राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता पर जमकर हमला बोला
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में जलभराव और शहर की बदहाली को लेकर स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका पर जमकर हमला बोला है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में जलभराव और शहर की बदहाली को लेकर स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका पर जमकर हमला बोला है। टिकैत ने साफ शब्दों में कहा कि शहर में पानी निकालने की व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया है।
राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि शहर में नाले तो बनाए जाते हैं, लेकिन उनकी मिट्टी तक बाहर नहीं निकाली जाती। नालों पर स्लैब डालकर मिट्टी को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है, जिसकी वजह से पूरे शहर में पानी भर जाता है। इसके अलावा उन्होंने पुराने मजबूत खंभों और लाइटों को हटाकर जालीदार खंभे लगाने पर भी सवाल उठाए। टिकैत ने कहा कि इन खंभों को हटाने और नए लगाने में कई सौ करोड़ रुपये का खेल चल रहा है और सारा पैसा केवल बिलिंग और कागजी टेंडरों में जा रहा है।
प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए टिकैत ने कहा कि सिसौली स्थित किसान भवन के निर्माण में 38 लाख रुपये का हिसाब आज तक नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जब ठेकेदार और अधिकारी मिलकर किसान भवन के 38 लाख रुपये हजम कर सकते हैं, तो वे पूरे शहर के बजट का क्या हाल कर रहे होंगे।
टिकैत ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने की हिम्मत किसी में नहीं है और सब माल डकार रहे हैं। सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावे को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और सब कुछ कैश में निपट रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई इस अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसके खिलाफ ही उल्टी कार्रवाई करवा दी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में क्या समस्या बताई है?
राकेश टिकैत ने कहा कि शहर में जलभराव की समस्या है क्योंकि पानी निकालने की व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नाले तो बनाए जाते हैं, लेकिन उनकी मिट्टी बाहर नहीं निकाली जाती और नालों पर स्लैब डालकर मिट्टी को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है।
खंभों और लाइटों को बदलने के बारे में टिकैत ने क्या कहा?
टिकैत ने कहा कि पुराने मजबूत खंभों और लाइटों को हटाकर जालीदार खंभे लगाने में कई सौ करोड़ रुपये का खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सारा पैसा केवल बिलिंग और कागजी टेंडरों में जा रहा है।
सिसौली स्थित किसान भवन के बारे में टिकैत ने क्या कहा?
टिकैत ने कहा कि सिसौली में किसान भवन के निर्माण में 38 लाख रुपये का हिसाब आज तक नहीं दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ठेकेदार और अधिकारी यह रकम हजम कर सकते हैं, तो पूरे शहर के बजट का क्या हाल होगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर टिकैत क्या कहते हैं?
टिकैत ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने की हिम्मत किसी में नहीं है और जो लोग इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ ही उल्टी कार्रवाई करवा दी जाती है। उन्होंने सरकार के Zero Tolerance के दावे को खारिज करते हुए कहा कि जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
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