अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में चोरी का मामला: 5 आरोपी गिरफ्तार, 2
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले में 5 आरोपियों से पूछताछ के बाद 2 करोड़ रुपये बरामद हुए। सरकार ने जांच के लिए SIT बनाई है।
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावे में चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर के नाम शामिल हैं। फिलहाल लवकुश और अनुकल्पुलिस कस्टडी में हैं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने शनिवार को एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था, जो रविवारात तक अयोध्या पहुंच गई। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने तीन दिन पहले ही एक आईपीएस अधिकारी को अयोध्या भेजकर चोरी की गुप्त जांच शुरू कर दी थी। SIT को एक हफ्ते में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की तबीयत खराब बताई जा रही है। ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य, डॉ. अनिल मिश्रा, भी इलाज के लिए अयोध्या से बाहर हैं। इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मांग की है कि जिन ट्रस्ट अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक उनके पद से हटाया जाए। वहीं, बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा है कि सभी दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
रामंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने रविवार को बताया कि SIT जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही रिपोर्ट सामने आएगी। यह मामला ट्रस्ट और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। चोरी की इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर चर्चा छेड़ दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों (लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर) को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं।
इस जांच के लिए क्या विशेष कदम उठाए गए हैं?
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। SIT को एक हफ्ते में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। केंद्र सरकार ने तीन दिन पहले ही एक आईपीएस अधिकारी को भेजकर गुप्त जांच शुरू कर दी थी।
ट्रस्ट के अधिकारियों की सेहत के बारे में क्या सुना जा रहा है?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की तबीयत खराब है। ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य, डॉ. अनिल मिश्रा, भी इलाज के लिए अयोध्या से बाहर हैं।
राजनेताओं की क्या प्रतिक्रिया रही है?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मांग की है कि जिन ट्रस्ट अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक उनके पद से हटाया जाए। बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा है कि सभी दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
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