर्मोसा ताइवान* नामक स्टडी में दर्ज किया। उन्होंने इसे ताइवान के बचे हुए विशाल पेड़ों को खोजने और रिकॉर्ड करने की लंबी प्रक्रिया बताया।
हेवन स्वॉर्ड पेड़ ताइवानिया क्रिप्टोमेरियोइड्स प्रजाति का है, जिसे ताइवानिया साइप्रेस भी कहा जाता है। यह प्राचीन जंगलों का जीवित अवशेष माना जाता है, जो कभी पूर्वी एशिया के बड़े हिस्से में फैले हुए थे। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह पेड़ लगभग 1,000 साल पुराना है। यह आसपास की वनस्पतियों से ऊंचा है और पुराने जंगलों के उस अनोखे इकोसिस्टम का हिस्सा है, जो पौधों, कीड़ों, कवक, पक्षियों और अन्य जानवरों को सहारा देता है।
ताइवान के पहाड़ी इलाके दुनिया के उन गिने-चुने जगहों में हैं, जहां 70 मीटर से ज्यादा ऊंचे पेड़ पनप सकते हैं। पहले के सर्वे में ताइवान में 900 से ज्यादा विशाल पेड़ों की पहचान हुई थी, जो ताइवान के जंगलों की विविधता और पूर्वी एशिया में बड़े पुराने पेड़ों के केंद्र के रूप में इसकी भूमिका को दिखाता है।
इस पेड़ की रिकॉर्ड तोड़ ऊंचाई के अलावा, हेवन स्वॉर्ड पेड़ का वैज्ञानिक महत्व भी बहुत बड़ा है। ऐसे विशाल पेड़ कार्बन स्टोर करने, मिट्टी को स्थिर रखने, स्थानीय मौसम को नियंत्रित करने और जैव विविधता को सहारा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। पुराने जंगल, जिनमें ऐसे पेड़ होते हैं, दशकों तक के ऐतिहासिक जलवायु और पारिस्थितिक डेटा के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं।
शोधकर्ताओं ने आधुनिक टेक्नोलॉजी, जैसे एयरबॉर्न LiDAR, की अहमियत पर जोर दिया, जिससे ऐसे दूरदराज प्राकृतिक चमत्कारों को खोजा जा सकता है जो अन्यथा छिपे रहते। हेवन स्वॉर्ड पेड़ इस बात की याद दिलाता है कि 21वीं सदी में भी प्राकृतिक दुनिया में असाधारण खोजें अभी बाकी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ताइवान में सबसे ऊंचा पेड़ कितना ऊंचा है?
ताइवान में सबसे ऊंचा पेड़ 84.1 मीटर ऊंचा है।
इस पेड़ का नाम क्या है?
इस पेड़ का नाम 'दान नदी का हेवन स्वॉर्ड' है।
यह पेड़ किस प्रजाति का है?
यह पेड़ ताइवानिया क्रिप्टोमेरियोइड्स प्रजाति का है।
इस पेड़ को खोजने में वैज्ञानिकों ने कौन सी तकनीक का इस्तेमाल किया?
वैज्ञानिकों ने एयरबॉर्न LiDAR स्कैनिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया।
हेवन स्वॉर्ड पेड़ का वैज्ञानिक महत्व क्या है?
यह पेड़ कार्बन स्टोर करने, मिट्टी को स्थिर रखने और जैव विविधता को सहारा देने में अहम भूमिका निभाता है।
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