पश्चिमी घाट में खोजी गई बेगोनिया की नई प्रजाति
केरल के शोधकर्ताओं ने पश्चिमी घाट में बेगोनिया पौधे की एक नई प्रजाति खोजी है, जिसका नाम Begonia rajvikramanii रखा गया है।
केरलम के शोधकर्ताओं ने पश्चिमी घाट में Begonia की एक नई प्रजाति खोजी है
तिरुवनंतपुरम के Jawaharlal Nehru Tropical Botanic Garden and Research Institute के शोधकर्ताओं ने केरलम के कोल्लम जिले के Rosemala से Begonia की एक नई प्रजाति की पहचान की है। इससे पश्चिमी घाट से एक नया बॉटनिकल रिकॉर्ड जुड़ गया है।
सोर्स मटेरियल के मुताबिक, यह पौधा Rosemala के एवरग्रीन जंगलों से जंगली सजावटी पौधे इकट्ठा करने के लिए की गई खोज के दौरान देखा गया।
जंगली सजावटी पौधों के सर्वे के दौरान मिला
यह प्रजाति Begonia जीनस से जुड़ी है और इसकी पहचान कोल्लम जिले के पश्चिमी घाट क्षेत्र से की गई।
रिसर्च टीम तिरुवनंतपुरम के Jawaharlal Nehru Tropical Botanic Garden and Research Institute से थी, जिसे JNTBGRI के नाम से जाना जाता है।
यह खोज ऐसे समय में रिपोर्ट की गई है, जब पश्चिमी घाट क्षेत्र Ecologically Sensitive Areas को लेकर केरलम सरकार की सिफारिशों के सिलसिले में फिर खबरों में है।
पौधे को एक अलग प्रजाति के रूप में पहचानने के बाद शोधकर्ताओं ने इसका नाम R. Raj Vikraman के नाम पर Begonia rajvikramanii रखा।
R. Raj Vikraman JNTBGRI में Garden Management Division के पूर्व Head हैं।
यह नामकरण JNTBGRI गार्डन के विकास में उनके योगदान और संस्थान में ex situ plant conservation programmes के मैनेजमेंट में उनके काम को मान्यता देता है।
JNTBGRI, Kerala State Council for Science, Technology and Environment, या KSCSTE, के तहत काम करता है।
Phytotaxa में पेपर प्रकाशित
इस खोज और पौधे की नई प्रजाति के रूप में पहचान पर एक पेपर Phytotaxa के ताजा अंक में प्रकाशित हुआ है।
इस पेपर के लेखक JNTBGRI के E.S. Santhosh Kumar, S.M. Shareef, P.P. Anusha और Rejitha Joseph हैं।
सोर्स मटेरियल में कहा गया है कि यह पौधा गीली चट्टानी खड़ी ढलानों पर उगता हुआ मिला।
पेपर में कहा गया, “यह नई प्रजाति फिलहाल केवल Rosemala में अपनी type locality से ही जानी जाती है। यह गीले habitats में उगती है, खासकर चट्टानी खड़ी ढलानों और road-cut walls पर, लगभग 200 metres-350 metres की ऊंचाई पर।”
Begonia rajvikramanii में फूल और फल आने का समय August से April के बीच होता है।
शोधकर्ताओं ने इसे अलग क्यों माना
लेखकों ने कहा कि उपलब्ध साहित्य, type specimens और authenticated herbarium materials के साथ विस्तृत तुलना से पता चला कि यह पौधा आकार-रूप के आधार पर Begonia tenera Dryander से सबसे ज्यादा मिलता-जुलता है।
लेखकों के मुताबिक, Begonia tenera Dryander भारत और Sri Lanka में पाई जाने वाली एक प्रजाति है।
लेखकों ने कहा कि Rosemala का पौधा कई शारीरिक खूबियों में Begonia tenera Dryander से अलग था, इसलिए इसे एक अलग प्रजाति के रूप में मान्यता देना जरूरी था।
आबादी और संरक्षण आकलन
JNTBGRI टीम के मुताबिक, Begonia rajvikramanii की देखी गई आबादी में लगभग 200 mature individuals शामिल हैं।
टीम ने कहा कि यह प्रजाति 5 km² से कम क्षेत्र में पाई जाती है।
IUCN Red List Categories and Criteria (IUCN, 2024) का इस्तेमाल करते हुए Begonia rajvikramanii को ‘Data Deficient’ (DD) के रूप में आंका गया है।
JNTBGRI टीम के मुताबिक, यह आकलन भविष्य में व्यापक आकलन होने तक लंबित है।
पश्चिमी घाट में Begonia
Begonia जीनस फूलदार पौधों के सबसे बड़े जीनस में से एक है, जिसमें 2,200 accepted species हैं।
यह जीनस मुख्य रूप से Africa, Asia और America के tropical और sub-tropical क्षेत्रों में पाया जाता है।
पश्चिमी घाट में यह जीनस 23 प्रजातियों के रूप में मौजूद है।
यह रिपोर्ट September 27, 2026 को 04:30 pm IST पर प्रकाशित हुई थी।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पश्चिमी घाट में Begonia की नई प्रजाति किसने खोजी है?
तिरुवनंतपुरम के Jawaharlal Nehru Tropical Botanic Garden and Research Institute (JNTBGRI) के शोधकर्ताओं ने केरलम के कोल्लम जिले के Rosemala से इस नई प्रजाति की पहचान की है।
बेगोनिया की इस नई प्रजाति का नाम क्या रखा गया है?
इस नई प्रजाति का नाम JNTBGRI के पूर्व Head R. Raj Vikraman के नाम पर Begonia rajvikramanii रखा गया है।
Begonia rajvikramanii कहां और कैसै वतावरण में मिलती है?
यह पौधा Rosemala मेई गीली चट्टानी खड़ी ढलानों और रोड-कट वॉल पर, लभगभ 200 से 350 मीटर की ऊँचाई पर उगता हुआ मिला है।
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