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RPF ने भागे बच्चों को बचाकर परिवार से मिलवाया

दो बच्चे भागकर पहुंचे रेलवे स्टेशन, RPF ने बचाया और परिवार से मिलवाया शिवमोग्गा: रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने इस हफ्ते शिवमोग्गा टाउन और हरिहर रेलवे स्टेशन पर दो बच्चों को बचाया, जो घर से भागकर

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दो बच्चे भागकर पहुंचे रेलवे स्टेशन, RPF ने बचाया और परिवार से मिलवाया

शिवमोग्गा: रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने इस हफ्ते शिवमोग्गा टाउन और हरिहर रेलवे स्टेशन पर दो बच्चों को बचाया, जो घर से भागकर स्टेशन पर घूमते मिले थे। दोनों बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर अथॉरिटीज को सौंपा गया और फिर RPF की नन्हे फरिश्ते पहल के तहत उनके परिवारों से मिलवाया गया।

पहला मामला मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे शिवमोग्गा टाउन रेलवे स्टेशन पर हुआ। RPF के जवान वाई.जे. भास्कर ने सीसीटीवी मॉनिटरिंग के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर एक बच्चे को घूमते हुए देखा। जांच में पता चला कि 12 साल का यह बच्चा करण है, जो चिकमंगलूर जिले के कडूर का रहने वाला है और शिवमूर्ति का बेटा है। करण ने बताया कि वह अपने माता-पिता को बिना बताए घर से निकल गया था और कडूर से शिवमोग्गा तक आ गया।

RPF ने तुरंत शिवमोग्गा के जिला बाल संरक्षण इकाई को सूचना दी। करण को चाइल्ड हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर को सौंपा गया, जहां उसकी काउंसलिंग की गई और फिर सुरक्षित तरीके से उसके परिवार से मिलवाया गया।

दूसरा मामला बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे हरिहर रेलवे स्टेशन पर हुआ। RPF के जवान सत्यनारायण ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर एक और 12 साल के बच्चे को संदिग्ध हालत में घूमते हुए देखा। पूछताछ में पता चला कि यह बच्चा आदित्य है, जो बेंगलुरु का रहने वाला है और रामप्रसाद शर्मा का बेटा है। आदित्य ने बताया कि उसने स्कूल की वजह से परेशान होकर घर छोड़ दिया था।

हरिहर RPF ने तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) से संपर्क किया। इसके बाद दावणगेरे की डॉन बॉस्को चैरिटेबल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने आदित्य की काउंसलिंग की। आदित्य को NGO को सौंपा गया, जहां से उसे सुरक्षित उसके परिवार से मिलवाया गया।

RPF की नन्हे फरिश्ते पहल के तहत रेलवे परिसरों में बच्चों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाता है। ये मामले RPF की बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाते हैं।

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