श्रावस्ती में बूढ़ी राप्ती नदी में मगरमच्छ मिलने से हड़कंप
श्रावस्ती में बूढ़ी राप्ती नदी में मगरमच्छ दिखाई देने से इलाके में हड़कंप मच गया है। कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी में जाल लगाकर निगरानी शुरू कर दी गई है।
श्रावस्ती में बूढ़ी राप्ती नदी में मगरमच्छ दिखाई देने से इलाके में हड़कंप मच गया है। कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी में जाल लगाकर निगरानी शुरू कर दी गई है। एसएसबी जवानों ने मगरमच्छ देखने के बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, एसएसबी 42वीं वाहिनी के प्रभारी उपनिरीक्षक पवन कुमार के निर्देश पर जानकी सीमा चौकी के उपनिरीक्षक संजय कुमार अपनी टीम के साथ गश्त पर निकले थे। इसी दौरान मल्हीपुर थाना क्षेत्र के मुरैला और भेड़हिया गांवों के बीच बूढ़ी राप्ती नदी में मगरमच्छ देखा गया। यह स्थान सीमा स्तंभ संख्या 645/1 से करीब 200 मीटर ऊपर है। जवानों ने तुरंत वन विभाग की टीम को बुलाया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर नदी में जाल लगाया और निगरानी शुरू की।
सावन के अंतिम सोमवार को बड़ी संख्या में कांवड़िया श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए नदी के आसपास पहुंचने की संभावना है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी के पास अनावश्यक रूप से न जाएं और पानी में उतरते समय सावधानी बरतें।
वन विभाग की टीम लगातार मगरमच्छ की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। इलाके में सुरक्षा के लिए एसएसबी जवानों और वनकर्मियों की तैनाती की गई है। स्थानीय लोगों में मगरमच्छ की उपस्थिति को लेकर डर का माहौल है, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावस्ती में मगरमच्छ कहाँ दिखाई दिया?
श्रावस्ती के मल्हीपुर थाना क्षेत्र में मुरैला और भेड़हिया गांवों के बीच बूढ़ी राप्ती नदी में मगरमच्छ दिखाई दिया। यह जगह सीमा स्तंभ संख्या 645/1 से करीब 200 मीटर ऊपर है।
मगरमच्छ देखने के बाद क्या कदम उठाए गए?
एसएसबी जवानों ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम पहुंची और नदी में जाल लगाकर निगरानी शुरू कर दी। सुरक्षा को और मजबूत किया गया और एसएसबी जवानों और वनकर्मियों को तैनात किया गया।
सुरक्षा बढ़ाने का कारण क्या है?
सावन के अंतिम सोमवार को बड़ी संख्या में कांवड़िया श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए नदी के आसपास आने वाले हैं। किसी अनहोनी घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाई गई है।
लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
वन विभाग ने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी के पास अनावश्यक रूप से न जाएं और पानी में उतरते समय सावधानी बरतें।
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