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रायबरेली जेल में बंदियों ने की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की भव्य सजावट

रायबरेली जिला कारागार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। जेल की सलाखों के पीछे इस मौके पर एक अनूठा धार्मिक और उत्साही माहौल देखने को मिला।

रायबरेली जेल में बंदियों ने की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की भव्य सजावट
Image credit: News Darpan Team

रायबरेली जिला कारागार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया।

जेल की सलाखों के पीछे इस मौके पर एक अनूठा धार्मिक और उत्साही माहौल देखने को मिला। पूरे कारागार परिसर को भव्य झांकियों, रंग-बिरंगी झालरों और मनमोहक सजावट से सजाया गया। जेल परिसर किसी भक्तिमय स्थल जैसा नजर आने लगा।

इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पूरी सजावट और तैयारियां जेल में बंद बंदियों ने ही की थीं। जेल अधीक्षक प्रभात सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार जन्माष्टमी की पूरी सजावट और झांकियों का निर्माण बंदियों ने खुद किया है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों का मकसद बंदियों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, रचनात्मकता और आपसी सौहार्द की भावना को बढ़ाना है।

कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ भक्ति का माहौल बना रहा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रायबरेली जेल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कैसे मनाई गई?

रायबरेली जिला कारागार में जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। पूरे परिसर को भव्य झांकियों, रंग-बिरंगी झालरों और सुंदर सजावट से सजाया गया। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और जयकारों का माहौल था।

जन्माष्टमी की सजावट किसने की?

इस बार जन्माष्टमी की पूरी सजावट, झांकियों और तैयारियां जेल में बंद बंदियों ने खुद की थीं। यह सब कुछ बंदियों की रचनात्मकता और मेहनत का परिणाम था।

जेल में इस तरह के आयोजन करने का क्या मकसद है?

जेल अधीक्षक प्रभात सिंह के अनुसार, इस तरह के आयोजनों का मकसद बंदियों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, रचनात्मकता और आपसी सौहार्द की भावना को बढ़ाना है।

जेल परिसर को कैसे सजाया गया था?

पूरे कारागार परिसर को भव्य झांकियों, रंग-बिरंगी झालरों और मनमोहक सजावट से सजाया गया। जेल परिसर किसी भक्तिमय स्थल जैसा नजर आ रहा था।

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