अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों पर विवाद बढ़ता जा रहा है।
यूपी सरकार ने मामले की जांच के लिए 3 सदस्यों की SIT बनाई है।
सेवादार केडी तिवारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों पर विवाद बढ़ता जा रहा है।
यूपी सरकार ने मामले की जांच के लिए 3 सदस्यों की SIT बनाई है।
सेवादार केडी तिवारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है।

Ongoing investigation into Ram Mandir donation theft allegat · NewsDarpan AI
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यूपी सरकार ने इस मामले की जांच के लिए 3 सदस्यों की SIT का गठन किया है। SIT को 7 दिनों में शुरुआती रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
सेवादार कृष्ण देव तिवारी उर्फ केडी तिवारी ने अपने ऊपर लगे ₹1.5 करोड़ की जमीन खरीद के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके दोनों बेटों ने दिसंबर 2023 में अपने नाम से जमीन खरीदी थी, जो उनकी मंदिर सेवा से पहले की बात है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका काम केवल मंदिर में चढ़ाए गए गहनों को इकट्ठा कर ट्रस्ट के अधिकारियों तक पहुंचाना था।
धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे ने भी ट्रस्ट के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान एकत्रित की गई 1200 से अधिक पूजित शिलाएं गायब हो गईं। दुबे ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के कुछ सदस्यों ने दानपेटियों और अन्य संपत्तियों में अनियमितताएं की हैं।
इस बीच, समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से ₹5-7 करोड़ तक की चोरी हुई है। उन्होंने कोर्ट से मामले की जांच की मांग की है। बीजेपी नेता डॉ. रजनीश सिंह ने भी पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की है।