किरेन रीजीजू ने चीन सीमा पर बढ़ाया विकास कार्यों का रफ्तार
केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगती सीमा पर चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के काम का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगती सीमा पर चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के काम का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाके चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार इन इलाकों के विकास के लिए पूरी तरह से कमिटेड है।
रीजीजू ने बताया कि उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के माजा, गैलेमो और टाकसिंग इलाकों का दौरा किया है। इन इलाकों में चल रही बुनियादी ढांचे की प्रोजेक्ट्स को तेज करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। ये इलाके भारत-चीन बॉर्डर के बेहद संवेदनशील हिस्से में आते हैं, जहां पहले विकास कार्यों की रफ्तार धीमी रही है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पहले सीमावर्ती इलाकों की उपेक्षा की गई थी, लेकिन अब मौजूदा सरकार ने इन क्षेत्रों के विकास को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में रखा है। रीजीजू ने जोर देकर कहा कि सीमा क्षेत्रों का विकास अब सरकार की टॉप प्रायॉरिटी है।
अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी माना जा रहा है। पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को देखते हुए इन इलाकों में सड़कें, पुल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है। इससे न सिर्फ सुरक्षा बलों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किरेन रीजीजू ने चीन सीमा पर क्या काम किया है?
केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने अरुणाचल प्रदेश के माजा, गैलेमो और टाकसिंग इलाकों का दौरा किया है। ये इलाके भारत-चीन बॉर्डर के संवेदनशील हिस्से में हैं। उन्होंने यहां चल रहे बुनियादी ढांचे की प्रोजेक्ट्स को तेज करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
सीमावर्ती इलाकों में विकास कार्यों की क्या जरूरत है?
सीमा क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी है। सड़कें, पुल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से सुरक्षा बलों की आवाजाही आसान होगी और स्थानीय लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
पहले सीमावर्ती इलाकों के साथ क्या हुआ था?
पहले सीमावर्ती इलाकों की उपेक्षा की गई थी और विकास कार्यों की रफ्तार धीमी रही थी। मौजूदा सरकार ने इन क्षेत्रों के विकास को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में रखा है।
मोदी सरकार सीमांचल इलाकों के लिए क्या कह रही है?
नरेंद्र मोदी सरकार ने कहा है कि हालांकि सीमावर्ती इलाके चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सरकार इन इलाकों के विकास के लिए पूरी तरह से कमिटेड है। सीमा क्षेत्रों का विकास अब सरकार की टॉप प्रायॉरिटी है।
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