मुजफ्फरनगर में विधवा को घर से बेदखल करने का आरोप
मुजफ्फरनगर से संपत्ति विवाद और घर से बेदखली का एक गंभीर मामला सामने आया है। सुधा त्यागी ने प्रेस वार्ता कर अपनी सास हुक्मावती और परिवार के कुछ सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुजफ्फरनगर से संपत्ति विवाद और घर से बेदखली का एक गंभीर मामला सामने आया है। सुधा त्यागी ने प्रेस वार्ता कर अपनी सास हुक्मावती और परिवार के कुछ सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुधा त्यागी का आरोप है कि अपने पति और इकलौते बेटे की मौत के बाद उन्हें घर से निकाला जा रहा है और उनकी संपत्ति पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
सुधा त्यागी के मुताबिक उनके पति शिव कुमार त्यागी की मौत साल 2009 में हो गई थी और इकलौते बेटे आशुतोष त्यागी का साल 2017 में निधन हो गया। इसके बाद से उनकी सास हुक्मावती ने उनके साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया और संपत्ति के मामले में परेशान करना शुरू किया। सुधा त्यागी ने आरोप लगाया कि साल 1998 में उनकी सास ने उनसे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए थे। उस समय उन्हें बताया गया था कि ये पेंशन से जुड़े कागजात हैं, लेकिन बाद में पता चला कि इन्हीं कागजों के जरिए जमीन-जायदाद का बड़ा हिस्सा हुक्मावती के नाम करा लिया गया। इसके खिलाफ सुधा त्यागी ने सिविल कोर्ट में दस्तावेज रद्द कराने का मुकदमा दायर किया है।
सुधा त्यागी ने जोगिंदर नाम के एक शख्स पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जोगिंदर पहले से आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और करीब 14 साल जेल में रहने के बाद बाहर आया है। उनके अनुसार, थाना छपार में जोगिंदर के खिलाफ मुकदमा संख्या 237/225 सहित धारा 420 और दूसरी धाराओं में केस दर्ज है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। सुधा त्यागी ने आरोप लगाया कि जोगिंदर और उसके साथी उन्हें और परिवार के दूसरे सदस्यों को धमकियां दे रहे हैं और संपत्ति पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
सुधा त्यागी ने यह भी आरोप लगाया कि जोगिंदर को संपत्ति में शामिल करने के लिए उनके ससुर श्रद्धानंद त्यागी का नाम उसके पिता के रूप में दर्ज कराया गया। योगेंद्र वर्मा, जो राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू महासभा हैं, ने मीडिया को बताया कि जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय संत महासभा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित सुधा त्यागी और शिवनंदनी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेगा। उन्होंने कहा कि शासन को पूरी जानकारी दी जाएगी कि किस तरह स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धानंद त्यागी की संपत्ति का दुरुपयोग कर उसे जबरदस्ती हड़पा जा रहा है।
फिलहाल संपत्ति विवाद से जुड़े मामले अदालत में विचाराधीन बताए जा रहे हैं। सुधा त्यागी द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुजफ्फरनगर में सुधा त्यागी को किस बात की शिकायत है?
सुधा त्यागी का कहना है कि उनके पति की 2009 में और इकलौते बेटे की 2017 में मौत के बाद उन्हें घर से निकाला जा रहा है। उनके अनुसार उनकी सास हुक्मावती उनके साथ दुर्व्यवहार कर रही है और उनकी संपत्ति पर जबरन कब्जा किया जा रहा है।
सुधा त्यागी के अनुसार 1998 में क्या हुआ था?
सुधा त्यागी ने आरोप लगाया कि उनकी सास हुक्मावती ने उन्हें कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए। बताया गया था कि ये पेंशन से जुड़े कागजात हैं, लेकिन बाद में पता चला कि इन्हीं कागजों के जरिए उनकी जमीन-जायदाद का बड़ा हिस्सा हुक्मावती के नाम करा दिया गया।
जोगिंदर कौन है और सुधा ने उस पर क्या आरोप लगाए हैं?
जोगिंदर पर सुधा का आरोप है कि वह आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और करीब 14 साल जेल में रहने के बाद बाहर आया है। सुधा का दावा है कि जोगिंदर और उसके साथी उन्हें धमकियां दे रहे हैं और संपत्ति पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस मामले में अभी क्या स्थिति है?
संपत्ति विवाद से जुड़े मामले फिलहाल अदालत में विचाराधीन हैं। सुधा त्यागी ने सिविल कोर्ट में दस्तावेज रद्द कराने का मुकदमा दायर किया है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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